Home » झारखंड मतदाता सूची पुनरीक्षण: के. रवि कुमार ने दिए नोटिस सुनवाई व डिजिटाइजेशन के सख्त निर्देश !
झारखंड मतदाता सूची पुनरीक्षण: नोटिस सुनवाई और आदेशों के डिजिटाइजेशन की समीक्षा, फॉर्म-8 अनिवार्य !
रांची : झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) श्री के. रवि कुमार ने राज्य में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से संबंधित कार्यों की समीक्षा की। बुधवार को आयोजित एक उच्चस्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि नोटिस सुनवाई और पारित सकारण आदेशों (Speaking Orders) का 100% डिजिटाइजेशन सुनिश्चित किया जाए।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि एक भी पात्र भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल होने से नहीं छूटना चाहिए।
1. बिना दस्तावेज वाले पात्र व्यक्तियों के लिए बनेगा विशेष आउटरीच प्लान
समीक्षा बैठक के दौरान श्री के. रवि कुमार ने निर्देश दिया कि नए मतदाताओं के पंजीकरण (फॉर्म-6) के लिए विशेष अभियान चलाए जाएं।
मुख्य निर्देश: “ऐसे पात्र भारतीय नागरिक, जिन्हें फॉर्म-6 के घोषणा पत्र के लिए आवश्यक सहायक दस्तावेज जुटाने में परेशानी हो रही है, उनकी बूथवार सूची तैयार की जाए। निर्वाचन आयोग की टीम आउटरीच कार्यक्रम के तहत खुद उन तक पहुंचेगी और दस्तावेज उपलब्ध कराने में मदद करेगी।”
2. मतदाता सूची में विवरण या स्थान बदलने के लिए फॉर्म-8 अनिवार्य
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि जिन मतदाताओं के इन्यूमरेशन फॉर्म (Enumeration Form) में कोई विसंगति नहीं थी और नोटिस सुनवाई में विवरण सही पाए गए हैं, उनका नाम अंतिम मतदाता सूची में यथावत रहेगा।
हालांकि, उन्होंने स्पष्ट रूप से बताया कि यदि किसी मतदाता को मतदाता सूची में अपना नाम, पता, स्थान या अन्य विवरण बदलना है, तो इसके लिए फॉर्म-8 (Form-8) भरना पूरी तरह अनिवार्य है।
3. नो-मैपिंग और तार्किक विसंगतियों पर सख्त रुख
बैठक में ERO (निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी) और AERO (सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी) स्तर पर प्रथम एवं द्वितीय नोटिस के निष्पादन की स्थिति जांची गई।
द्वितीय नोटिस और BLO का गृह भ्रमण: BLO द्वारा घर का दौरा (Home Visit) किए जाने के बावजूद यदि किसी व्यक्ति ने स्वीकार्य दस्तावेज जमा नहीं किए हैं, तो उनकी बूथवार सूची बनाकर आउटरीच अभियान चलाया जाएगा।
ECINET पर अपलोड होंगे आदेश: डेमोग्राफिकली सिमिलर एंट्री (DSE), नो-मैपिंग और अन्य विसंगतियों में नियमानुसार सुनवाई के बाद सकारण आदेश पारित होंगे। गलत प्रविष्टि पाए जाने पर नाम हटाने (Deletion) की कार्रवाई होगी और सभी आदेशों को ECINET पर ऑनलाइन अपलोड किया जाएगा।
4. दावों और आपत्तियों का समय-सीमा में निष्पादन
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने फॉर्म-6, 6A, 7 और 8 के माध्यम से प्राप्त सभी आवेदनों के डिजिटलीकरण की समीक्षा की और लंबित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि SIR ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद मिले दावों और आपत्तियों का निर्धारित समय के भीतर निष्पादन किया जाए, ताकि मतदाता सूची पूरी तरह पारदर्शी और शुद्ध रहे।
बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी
इस समीक्षा बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुबोध कुमार, राज्य ट्रेनिंग नोडल पदाधिकारी श्री देव दास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी श्री धीरज कुमार ठाकुर, अवर निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुनील कुमार सहित सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारी, ERO, AERO एवं कंप्यूटर ऑपरेटर उपस्थित थे।