Home » हेमन्त सोरेन कैबिनेट बैठक: पोलिटेकनिक इंटर्नशिप, स्वास्थ्य कानून और पशु आहार कारखाने समेत कई बड़े फैसलों को मंजूरी !
राँची: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस उच्चस्तरीय बैठक में राज्य के समग्र विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, ग्रामीण विकास और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े 50 से अधिक प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। सरकार के इन फैसलों से राज्य के युवाओं, किसानों और विभिन्न विभागों के कर्मियों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
शिक्षा, कौशल विकास और स्वास्थ्य कानून
राज्य के तकनीकी संस्थानों को मजबूत करने के लिए राजकीय पोलिटेकनिक एवं राजकीय महिला पोलिटेकनिक संस्थानों के छात्रों को झारखंड गवर्नमेंट टूल रूम (JGTR) राँची, दुमका और रामगढ़ के सहयोग से इंटर्नशिप प्रशिक्षण देने की स्वीकृति दी गई है। इसके साथ ही, झारखंड राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 2026 के तहत उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों के स्वास्थ्य और मानसिक कल्याण के लिए “Statute for health Care Management and Mental Wellbeing-2026” को स्वीकृति प्रदान की गई है।
कृषि, डेयरी और ग्रामीण बुनियादी ढांचा
ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के तहत वित्तीय वर्षों में गोड्डा जिले में झारखंड मिल्क फेडरेशन (JMF) के माध्यम से 50 MTPD क्षमता के नए पशु आहार कारखाने की स्थापना के लिए लगभग 51.49 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा, हजारीबाग के लोटिया जलाशय योजना के पुनरुद्धार और सरायकेला-खरसावां जिले में नीमडीह-कुकडू मेगालिफ्ट सिंचाई योजना को भी हरी झंडी दिखाई गई है। चालू वित्त वर्ष में पेयजलापूर्ति की समस्या से निपटने के लिए राज्य के 263 प्रखंडों में 7,890 चापाकलों के अधिष्ठापन का भी निर्णय लिया गया है।
सड़क निर्माण और प्रशासनिक सुधार
सड़क एवं परिवहन: गिरिडीह और राँची जिलों के अंतर्गत कई महत्वपूर्ण ग्रामीण पथों को पथ निर्माण विभाग में हस्तांतरित कर उनके चौड़ीकरण, मजबूतीकरण और पुनर्निर्माण कार्यों के लिए करोड़ों रुपये के प्राक्कलन स्वीकृत किए गए हैं।
राहत और रियायतें: जन वितरण प्रणाली (PDS) की दुकानों में प्रयुक्त होने वाली इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीनों के सत्यापन और मुहरांकन शुल्क से दुकानदारों को मुक्त कर दिया गया है।
कल्याणकारी योजनाएं: धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (DA-JGUA) के तहत आदिवासी बहुल गांवों के अविद्युतीकृत टोलों और घरों के विद्युतीकरण के लिए 184.52 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
सेवा नियमितीकरण व अन्य: विभिन्न न्यायालयीय आदेशों के अनुपालन में दैनिक वेतनभोगी कर्मियों और कर्मचारियों के सेवा नियमितीकरण, पेंशनादि लाभ तथा विभिन्न संवर्गों की नई नियमावलियों के गठन पर मुहर लगाई गई है।
मंत्रिपरिषद के इन निर्णयों से राज्य में रोजगार के नए अवसर सृजित होने के साथ-साथ जनहित योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी।