Home » सत्ता से बाहर होने की बेचैनी में भाजपा, झारखंड को अपना गढ़ बताकर जनता का न करे अपमान: JMM !
सत्ता से बाहर होने की बेचैनी में झारखंड को भाजपा का गढ़ बता रहे नितिन नवीन: JMM !
रांची: झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के हालिया झारखंड दौरे और उनके बयानों पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। झामुमो के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडेय ने प्रेस बयान जारी कर कहा कि भाजपा नेता सत्ता से बाहर होने की छटपटाहट में राज्य की जनता का अपमान कर रहे हैं।
विनोद पांडेय ने स्पष्ट लहजे में कहा कि झारखंड किसी राजनीतिक दल का गढ़ नहीं है, बल्कि यह राज्य के सवा तीन करोड़ लोगों की आकांक्षाओं, संघर्षों और अधिकारों की पवित्र धरती है।
‘जनता ने दो बार नकारा, अब नारों से गुमराह करने की कोशिश’
झामुमो महासचिव ने कहा कि राज्य में सत्ता का फैसला कोई राजनीतिक दल नहीं बल्कि यहाँ की जनता करती है। झारखंड की जनता ने लगातार दो बार माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व पर भरोसा जताया है और राज्य की सेवा का मौका दिया है। भाजपा नेताओं को यह भली-भांति समझ लेना चाहिए कि यहाँ के लोगों को केवल राजनीतिक भाषणों और खोखले नारों से गुमराह नहीं किया जा सकता।
अपने शासनकाल का हिसाब दे भाजपा
विनोद पांडेय ने भाजपा नेतृत्व से सवाल करते हुए कहा:
राज्य गठन के बाद लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद भाजपा ने आदिवासियों, मूलवासियों, युवाओं और किसानों के लिए क्या किया?
झारखंड की खनिज संपदा से पूरे देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होती रही, लेकिन यहाँ के निवासियों को उनके संसाधनों के अनुसार अधिकार क्यों नहीं मिले?
आज विकास की बड़ी-बड़ी बातें करने वाली भाजपा पहले अपने शासनकाल के कामकाज का हिसाब जनता को दे।
जल, जंगल और जमीन के अधिकारों पर दोहरा रवैया
संविधान और लोकतंत्र की दुहाई देने वाली भाजपा पर निशाना साधते हुए झामुमो नेता ने कहा कि पार्टी को आदिवासियों के ‘जल, जंगल और जमीन’ के अधिकारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता साबित करनी चाहिए। झारखंड की असली पहचान यहाँ की जनजातीय संस्कृति, सामाजिक न्याय और अपने स्वाभिमान के लिए संघर्ष की परंपरा से है, जिसे राजनीतिक नारों की सीमा में नहीं बांधा जा सकता।
“युवाओं, छात्रों और रोजगार के गंभीर मुद्दों को राजनीतिक लाभ का हथियार बनाना बंद करे भाजपा। केंद्र सरकार पहले देश में बढ़ती बेरोजगारी और महंगाई पर अपना रुख साफ करे।”
— विनोद पांडेय, महासचिव (JMM)
घुसपैठ के नाम पर भय और भ्रम फैलाने का आरोप
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का जिक्र करते हुए विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा नेता संवेदनशील लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर राजनीति करना बंद करें। उन्होंने कहा कि विपक्ष पर घुसपैठियों को संरक्षण देने का बेबुनियाद आरोप लगाकर भाजपा मुख्य मुद्दों से ध्यान भटका रही है। नागरिकता और मताधिकार से जुड़ी प्रक्रियाओं में कानून के तहत निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए, न कि बयानबाजी कर समाज में डर और भ्रम का माहौल बनाया जाना चाहिए।
झारखंड का भविष्य यहाँ के लोग तय करेंगे
झामुमो महासचिव ने अंत में कहा कि भाजपा चाहे कितनी भी समीक्षा बैठकें कर ले या अपने कार्यकर्ताओं को कोई भी राजनीतिक गुरुमंत्र दे दे, झारखंड की स्वाभिमानी जनता अपने विवेक से ही फैसला करेगी। राज्य की राजनीति की दिशा और दशा यहाँ के लोग तय करेंगे, किसी पार्टी का कोई राष्ट्रीय नेता नहीं। झामुमो की राजनीति यहाँ के लोगों के हक, अधिकार और स्वाभिमान के लिए पूरी तरह समर्पित है।