Home » झारखंड छात्र आंदोलन: ‘देश का एजुकेशन सिस्टम ठप्प, सरकारें सुनें छात्रों की आवाज’ – राहुल गांधी
झारखंड छात्र आंदोलन: “देश में एजुकेशन सिस्टम कोलैप्स, हर सरकार को सुननी होगी छात्रों की बात” – राहुल गांधी !
रांची: झारखंड में अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे हजारों परीक्षार्थियों और छात्रों के समर्थन में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बड़ा बयान दिया है। राज्य भर में चल रहे व्यापक छात्र विरोध प्रदर्शनों पर टिप्पणी करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि “पूरे देश में एजुकेशन सिस्टम कोलैप्स हो चुका है और हर सरकार को छात्रों की आवाज सुननी ही होगी।”
छात्रों के गुस्से और भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे इस आंदोलन ने अब राजनीतिक मोड़ ले लिया है।
🚨 मुख्य बिंदु (Highlights)
झारखंड में बड़ा विरोध: भर्ती परीक्षाओं (JSSC) में धांधली, देरी और पेपर लीक के आरोपों को लेकर छात्र सड़कों पर।
एजुकेशन सिस्टम पर सवाल: राहुल गांधी ने कहा कि देश भर में युवा अपने भविष्य को लेकर असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
सरकार को नसीहत: छात्रों की मांगों को दबाने के बजाय उनसे संवाद स्थापित कर समस्याओं का तत्काल समाधान निकाला जाए।
💬 “युवा देश की रीढ़ हैं। जब पढ़ाई और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता ही खत्म हो जाएगी, तो युवाओं का भविष्य अंधकार में चला जाएगा। झारखंड में छात्र अपनी जायज मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। चाहे केंद्र सरकार हो या कोई भी राज्य सरकार — छात्रों की आवाज को अनसुना नहीं किया जा सकता।”
— राहुल गांधी
📌 क्यों भड़का है झारखंड में छात्रों का गुस्सा?
झारखंड के विभिन्न जिलों में छात्र लगातार भर्ती प्रक्रियाओं में सुधार और निष्पक्षता की मांग कर रहे हैं:
पेपर लीक और धांधली: हाल की कई प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली के गंभीर आरोप।
नियमित भर्ती में देरी: वर्षों से लटकी भर्ती प्रक्रियाओं और पारदर्शी परिणाम की मांग।
कड़े कानून की मांग: पेपर लीक माफियाओं पर सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग।
आगे की राह
रांची समेत राज्य के विभिन्न हिस्सों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर लिखित और ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है। राहुल गांधी के इस बयान के बाद अब प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में इस मुद्दे पर हलचल तेज हो गई है।