Home » भाजपा को छात्रों की नहीं, अपनी डूबती राजनीति की चिंता; आदित्य साहू बंद करें झूठ की फैक्ट्री”: कांग्रेस प्रवक्ता राकेश सिन्हा का करारा हमला
रांची : भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के बयानों पर पलटवार करते हुए प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि आदित्य साहू का बयान उनकी राजनीतिक हताशा, बौखलाहट और भ्रम फैलाने की आदत का ताजा उदाहरण है।
“जिस भाजपा ने पूरे देश में पेपर लीक, भर्ती घोटालों और बेरोजगारी का जाल बिछाकर करोड़ों युवाओं का भविष्य अंधकार में धकेला, वही आज छात्रों के नाम पर मगरमच्छ के आंसू बहा रही है।”
— राकेश सिन्हा, मीडिया प्रभारी, झारखंड कांग्रेस
“2 करोड़ रोजगार के वादे का क्या हुआ?”
कांग्रेस प्रवक्ता ने भाजपा नेतृत्व से सवाल करते हुए कहा कि कांग्रेस पर “मलाई खाने” का आरोप लगाने से पहले आदित्य साहू को यह जवाब देना चाहिए कि भाजपा ने सत्ता का इस्तेमाल किसके लिए किया—युवाओं को रोजगार देने के लिए या अपने पूंजीपति मित्रों का फायदा पहुंचाने के लिए?
15 लाख रुपये के वादे का हिसाब कहां है?
हर साल 2 करोड़ नौकरियों का क्या हुआ?
किसानों की आय दोगुनी करने के वादे पर चुप्पी क्यों?
पेपर लीक मामलों पर केंद्र से सवाल पूछे भाजपा
राकेश सिन्हा ने कहा कि आदित्य साहू यदि वास्तव में छात्रों के हितैषी हैं, तो उन्हें पहले अपनी केंद्र सरकार से पूछना चाहिए कि NEET, UGC-NET, रेलवे और सेना भर्ती परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों के दोषियों पर क्या कार्रवाई हुई।
कांग्रेस का स्टैंड साफ है:
किसी भी परीक्षा में अनियमितता हुई है तो निष्पक्ष जांच हो।
दोषी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसे कानूनन कड़ी सजा मिले।
भाजपा न्याय नहीं चाहती, बल्कि छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक मंच बनाना चाहती है।
“मणिपुर और महंगाई पर इस्तीफा मांगा क्या?”
राहुल गांधी पर सवाल उठाने वाले भाजपा नेताओं को घेरते हुए सिन्हा ने कहा कि राहुल गांधी हमेशा युवाओं, किसानों और वंचितों के अधिकारों की आवाज उठाते रहे हैं।
उन्होंने पूछा कि क्या भाजपा ने कभी मणिपुर हिंसा, महिलाओं पर अत्याचार, रिकॉर्ड बेरोजगारी और कमरतोड़ महंगाई पर नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा मांगा? यदि भाजपा को सीबीआई पर इतना भरोसा है, तो देश भर के भर्ती घोटालों की व्यापक जांच केंद्र सरकार से क्यों नहीं कराती?
कांग्रेस मीडिया प्रभारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भाजपा छात्रों के कंधे पर बंदूक रखकर अपनी डूबती राजनीति बचाने का प्रयास बंद करे, झारखंड की जनता समय आने पर इस पाखंड का करारा जवाब देगी।