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झारखण्ड एसआईआर 2026: गुमला में CEO के. रवि कुमार ने मतदाता दस्तावेज सत्यापन का किया निरीक्षण, दिए अहम निर्देश !
गुमला/रांची। झारखण्ड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को पारदर्शी, सुगम और त्रुटिरहित बनाने के लिए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) के. रवि कुमार लगातार एक्शन मोड में हैं। शुक्रवार (18 सितम्बर 2026) को उन्होंने गुमला जिले के सिसई, गुमला एवं बिशुनपुर विधानसभा क्षेत्रों में चल रहे दावा-आपत्ति एवं दस्तावेजों की सुनवाई प्रक्रिया का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने निर्वाचन निबंधन अधिकारियों द्वारा किए जा रहे दस्तावेज सत्यापन, नोटिस सुनवाई और मतदाताओं को दी जा रही सुविधाओं का जायजा लिया।
जीरो एरर के लक्ष्य पर काम कर रहा निर्वाचन आयोग
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री के. रवि कुमार ने स्पष्ट किया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा एसआईआर की प्रक्रिया को ‘जीरो एरर’ (Zero Error) के लक्ष्य के अनुरूप तैयार किया गया है।
जवाबदेही तय: प्रक्रिया के हर स्तर पर अधिकारियों का वेरिफिकेशन और जवाबदेही तय की गई है।
परमानेंट डॉक्यूमेंट: वर्तमान में तैयार हो रहे एसआईआर दस्तावेज भविष्य में स्थायी रिकॉर्ड (Permanent Document) के रूप में संरक्षित किए जाएंगे।
शुद्ध मतदाता सूची: भविष्य की महत्ता को ध्यान में रखते हुए एक शुद्ध और त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करना अधिकारियों के लिए अनिवार्य है।
जनजातीय मतदाताओं को मिलेगी विशेष राहत: सरकारी अभिलेखों का होगा उपयोग
गुमला भ्रमण के दौरान के. रवि कुमार ने विभिन्न क्षेत्रों में जनजातीय समूह के मतदाताओं से सीधे मुलाकात कर उनकी समस्याओं और प्रक्रियाओं की जानकारी ली।
“जनजातीय मतदाताओं के दस्तावेज संबंधी विवरण विभिन्न सरकारी विभागों एवं कार्यालयों के अभिलेखों में पहले से उपलब्ध हैं। अधिकारी इन सरकारी अभिलेखों का नियमानुसार उपयोग करते हुए दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया को सुगम बनाएं।”
— के. रवि कुमार, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, झारखण्ड
अधिकारियों को दिए गए मुख्य निर्देश
टोकन सिस्टम लागू करें: सुनवाई केंद्रों पर अधिक भीड़ न हो, इसके लिए टोकन सिस्टम की व्यवस्था रखी जाए ताकि प्रत्येक मतदाता को अपना पक्ष रखने का पूरा समय और अवसर मिले।
समयबद्ध निवारण: प्राप्त दावों और आपत्तियों का समाधान भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत तय समय-सीमा में किया जाए।
सुगम सहायता केंद्र: पात्र भारतीय नागरिकों और विशेष रूप से दूरस्थ व जनजातीय क्षेत्रों के मतदाताओं को आवश्यक फॉर्म, दस्तावेज प्रक्रिया और सत्यापन के बारे में स्पष्ट जानकारी व सहयोग दिया जाए।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने अंत में दोहराया कि विशेष गहन पुनरीक्षण का मुख्य उद्देश्य राज्य में एक पारदर्शी व शुद्ध मतदाता सूची तैयार करना है। इसके लिए सभी निर्वाचन अधिकारी मैदानी स्तर पर आम जनता के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखें।