Home » नई दिल्ली वोटर लिस्ट विवाद: डिजिटल मीडिया की रिपोर्ट पर चुनाव अधिकारी का स्पष्टीकरण, जानें ड्राफ्ट रोल से क्यों हटे नाम
डिजिटल मीडिया की रिपोर्ट पर निर्वाचन अधिकारी का जवाब: ‘SIR के तहत प्रक्रिया का पालन कर तैयार हुई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट’
नई दिल्ली: नई दिल्ली विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र (AC-40) की ड्राफ्ट मतदाता सूची में वोटरों के नाम न होने को लेकर सोशल मीडिया पर उठीं खबरों पर निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) ने आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति साफ की है। चुनाव अधिकारी ने डिजिटल मीडिया में 16 सितंबर 2026 को प्रकाशित उस मीडिया रिपोर्ट का खंडन किया है, जिसमें दावा किया गया था कि 2025 विधानसभा चुनाव से ठीक पहले जुड़े लगभग 40 फीसदी मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट रोल में गायब हैं।
कार्यालय द्वारा जारी प्रेस नोट में कहा गया है कि किसी मतदाता का नाम ड्राफ्ट लिस्ट में न होना उसकी अंतिम अयोग्यता साबित नहीं करता है। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक छूटे नहीं और कोई अयोग्य व्यक्ति सूची में न रहे।
विशिष्ट मामलों पर निर्वाचन अधिकारी का स्पष्टीकरण
प्रेस नोट में मीडिया रिपोर्ट में उठाए गए अलग-अलग मामलों पर बिंदुवार स्पष्टीकरण दिए गए हैं:
ब्लाइंड रिलीफ एसोसिएशन के छात्र: संस्थान के छात्र अपना रेजिडेंशियल कोर्स पूरा करके दिल्ली से बाहर शिफ्ट हो चुके थे और 30 जून से 17 अगस्त 2026 की गणना अवधि में वहां निवास नहीं कर रहे थे। इसलिए BLO ने नियमानुसार उन्हें ASDD (Absent, Shifted, Dead, Duplicate) सूची में डाला है।
पिल्लंजी गांव (सरोजिनी नगर, P-8): इस पते पर पंजीकृत अरुण कुमार, राजू कुमार, चंदेर, राहुल राणा, राजा, पप्पू सिंह, अंकित भान, सत्यवीर और दिग्पाल सिंह सत्यापन के दौरान पते पर नहीं पाए गए। बीएलओ रिपोर्ट के आधार पर इन्हें ASDD सूची में रखा गया। गिरीश चंद्र पाल का नाम प्री-एसआईआर चरण में ही 20 मई 2026 को कानूनी प्रक्रिया पूरी कर हटाया जा चुका था।
पंचकुइयां रोड (दरगाह सैयद हुसैन): मौलवी जमशेद आलम ने बताया कि उनका एक अन्य वोटर कार्ड (EPIC) बिहार में बना हुआ है। बीएलओ द्वारा फॉर्म दिए जाने पर उन्होंने उसे लेने और हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद ‘Refused to Sign’ टिप्पणी के साथ उनका नाम ASDD लिस्ट में डाला गया।
इस्ट किदवई नगर (GPRA क्वार्टर): केंद्र सरकार के कर्मचारियों एवं उनके परिवारों के तबादले, सेवानिवृत्ति या क्वार्टर खाली करने के कारण गणना फॉर्म जमा नहीं हो पाए, जिससे उनका नाम ASDD सूची में गया।
सर्वसम्मति और पारदर्शी प्रक्रिया का दावा
ईआरओ कार्यालय ने बताया कि बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन किया गया। प्रत्येक पोलिंग बूथ की ASDD सूची को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों (BLA) के साथ बैठक कर तैयार और सत्यापित किया गया था, जिस दौरान कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई गई थी।
मीडिया रिपोर्ट में केवल दो अवधियों की तुलना करके इसे दुर्भावनापूर्ण बताना गलत है। सरकारी कर्मचारियों के तबादले, घर बदलने, मृत्यु या दोहरे पंजीकरण के कारण मतदाता सूची में बदलाव एक सामान्य और निरंतर चलने वाली वैधानिक प्रक्रिया है।
30 सितंबर तक करा सकते हैं नाम दर्ज
निर्वाचन अधिकारी ने सभी नागरिकों को आश्वस्त किया है कि यदि कोई पात्र मतदाता ड्राफ्ट सूची से छूट गया है, तो उसे चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।
दावे एवं आपत्तियों की अवधि: 31 अगस्त 2026 से 30 सितंबर 2026 तक।
आवेदन प्रक्रिया: पात्र नागरिक नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 (Form 6) और पते या विवरण में संशोधन के लिए फॉर्म-8 (Form 8) भर सकते हैं।
आवेदन के तरीके: फॉर्म भौतिक रूप से ERO, AERO, BLO या तय पोलिंग स्टेशनों पर जमा किए जा सकते हैं। इसके अलावा ECINET Mobile App या voters.eci.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध है।
अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन: 04 नवंबर 2026 को अंतिम वोटर लिस्ट जारी की जाएगी।
चुनाव कार्यालय ने सभी नागरिकों से ड्राफ्ट सूची में अपना नाम जांचने और समय रहते नियमानुसार आवेदन करने की अपील की है।