Home » झारखंड: इन्यूमरेशन फेज़ में मतदाताओं को नहीं देना होगा कोई दस्तावेज
झारखंड वोटर लिस्ट 2026: इन्यूमरेशन फेज़ में नहीं देना होगा कोई भी दस्तावेज; CEO के. रवि कुमार ने मीडिया की खबरों पर जारी किया बड़ा स्पष्टीकरण
रांची: झारखंड में चल रहे वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) को लेकर मीडिया में चल रही भ्रामक खबरों और स्टेकहोल्डर्स की मांग पर निर्वाचन आयोग ने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। रविवार, 14 जून 2026 को झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) श्री के. रवि कुमार ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि मतदाताओं की मैपिंग और इन्यूमरेशन फेज़ (गणना चरण) के दौरान आम जनता से कोई भी दस्तावेज (Documents) एकत्र नहीं किया जाएगा।
श्री रवि कुमार ने भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश संख्या 23/2025-ERS (Vol-II) दिनांक 14 मई 2026 का हवाला देते हुए कहा कि गणना चरण के दौरान दस्तावेज न लेने का नियम पूरी तरह मतदाताओं की सहूलियत और प्रक्रिया को सरल-पारदर्शी बनाने के लिए जारी किया गया है।
🔍 समझें ‘मौजूदा मतदाताओं’ के 3 केस: किसे क्या करना होगा?
निर्वाचन आयोग के अनुसार, झारखंड के वर्तमान वोटरों को इन्यूमरेशन फेज़ (30 जून से 29 जुलाई 2026) के दौरान सिर्फ एक भरा हुआ और हस्ताक्षरित इन्यूमरेशन फॉर्म अपनी नवीनतम रंगीन फोटो के साथ बीएलओ (BLO) को देना है। दस्तावेज किसी को नहीं देना है, चाहे उनका केस कोई भी हो:
केस 1 (बिना त्रुटि वाले वोटर): जिन मतदाताओं ने बिना किसी गलती के पिछली SIR सूची के साथ अपनी या माता-पिता की मैपिंग पूरी कर ली है, उनका नाम सीधे प्रारूप सूची में आ जाएगा।
केस 2 (त्रुटि/विसंगति वाले वोटर): जिनकी मैपिंग में कुछ गलतियां हैं, उन्हें भी कोई डॉक्यूमेंट नहीं देना है। बीएलओ, एईआरओ और ईआरओ खुद उन गलतियों को सुधारने का प्रयास करेंगे। वोटर चाहें तो पोर्टल www.voters.eci.gov.in से अपनी सही जानकारी खोजकर दे सकते हैं।
केस 3 (बिना मैपिंग वाले वोटर): जिन्होंने अब तक स्वयं या माता-पिता की मैपिंग नहीं की है, उन्हें भी केवल फॉर्म देना है। बीएलओ घर-घर जाकर डेटा डिजिटाइज़ करेंगे और मैपिंग का प्रयास करेंगे।
📅 तो फिर दस्तावेज (Documents) किसे और कब जमा करना होगा?
सिर्फ नोटिस मिलने पर: दस्तावेज केवल उन्हीं गिने-चुने चिन्हित मतदाताओं से लिए जाएंगे, जिन्हें किसी आपत्ति या विसंगति के कारण 5 अगस्त से 3 अक्टूबर 2026 (नोटिस और सत्यापन अवधि) के दौरान चुनाव आयोग से आधिकारिक नोटिस मिलेगा।
अधिकारी खुद देंगे सत्यापित प्रति: इस प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज ‘पिछली SIR सूची में नाम होना’ है। यह रिकॉर्ड पहले से ही संबंधित विधानसभा क्षेत्र के ERO/AERO/BLO के पास उपलब्ध है, और वे मतदाताओं की ओर से इसकी सत्यापित प्रति खुद लगाएंगे।
🗳️ नए वोटरों और ट्रांसफर (Sifting) कराने वालों के लिए नियम
श्रेणी (Category)
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आवश्यक फॉर्म
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महत्वपूर्ण तिथियां/शर्तें
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आवश्यक दस्तावेज
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नए मतदाता (जो 1 अक्टूबर 2026 को 18 वर्ष के हो रहे हैं)
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फॉर्म-6 (Form-6)
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30 जून से 29 जुलाई या 5 अगस्त से 4 सितंबर 2026
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जन्म तिथि, जन्म स्थान का प्रमाण, घोषणा पत्र या माता-पिता के नाम वाला SIR एक्सट्रैक्ट पेज।
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झारखंड के अंदर ट्रांसफर (एक निर्वाचन क्षेत्र से दूसरे में)
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Form-8 (फॉर्म-8)
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5 अगस्त 2026 से 4 सितंबर 2026 (दावा एवं आपत्ति अवधि)
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कोई दस्तावेज नहीं (केवल फॉर्म-8 जमा करना होगा)।
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झारखंड के बाहर से ट्रांसफर (अन्य राज्यों से झारखंड आने वाले)
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Form-8 (फॉर्म-8)
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5 अगस्त 2026 से 4 सितंबर 2026 (दावा एवं आपत्ति अवधि)
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जन्म तिथि, जन्म स्थान का घोषणा पत्र और आवश्यक दस्तावेज या माता-पिता का SIR एक्सट्रैक्ट।
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📊 झारखंड में मैपिंग का आंकड़ा: 79.73% काम पूरा
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि झारखंड के मतदाताओं में जागरूकता का स्तर काफी बेहतर है। 14 जून 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, राज्य के कुल 2.64 करोड़ मतदाताओं में से 2.11 करोड़ मतदाताओं (यानी 79.73%) ने अपना स्वयं का या अपने माता-पिता का मैपिंग कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।