Home » झारखंड आदिवासी महोत्सव 2026: रांची के मोरहाबादी मैदान में भव्य आगाज कल से, ACS वंदना दादेल ने तैयारियों का लिया जायजा
झारखंड आदिवासी महोत्सव 2026: मोरहाबादी मैदान में भव्य आगाज को तैयार रांची, अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल ने लिया तैयारियों का जायजा !
रांची : झारखंड की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, परंपरा और ऐतिहासिक विरासत को समर्पित दो दिवसीय ‘झारखंड आदिवासी महोत्सव 2026’ का भव्य शुभारंभ कल से राजधानी के ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में होने जा रहा है। इस राज्यस्तरीय समारोह को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और यादगार बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
शुक्रवार को गृह विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती वंदना दादेल ने मोरहाबादी स्थित आयोजन स्थल का विस्तृत निरीक्षण किया और निर्माण कार्यों सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
तैयारियों का निरीक्षण और प्रमुख निर्देश
निरीक्षण के दौरान ACS वंदना दादेल ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी कार्य तय सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता मानकों के साथ पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि आयोजन में आने वाले किसी भी श्रद्धालु व पर्यटक को असुविधा नहीं होनी चाहिए।
सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन: VVIP आवागमन, पार्किंग स्थल, ट्रैफिक रूट और भीड़ नियंत्रण के लिए पुख्ता प्रबंध करने के निर्देश दिए गए।
मूलभूत सुविधाएं: स्वच्छ पेयजल, अबाध विद्युत आपूर्ति, स्वच्छता और आकस्मिक स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था को मजबूत करने को कहा गया।
स्थल समीक्षा: मुख्य सांस्कृतिक मंच, विभिन्न सरकारी व गैर-सरकारी विभागों के प्रदर्शनी स्टॉल, प्रवेश-निकास द्वार एवं दर्शक दीर्घा का जायजा लिया गया।
“आदिवासी महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि झारखंड की अनोखी सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रदर्शित करने का एक स्वर्णिम अवसर है। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ अपनी जिम्मेदारियों को पूरी गंभीरता से निभाएं।”
— श्रीमती वंदना दादेल, अपर मुख्य सचिव (गृह विभाग, झारखंड)
निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे वरिष्ठ अधिकारी
इस उच्चस्तरीय निरीक्षण के दौरान राज्य सरकार के कई वरीय प्रशासनिक अधिकारी एवं विभागीय प्रतिनिधि मौजूद थे:
श्री कुलदीप चौधरी — कल्याण आयुक्त
श्री राजीव लोचन बक्शी — विशेष सचिव, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग
श्री आलोक एस. कच्छप — निदेशक, टीआरआई (TRI)
श्री आनंद — संयुक्त निदेशक
विभिन्न कार्यदायी एजेंसियों के प्रतिनिधि व पुलिस-प्रशासन के अधिकारी
क्या होगा खास ?
दो दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में राज्य भर के जनजातीय कलाकार अपनी पारंपरिक लोककला, नृत्य, सोहराय चित्रकारी, हस्तशिल्प और पारंपरिक व्यंजनों की प्रदर्शनी लगाएंगे। पूरे मोरहाबादी क्षेत्र को सांस्कृतिक झलकियों से सजाया गया है।