Home » बिहार में परीक्षा माफियाओं पर कसेगा शिकंजा: 1 साल तक जेल में डालेगा ‘गुंडा एक्ट’, CM सम्राट चौधरी लाएंगे वर्ल्ड-क्लास टेक्नोलॉजी
बिहार में परीक्षा माफियाओं की अब खैर नहीं! गड़बड़ी करने वालों पर लगेगा ‘गुंडा एक्ट’, 1 साल के लिए जाएंगे जेल !
पटना : डिजिटल डेस्क: बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं और बोर्ड परीक्षाओं की शुचिता (transparency) बनाए रखने के लिए राज्य सरकार ने अब तक का सबसे सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कड़ा संदेश देते हुए स्पष्ट किया है कि परीक्षा में धांधली या गड़बड़ी करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
धांधली में पकड़े जाने पर आरोपियों पर ‘गुंडा एक्ट’ (Anti-Social Activities Prevention Act) के तहत कार्रवाई की जाएगी और उन्हें कम से कम 1 साल तक बिना जमानत के जेल की हवा खानी पड़ेगी।
🚨 मुख्य बातें (Key Highlights)
गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई: परीक्षा माफिया, सॉल्वर गैंग या धांधली में शामिल किसी भी संदिग्ध पर लगेगा गुंडा एक्ट।
1 साल की सीधी जेल: दोषी या संलिप्त पाए जाने पर आरोपी को 1 वर्ष तक जेल में रखा जाएगा।
दुनिया की बेस्ट टेक्नोलॉजी: बिहार में परीक्षा प्रणाली को फुलप्रूफ बनाने के लिए वैश्विक स्तर की सबसे एडवांस तकनीक लागू होगी।
स्वीकारी चुनौती: सरकार ने माना कि मैट्रिक से BPSC तक की परीक्षाएं बिना किसी गड़बड़ी के आयोजित करना एक बड़ी प्रशासनिक चुनौती है।
🌐 “दुनिया की सबसे आधुनिक तकनीक से होंगी परीक्षाएं”
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने माना कि बिहार में मैट्रिक, इंटरमीडिएट से लेकर बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) तक की वृहद परीक्षाएं निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराना एक बहुत बड़ी प्रशासनिक चुनौती बन गया है।
इस चुनौती से निपटने के लिए सरकार वैश्विक स्तर पर इस्तेमाल हो रही सर्वश्रेष्ठ तकनीकों (World-Class Examination Technology) को बिहार में लागू करने जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य प्रश्नपत्र लीक होने, सेंटर मैनेजमेंट और सॉल्वर गैंग की गुंजाइश को पूरी तरह खत्म करना है।
🛑 माफियाओं के लिए स्पष्ट संदेश
सरकार के इस फैसले से यह साफ हो गया है कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी सिंडिकेट को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सख्त कानून और एडवांस टेक्नोलॉजी के इस कॉम्बिनेशन से बिहार में सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक परीक्षाओं का माहौल पारदर्शी बनेगा।