Home » झारखंड के 1.63 करोड़ मतदाताओं को नहीं देना होगा कोई दस्तावेज, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार का बड़ा एलान
झारखंड के 1.63 करोड़ वोटर्स के लिए राहत की बड़ी खबर: निर्वाचन आयोग का बड़ा एलान— SIR प्रक्रिया में नहीं जमा करना होगा कोई भी दस्तावेज!
BLO की मेहनत ने रचा इतिहास, 30 जून से शुरू होगा घर-घर सर्वे; प्रवासियों और बाहर पढ़ रहे छात्रों के लिए ‘बुक-ए-कॉल’ की शानदार सुविधा, देखें पूरी टाइमलाइन
राँची, 16 जून 2026:
झारखंड के मतदाताओं और लोकतंत्र की रीढ़ कहे जाने वाले बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) के लिए आज का दिन बेहद ऐतिहासिक साबित हुआ है। झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) श्री के. रवि कुमार ने एक विशेष प्रेस विज्ञप्ति (49/2026) जारी कर राज्य के 1.63 करोड़ मौजूदा मतदाताओं को एक बहुत बड़ी राहत दी है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि बीएलओ के उत्कृष्ट कार्य और समर्पण की बदौलत वर्ष 2026 की वर्तमान मतदाता सूची का, साल 2003 की ‘एसआईआर’ (SIR) मतदाता सूची के साथ स्वयं (सेल्फ) और पैतृक (पेरेंटल) मैपिंग का पहला सत्र सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इस ऐतिहासिक कदम के बाद, अब इन 1.63 करोड़ मौजूदा वोटर्स को वर्तमान एसआईआर प्रक्रिया के दौरान कोई भी पहचान या निवास संबंधी दस्तावेज जमा करने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं होगी।
📅 झारखंड SIR प्रक्रिया 2026: वोटर्स के लिए सबसे महत्वपूर्ण तारीखें
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा झारखंड के लिए जारी की गई आधिकारिक चुनावी समय सारणी (Timeline) नीचे तालिका में दी गई है:
चुनाव संबंधी मुख्य गतिविधि / प्रक्रिया
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निर्धारित तिथि / समय अवधि
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बीएलओ द्वारा घर-घर का दौरा (House to House Visit)
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30 जून 2026 से 29 जुलाई 2026
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प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन (Draft Electoral Roll)
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05 अगस्त 2026
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दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अवधि (Claims & Objections)
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05 अगस्त 2026 से 04 सितम्बर 2026
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नोटिस और सत्यापन की अवधि (Notice & Verification)
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05 अगस्त 2026 से 03 अक्टूबर 2026
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अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन (Final Electoral Roll)
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07 अक्टूबर 2026
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📝 वोटर्स को अब सिर्फ करना होगा यह आसान काम
श्री के. रवि कुमार ने स्पष्ट किया कि जिन 1.63 करोड़ मतदाताओं की मैपिंग पूरी हो चुकी है, उन्हें अंतिम मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए बीएलओ के घर-घर दौरे (30 जून से 29 जुलाई) के दौरान केवल:
पहले से भरा हुआ और हस्ताक्षरित ‘प्री-फिल्ड गणना फॉर्म’ (Pre-filled Enumeration Form) देना होगा।
अपनी एक हालिया रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो बीएलओ को सौंपनी होगी।
📢 मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने राष्ट्रीय मंच पर की तारीफ
भारत के माननीय मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने अपने हालिया दो झारखंड दौरों के दौरान यहां के बीएलओ की कार्यप्रणाली को खुद देखा था। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर के कई मंचों पर झारखंड के बीएलओ की चुनावी प्रक्रिया के ज्ञान, उनकी अद्भुत क्षमता और राष्ट्र सेवा के प्रति उनकी कड़ी मेहनत की भरपूर सराहना की है।
💻 प्रवासी मजदूरों और छात्रों के लिए ‘बुक-ए-कॉल’ की खास तकनीक
यह चुनावी प्रक्रिया पूरी तरह यूजर-फ्रेंडली और प्रवासियों के अनुकूल बनाई गई है। जो छात्र राज्य से बाहर पढ़ रहे हैं या जो श्रमिक अस्थाई रूप से झारखंड से बाहर रह रहे हैं, उन्हें मैपिंग के लिए बीएलओ के सामने व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने की कोई आवश्यकता नहीं है।
घर के सदस्य के जरिए: परिवार का कोई भी सदस्य बीएलओ से संपर्क कर मैपिंग करा सकता है।
बुक-ए-कॉल (BOOK-A-CALL): ईसीआईनेट (ECINET) पोर्टल पर जाकर इस डिजिटल सुविधा का लाभ लिया जा सकता है।
घर पर चिपका स्टिकर: झारखंड के प्रत्येक घर में चिपकाए गए स्टिकर पर बीएलओ का फोन नंबर दर्ज है, जिसपर सीधे संपर्क किया जा सकता है।
डिजिटल सिग्नेचर: प्रवासी लोग इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों (WhatsApp या ईमेल) से भी हस्ताक्षरित गणना फॉर्म अपने बीएलओ को भेज सकते हैं।
🔍 अनमैप वोटर्स और नए मतदाताओं के लिए नियम क्या हैं?
दूसरा सत्र: जो मौजूदा मतदाता पहले चरण में अनमैप (Unmapped) रह गए हैं, उनके लिए मैपिंग का दूसरा और अंतिम सत्र 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक चलेगा।
वेबसाइट से खोजें: नागरिक www.voters.eci.gov.in पर जाकर पुराने एसआईआर विवरण में अपना नाम आसानी से खोज सकते हैं।
किन्हें देना होगा नोटिस?: केवल उन सीमित मतदाताओं को दस्तावेज देने होंगे जो अनमैप हैं या नए हैं। इनकी सूची 5 अगस्त को प्रत्येक पोलिंग बूथ और आधिकारिक वेबसाइट पर जारी होगी, साथ ही उन्हें व्यक्तिगत नोटिस भी भेजा जाएगा।
18 वर्ष वाले युवाओं के लिए: जो युवा 1 अक्टूबर 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे हैं, वे घोषणा पत्र और सहायक दस्तावेजों (फॉर्म-6) के साथ नए मतदाता के रूप में पंजीकरण करा सकते हैं। माता-पिता का पुराना वोटर कार्ड रिकॉर्ड ही इसके लिए पर्याप्त दस्तावेज माना जाएगा।