Home » MMDR Act: JMM के भ्रम का BJP देगी जवाब, आदित्य साहू बोले- गांव-गांव बांटी जाएगी अधिनियम की प्रतियां
MMDR अधिनियम पर JMM का भ्रमजाल: आदित्य साहू बोले— ‘आर्थिक नाकेबंदी की धमकी से नहीं रुकेगी विकास की रफ्तार’, BJP चलाएगी जागरूकता अभियान !
रांची: झारखंड भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम (MMDR Act) को लेकर राज्य के सत्तारूढ़ दल JMM और विपक्षी पार्टियों पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने विपक्ष के विरोध को “राजनीतिक ड्रामा” करार देते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाया गया यह अधिनियम राज्यों का अधिकार छीनने के लिए नहीं, बल्कि खनन क्षेत्र में पारदर्शिता, समानता और विकास को गति देने के उद्देश्य से बनाया गया है।
आदिवासी-दलितों पर असर पड़ने का बयान पूरी तरह भ्रामक
आदित्य साहू ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के उस बयान को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि इस अधिनियम का बुरा प्रभाव आदिवासियों, दलितों और पिछड़ों पर पड़ेगा।
“नरेंद्र मोदी सरकार की पहली प्राथमिकता खनिज संपदा का सीधा लाभ खनन प्रभावित क्षेत्रों, आदिवासियों, गरीबों और विस्थापित परिवारों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाना है। मुख्यमंत्री राजनीति करने के बजाय अपने कार्यकाल में हुए विकास कार्यों का हिसाब दें।”
— आदित्य साहू, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष
विपक्ष की सभी आशंकाएं निराधार, राज्यों को मिलेगा 90% राजस्व
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आंकड़े सामने रखते हुए कहा कि राज्य का राजस्व छीनने का आरोप पूरी तरह बेबुनियाद है:
राजस्व में बड़ा हिस्सा: रॉयल्टी, DMF, नीलामी प्रीमियम, NMET और GST का लगभग 90% भुगतान राज्यों को ही प्राप्त होता रहेगा।
लघु खनिजों पर राज्य का अधिकार: बालू, गिट्टी और साधारण मिट्टी जैसे लघु खनिजों पर राज्य सरकार की शक्तियां पूर्ववत (यथावत) रहेंगी।
ऐतिहासिक वृद्धि: वर्ष 2014-15 में राज्यों की खनिज राजस्व में हिस्सेदारी 60% थी, जो 2024-25 में बढ़कर 88% से अधिक हो गई। राज्यों का कुल खनिज राजस्व ₹25,206 करोड़ से बढ़कर ₹1,14,549 करोड़ (354% वृद्धि) तक पहुंच गया है।
अत्यधिक सेस लगाने से झारखंड को नुकसान, अवैध माफियाओं की चांदी
साहू ने राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि झारखंड सरकार ने लौह अयस्क पर ₹600 प्रति टन का भारी सेस लगा दिया, जबकि पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में यह महज ₹22.50 प्रति टन है। कोयले पर भी सेस को डेढ़ साल के भीतर ₹100 से बढ़ाकर ₹450 प्रति टन कर दिया गया।
इसके परिणामस्वरूप BCCL का उत्पादन 40.50 मिलियन टन से घटकर 35.52 मिलियन टन (12.3% की गिरावट) पर आ गया। अत्यधिक कर लगाने के कारण वैध खनन घट रहा है और अवैध माफियाओं की चांदी हो रही है।
ओडिशा ने कमाए ₹87,000 करोड़, झारखंड का आंकड़ा ‘शून्य’
राज्य के विकास और राजस्व के आंकड़ों की तुलना करते हुए आदित्य साहू ने कहा:
देश का लगभग 40% खनिज भंडार रखने वाला झारखंड अपनी संसाधनों का सही उपयोग करने में पूरी तरह विफल रहा है।
पिछले 6 सालों में राज्य में केवल 4 खदानों की नीलामी हुई और उनमें से एक भी चालू नहीं हो सकी, जिससे नीलामी प्रीमियम शून्य रहा।
वहीं पड़ोसी राज्य ओडिशा ने 35 खदानें चालू करके ₹87,000 करोड़ का नीलामी प्रीमियम हासिल किया।
BJP बांटेगी MMDR Act की प्रतियां, चलाएगी जागरूकता अभियान
आदित्य साहू ने ऐलान किया कि JMM के झूठ और भ्रम का जवाब देने के लिए भारतीय जनता पार्टी राज्यभर में जागरूकता अभियान चलाएगी। पार्टी कार्यकर्ता आम जनता के बीच MMDR अधिनियम की मूल प्रतियां distributed (वितरित) करेंगे और सच्चाई से रूबरू कराएंगे।
उन्होंने सलाह दी कि JMM सरकार केंद्र पर दोषारोपण करने और आर्थिक नाकेबंदी की धमकियां देने के बजाय अवैध खनन रोकने, बालू-पत्थर खदानों की नीलामी करने और DMFT फंड के इस्तेमाल का पारदर्शी हिसाब देने पर ध्यान केंद्रित करे।