Home » राँची: अरगोड़ा अंचल के राजस्व कर्मी लक्ष्मीकांत मुंडा हत्याकांड का खुलासा, 3 गिरफ्तार; दाखिल-खारिज में रोड़ा बनने पर रची गई थी साजिश !
राँची: राजधानी राँची के नामकुम थाना क्षेत्र में चर्चित अरगोड़ा अंचल के राजस्व कर्मी लक्ष्मीकांत मुंडा हत्याकांड का राँची पुलिस ने महज कुछ ही दिनों में उद्भेदन कर लिया है। ज़मीन के दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) के मामलों में प्रतिकूल रिपोर्ट देने से नाराज़ अपराधियों ने साजिश के तहत इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में तीन मुख्य अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य की तलाश में छापेमारी जारी है।
क्या है पूरा मामला?
वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) क 24.10.2026 के अपराह्न में अरगोड़ा अंचल के राजस्व कर्मी लक्ष्मीकांत मुंडा (उम्र करीब 38 वर्ष, पिता- बंगाली मुंडा, निवासी- दलकीडीह, बुण्डू) की उनके जोरार स्थित आवास पर अज्ञात अपराधियों द्वारा हत्या किए जाने की सूचना मिली थी। इस संबंध में नामकुम थाना कांड संख्या-301/26 (धारा 103(1)/238/303(2) BNS 2023) दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया था।
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी राँची के निर्देश पर ग्रामीण एसपी के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था।
हत्या की वजह: म्यूटेशन रिपोर्ट बनी जी का जंजाल
अनुसंधान और गिरफ्तार अभियुक्तों के स्वीकारोक्ति बयान से खुलासा हुआ कि अरगोड़ा अंचल के मौजा बड़ा घाघरा (खाता संख्या-29, रकबा 96 डिसमिल) की भूमि को लेकर गोसाई परिवार द्वारा विभिन्न डीड के माध्यम से बिक्री और म्यूटेशन के लिए आवेदन दिया गया था।
मृतक राजस्व कर्मी लक्ष्मीकांत मुंडा द्वारा इन मामलों की स्थल जाँच और दस्तावेजों का सत्यापन किया गया था। जाँच के दौरान मूल दस्तावेजों और वंशावली में भिन्नता पाए जाने के कारण उन्होंने कई नामांतरण वादों में प्रतिकूल टिप्पणी दर्ज करते हुए अंचल अधिकारी (CO), अरगोड़ा को दाखिल-खारिज अस्वीकृत करने की अनुशंसा की थी।
सीओ द्वारा म्यूटेशन वाद अस्वीकृत किए जाने और कुछ मामलों के लंबित रहने के कारण आरोपी सुगमतापूर्वक जमीन की बिक्री और दाखिल-खारिज नहीं करा पा रहे थे। खरीदारों द्वारा लगातार दबाव बनाए जाने से क्षुब्ध होकर अपराधियों ने षड्यंत्र रचकर राजस्व कर्मी की हत्या कर दी।
गिरफ्तार अभियुक्तों के नाम
पुलिस ने तकनीकी और मानवीय आसूचना के आधार पर छापेमारी कर निम्नलिखित तीन अप्राथमिकी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है:
प्रदीप गोसाई (उम्र 38 वर्ष), पिता- बृज गोसाई, निवासी- बड़ा घाघरा देवी मंडप, थाना डोरण्डा, राँची।
अमित टोप्पो उर्फ अमित गोसाई (उम्र 34 वर्ष), पिता- स्व० राकेश टोप्पो, निवासी- डंगरा टोली, थाना लालपुर, राँची।
सिन्दु कुमार गोसाई (उम्र 31 वर्ष), पिता- बृज गोसाई, निवासी- बड़ा घाघरा देवी मंडप के पास, थाना डोरण्डा, राँची।
बरामदगी और अन्य संलिप्त आरोपी
बरामद सामग्री: 3 अदद मोबाइल फोन।
फरार आरोपी: कांड में संलिप्त अन्य तीन अप्राथमिकी अभियुक्तों— भोला गोसाई, अमित सिंह, और शैलेश—तथा अन्य अज्ञात अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। साथ ही, गिरफ्तार आरोपियों के पुराने आपराधिक इतिहास का भी पता लगाया जा रहा है।
छापामारी दल में वरीय पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय-प्रथम) अमर कुमार पाण्डेय, डीएसपी हटिया नीरज कुमार, बुंडू एसडीपीओ ओमप्रकाश सहित डोरण्डा, नामकुम, बुंडू, टाटीसिलवे और दशमफॉल थाना प्रभारी एवं तकनीकी शाखा की क्यूआरटी टीम के अधिकारी व जवान शामिल थे।