Home » डिग्री नहीं, ‘सौदा’ हो रहा है!’ Radha Govind University Ramgarh में फर्जी डिग्री और फर्जीवाड़े के गंभीर आरोप, मान्यता पर मंडराया खतरा
रामगढ़ / रांची: झारखंड के रामगढ़ स्थित राधा गोविंद यूनिवर्सिटी (Radha Govind University) एक बार फिर गंभीर विवादों और घोटालों के केंद्र में आ गई है। विश्वविद्यालय पर इंटर, बीए (BA), एमए (MA), बीएड (B.Ed), नर्सिंग, एलएलबी (LLB) और पीएचडी (PhD) जैसी डिग्रियां लाखों रुपये लेकर बेचने और भारी फर्जीवाड़ा करने के संगीन आरोप लगे हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च शिक्षा विभाग द्वारा कराई गई जांच की रिपोर्ट अब संबंधित मंत्री को सौंप दी गई है। सूत्रों के मुताबिक, यदि इस रिपोर्ट पर कड़ी कार्रवाई होती है, तो विश्वविद्यालय की मान्यता तक रद्द की जा सकती है।
जांच में खुले कई चौकाने वाले राज
जांच समिति की रिपोर्ट में विश्वविद्यालय की संदिग्ध कार्यप्रणाली और अवैध गतिविधियों का उल्लेख किया गया है। शिकायतों के आधार पर छात्रों के नामांकन, उपस्थिति दर्ज करने की संचिकाओं (registers) से लेकर परीक्षाओं के संचालन तक में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के प्रमाण मिलने की बात कही जा रही है। आरोप है कि फर्जी उपस्थिति बनाकर और मोटी रकम वसूल कर फर्जी डिग्रियां बांटी जा रही थीं।
छात्र संगठनों और NSUI ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग
विश्वविद्यालय परिसर में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं के खिलाफ छात्र संगठनों और NSUI ने मोर्चा खोल दिया है। संगठन के प्रतिनिधियों ने राज्यपाल सह कुलाधिपति को ज्ञापन और ईमेल भेजकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय और समयबद्ध जांच (High-level Probe) कराने की मांग की है।
पहले भी विवादों में रहा है संस्थान
यह पहली बार नहीं है जब यह विश्वविद्यालय सुर्खियों में आया है। इससे पूर्व प्रतियोगी परीक्षाओं में सेंटरों पर कंप्यूटर हार्डवेयर सेटिंग्स और धांधली के मामलों में भी स्थानीय पुलिस और प्रशासन द्वारा कार्रवाई की जा चुकी है। लगातार सामने आ रहे इन घोटालों से न सिर्फ शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं, बल्कि वहां से पढ़ चुके हजारों छात्रों के भविष्य पर भी अनिश्चितता के बादल मंडराने लगे हैं।
क्या होगी राज्य सरकार की कार्रवाई ?
राज्य का उच्च शिक्षा विभाग अब इस मामले में अंतिम निर्णय लेने की तैयारी में है। कयास लगाए जा रहे हैं कि अगले कुछ दिनों में सरकार फर्जीवाड़ा रोकने के लिए विश्वविद्यालय प्रबंधन पर कड़ा शिकंजा कस सकती है।