Home » रिनपास में 2 करोड़ की लागत से ‘Deep TMS’ मशीन शुरू: स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी बोले— “मानसिक मरीजों को अब रांची में मिलेगा विश्वस्तरीय इलाज”
झारखंड के स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक क्रांति: रिनपास (RINPAS) में शुरू हुई विश्वस्तरीय ‘DTMS’ सुविधा; मानसिक रोगियों के लिए संजीवनी बनेगी नई तकनीक
मस्तिष्क की जटिल बीमारियों का बिना ऑपरेशन और कम समय में होगा सटीक इलाज; कांके विधायक सुरेश बैठा बोले— “विकसित देशों जैसी स्वास्थ्य सुविधाएं अब रांची में उपलब्ध”
रांची: झारखंड में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को एक नई और वैश्विक दिशा देने के उद्देश्य से राजधानी रांची के कांके स्थित रिनपास (Ranchi Institute of Neuro-Psychiatry & Allied Sciences) में एक ऐतिहासिक चिकित्सा तकनीक की शुरुआत हुई है। ‘प्रोजेक्ट मानस’ (Project Manas) के तहत रोटरी क्लब ऑफ रांची और सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) के संयुक्त सहयोग से संस्थान में अत्याधुनिक और विश्वस्तरीय डीप ट्रांसक्रैनियल मैग्नेटिक स्टिमुलेशन (Deep TMS) मशीन स्थापित की गई है।
करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित इस अत्याधुनिक मशीन का भव्य उद्घाटन बुधवार को सूबे के माननीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर उन्होंने बढ़ती मानसिक समस्याओं को देखते हुए इस तकनीक को झारखंड के लिए एक बड़ी राहत बताया।
📊 रिनपास ‘Deep TMS’ प्रोजेक्ट: मुख्य बिंदु और विशिष्टताएं
इस मशीन की कार्यप्रणाली, लागत और उद्घाटन समारोह से जुड़े मुख्य विवरणों को नीचे दी गई तालिका में आसानी से समझा जा सकता है:
मुख्य मानक / पैरामीटर
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प्रोजेक्ट से जुड़ी विस्तृत तकनीकी जानकारी (Details)
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मशीन का नाम
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डीप ट्रांसक्रैनियल मैग्नेटिक स्टिमुलेशन (Deep TMS)
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कुल वित्तीय लागत
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₹2 करोड़ (Two Crores) — रोटरी क्लब रांची और सीसीएल (CSR) के सहयोग से।
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लक्षित बीमारियां
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गंभीर अवसाद (Depression), चिंता (Anxiety), ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर (OCD) व अन्य न्यूरो समस्याएं।
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उपचार की प्रकृति
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गैर-आक्रामक (Non-Invasive) और पूरी तरह सुरक्षित; दवाओं की निर्भरता को करता है कम।
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मुख्य लाभार्थी
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झारखंड के गरीब, आदिवासी (Tribals) और समाज के जरूरतमंद मानसिक मरीज।
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⚡ “आलोचनाओं से विचलित न हों डॉक्टर, हम व्यवस्था बदल रहे हैं” – डॉ. इरफान अंसारी
उद्घाटन के बाद डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने विरोधियों पर राजनीतिक निशाना साधते हुए कहा:
“आज के दौर में बच्चों और युवाओं में मानसिक तनाव तेजी से बढ़ रहा है, ऐसे में यह मशीन वरदान साबित होगी। झारखंड को स्वास्थ्य के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना हमारा संकल्प है। कुछ लोग हमारी स्वास्थ्य व्यवस्था के सुधारों पर लगातार सवाल उठा रहे हैं, लेकिन मैं कहना चाहता हूं कि कमियां वहीं निकाली जाती हैं जहां काम होता है। पिछले कई सालों तक रिनपास और स्वास्थ्य क्षेत्र की उपेक्षा की गई, लेकिन अब जब हमारी सरकार इसे विश्वस्तरीय बना रही है, तो आलोचनाएं भी बढ़ रही हैं। डॉक्टर पूरी निर्भीकता से मरीजों की सेवा करें, सरकार उनके साथ खड़ी है।”
🧠 दवाओं के लंबे झंझट से मिलेगी मुक्ति: विधायक सुरेश बैठा
समारोह को संबोधित करते हुए कांके के माननीय विधायक सुरेश बैठा ने कहा कि दुनिया के विकसित देशों में जिस आधुनिक तकनीक से इलाज होता है, अब वही सुविधा हमारे झारखंड के मरीजों को मिलेगी। इस मशीन के जरिए मस्तिष्क से जुड़ी समस्याओं का उपचार बहुत ही कम समय में और अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा। अब तक जिन बीमारियों के लिए मरीजों को सालों-साल हैवी डोज़ दवाओं का सहारा लेना पड़ता था, उन्हें इस तकनीक से जादुई लाभ मिलेगा।
🤝 सीसीएल और रोटरी क्लब का सराहनीय सामाजिक सरोकार
सीसीएल (CSR) के जीएम श्री सिद्धार्थ शंकर लाल ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि रांची रिनपास में जनजातीय (Tribal) भाई-बहनों और समाज के सबसे पिछड़े जरूरतमंदों के बीच ऐसी अंतरराष्ट्रीय स्तर की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराकर हमें गर्व की अनुभूति हो रही है।
वहीं, रोटरी क्लब रांची के अध्यक्ष अमित अग्रवाल और रोटरी गवर्नर नम्रता ने कहा कि ‘प्रोजेक्ट मानस’ के तहत हमारा उद्देश्य केवल मशीन लगाना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सुपर-स्पेशलिटी स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है। रिनपास की डायरेक्टर जयंती सिमलाई ने इस मशीन की स्थापना को संस्थान के इतिहास की एक बड़ी और गौरवशाली उपलब्धि बताया।
👥 समारोह में उपस्थित रहे शहर के गणमान्य लोग
प्रोजेक्ट चेयरमैन गौरव बागराॅय ने मशीन की तकनीकी बारीकियों और इसकी सुरक्षा पर प्रकाश डाला। मंच का सफल संचालन डीजीएन मुकेश तनेजा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन पीडीजी अजॉय छाबड़ा द्वारा दिया गया।
इस ऐतिहासिक अवसर पर रोटरी क्लब की सचिव भावना तनेजा, ललित त्रिपाठी, पीडीजी डॉ. जोगेश गंभीर, मनोज तिवारी, प्रवीण राजगढ़िया, अतुल अग्रवाल, जशदीप सिंह, पवन जायसवाल, हर्मिंदर सिंह, राजकुमार अग्रवाल, रश्मि अग्रवाल, करुणा राजगढ़िया, श्वेता अग्रवाल, अजयदीप वाधवा, ख्याति मुंजाल, गिरीश अग्रवाल, गुरबीर सिंह, मनीष रामसिसरिया, प्रकाश सरावगी, ऋतु अग्रवाल और विनय ढाढानिया सहित चिकित्सा जगत की कई नामचीन हस्तियां मौजूद थीं।