Home » झारखंड: SIR के तहत मतदाता सूची पुनरीक्षण में तेजी के निर्देश, CEO के. रवि कुमार ने जिलावार समीक्षा की !
झारखंड: विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की समीक्षा, CEO के. रवि कुमार ने दिए मतदाता सूची में पात्र युवाओं के नाम जोड़ने के सख्त निर्देश !
राँची। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। इसका मुख्य उद्देश्य सभी पात्र भारतीय नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल करना तथा सूची को पूरी तरह शुद्ध, अद्यतन, समावेशी और त्रुटिरहित बनाना है।
इसी क्रम में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO), झारखंड, श्री के. रवि कुमार ने राज्य के सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ जिलावार और विधानसभा क्षेत्रवार प्रगति की समीक्षा की। बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि प्रक्रिया में तेजी लाते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक छूटने न पाए, और साथ ही कोई अपात्र या विदेशी व्यक्ति सूची में शामिल न हो सके।
2 वर्ष में केवल 3.89% वृद्धि, लक्ष्य 8% का
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने समीक्षा के दौरान बताया कि पिछले पुनरीक्षण के लगभग दो वर्ष बीतने के बाद भी राज्य की मतदाता सूची में वृद्धि 4 प्रतिशत से कम रही है, जबकि अपेक्षा कम-से-कम 8 प्रतिशत की थी।
22 अक्टूबर 2026 तक के आंकड़े:
कुल मतदान केंद्र: 31,892
प्रारूप मतदाता सूची में कुल मतदाता: 2,21,01,249
प्राप्त Form-6 (नए आवेदन): 8,59,162
कुल वृद्धि प्रतिशत: 3.89%
प्रति मतदान केंद्र औसत आवेदन: 27
जिलावार प्रदर्शन: कोडरमा सबसे आगे, पाकुड़ सबसे पीछे
आंकड़ों के विश्लेषण में जिलों और विधानसभा क्षेत्रों के प्रदर्शन में काफी अंतर देखा गया:
सबसे अधिक वृद्धि वाले शीर्ष 5 जिले:
कोडरमा – 5.80%
पलामू – 4.86%
पश्चिमी सिंहभूम – 4.85%
खूंटी – 4.38%
सिमडेगा – 4.35%
सबसे कम वृद्धि वाले 5 जिले:
पाकुड़ – 2.85%
जामताड़ा – 2.87%
देवघर – 2.89%
गोड्डा – 3.13%
दुमका – 3.22%
विधानसभा क्षेत्रवार स्थिति
सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन वाले क्षेत्र: धनबाद (6.18%), कोडरमा (5.80%), मझगाँव (5.47%), जमशेदपुर पश्चिम (5.35%) और डाल्टनगंज (5.22%)।
कम प्रदर्शन वाले क्षेत्र: चंदनकियारी (2.56%), महेशपुर (2.65%), सारठ (2.68%), नाला (2.74%) और गोड्डा (2.83%)।
कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से माँगा सहयोग
18+ आयु वर्ग के युवा पात्र नागरिकों को वोटर लिस्ट में जोड़ने के लिए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने जिलों के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करें। संस्थानों के माध्यम से विशेष जागरूकता अभियान चलाकर पात्र छात्र-छात्राओं से Form-6 भरवाने की प्रक्रिया को रफ्तार दी जाए।
BLO और सुपरवाइजरों के लिए दिशानिर्देश
प्रतिदिन 2 नए फॉर्म डिजिटाइजेशन: सभी बीएलओ सुपरवाइजरों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने अधीनस्थ BLO के कार्यों की नियमित निगरानी करें और प्रत्येक बूथ पर रोजाना कम-से-कम 2 नए Form-6 का डिजिटाइजेशन सुनिश्चित करें।
कमजोर बूथों पर मदद: जिन बूथों में प्रगति धीमी है, वहाँ संबंधित BLO को अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
होम-टू-रोल सत्यापन: डोर-टू-डोर सत्यापन के दौरान छूटे हुए पात्र नागरिकों की पहचान कर उन्हें आवश्यक दस्तावेज़ जुटाने और पंजीकरण पूरा करने में बीएलओ द्वारा मार्गदर्शन और सहायता दी जाएगी।