Home » विभागीय शिखर सम्मेलन 2026: मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने नई दिल्ली में झारखंड की जल प्राथमिकताओं को प्रमुखता से रखा
विभागीय शिखर सम्मेलन 2026′ में मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने उठाई झारखंड के ग्रामीण पेयजल और जल सुरक्षा की मांग
नई दिल्ली / रांची: नई दिल्ली स्थित सुषमा स्वराज भवन में केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय द्वारा आयोजित दो दिवसीय ‘विभागीय शिखर सम्मेलन 2026’ का शुभारंभ हुआ। इस सम्मेलन में झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता तथा उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के मंत्री योगेंद्र प्रसाद और जल संसाधन मंत्री हफीजुल हसन ने विशेष रूप से शिरकत की।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल द्वारा उद्घाटन किए गए इस शिखर सम्मेलन में केंद्र और राज्य सरकारों के राजनीतिक नेतृत्व तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एक मंच पर एकत्र हुए। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य देश में जल क्षेत्र की प्राथमिकताओं, उपलब्धियों, चुनौतियों और उनके ठोस समाधान पर व्यापक रोडमैप तैयार करना है।
सम्मेलन के प्रमुख विचार-विमर्श बिंदु
दो दिवसीय बैठक में जल संसाधनों के प्रबंधन और टिकाऊ विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा की जा रही है:
जल अवसंरचना: पेयजल परियोजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन।
जन भागीदारी: ‘कैच द रेन’ और जल संचय अभियानों को जन-आंदोलन बनाना।
दीर्घकालिक स्थिरता: पेयजल स्रोतों का संरक्षण और पुनर्भरण।
जल जीवन मिशन 2.0: ग्रामीण पेयजल आपूर्ति योजनाओं के बेहतर संचालन एवं रखरखाव की रणनीति।
झारखंड की प्राथमिकताओं और आवश्यकताओं पर दिया बल
सम्मेलन के दौरान मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर नल से जल पहुंचाने की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने राज्य की भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए पेयजल व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को केंद्रीय मंच पर प्रमुखता से रखा।
उन्होंने कहा, “केंद्र एवं राज्यों के बीच बेहतर समन्वय, स्पष्ट निर्णय और समयबद्ध कार्ययोजना के माध्यम से ही जल योजनाओं को धरातल पर उतारा जा सकता है। इस सम्मेलन से प्राप्त सुझावों के आधार पर देश में दीर्घकालिक जल सुरक्षा और विश्वसनीय पेयजल व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।”
झारखंड सरकार की प्रतिबद्धता
मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने रेखांकित किया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार ‘जल, जंगल और जमीन’ की रक्षा के साथ-साथ राज्य के प्रत्येक परिवार तक स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।