रांची में 02-03 सितंबर को ‘मतदाता पंजीकरण’ पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, जुटेंगे देश-विदेश के दिग्गज !
मुख्य बिंदु:
आयोजन स्थल: नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ (NUSRL), धुर्वा, रांची।
मुख्य आयोजक: मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) कार्यालय, झारखंड एवं सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड।
नॉलेज पार्टनर्स: IIM रांची, NUSRL रांची और सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची।
शोध-पत्र: 230 एब्सट्रैक्ट्स में से चयनित 57 शोध-पत्रों पर होगा मंथन।
रांची : लोकतांत्रिक देशों में शुद्ध, समावेशी और पारदर्शी निर्वाचन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से झारखंड की राजधानी रांची में 02 और 03 सितंबर 2026 को दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। “Voter Registration and Voter Registers 2026” विषय पर आधारित इस सम्मेलन का आयोजन नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ (NUSRL), धुर्वा में किया जाएगा।

मंगलवार को निर्वाचन सदन, रांची में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) श्री के. रवि कुमार ने इस कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सम्मेलन का भव्य उद्घाटन 02 सितंबर को पूर्वाह्न 10:00 बजे होगा।
निर्वाचन प्रबंधन और अकादमिक शोध का एक मंच पर संगम
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री के. रवि कुमार ने कहा, “शुद्ध, अद्यतन और विश्वसनीय मतदाता सूची ही लोकतांत्रिक चुनाव प्रणाली की वास्तविक नींव है। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य चुनाव प्रबंधन के व्यावहारिक अनुभवों और अकादमिक शोध को एक साझा मंच पर लाना है।”
उन्होंने जानकारी दी कि भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार द्वारा International IDEA की अध्यक्षता संभालने के बाद, भारत मंडपम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत देश के विभिन्न राज्यों को निर्वाचन से जुड़े अलग-अलग विषयों पर शोध का दायित्व सौंपा गया था। इसी श्रृंखला में झारखंड को “Voter Registration and Voter Registers” पर गहन अध्ययन व शोध की जिम्मेदारी मिली थी।
57 शोध-पत्रों पर होगा गहन तकनीकी मंथन
सम्मेलन की तैयारियों के बारे में बताते हुए सीईओ ने कहा कि इस विषय पर देश-विदेश के रिसर्च स्कॉलर्स, शिक्षाविदों और विशेषज्ञों से कुल 230 एब्सट्रैक्ट्स प्राप्त हुए थे। नॉलेज पार्टनर्स की टीम द्वारा बारीक मूल्यांकन के बाद 80 एब्सट्रैक्ट्स और अंततः 57 उत्कृष्ट शोध-पत्रों को तकनीकी सत्रों में प्रस्तुतीकरण के लिए चुना गया है।
इन सत्रों के दौरान दुनिया के विभिन्न लोकतांत्रिक देशों में अपनाई जा रही मतदाता पंजीकरण तकनीकों, डिजिटाइजेशन, निर्वाचक नामावली प्रबंधन, मतदाताओं की समावेशिता और कानूनी व तकनीकी चुनौतियों पर तुलनात्मक चर्चा की जाएगी।
देश-विदेश के प्रतिष्ठित शिक्षाविद और विशेषज्ञ होंगे शामिल
इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश-विदेश के कई बड़े नाम और नीति-निर्माता शिरकत करेंगे।
मुख्य अतिथि व वक्ता: भारत निर्वाचन आयोग के प्रधान सचिव श्री अरविंद आनंद, सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड के कुलपति प्रो. सारंग मेधेकर, NUSRL के कुलपति प्रो. (डॉ.) अशोक आर. पाटिल, IIM रांची के निदेशक प्रो. दीपक कुमार श्रीवास्तव और सेंट जेवियर्स कॉलेज के प्राचार्य डॉ. फादर रॉबर्ट प्रदीप कुजूर।
लोकार्पण: उद्घाटन सत्र में “Voter Registration and Voter Registers” विषयक विशेष पुस्तक तथा सम्मेलन की स्मारिका (Souvenir) का विमोचन भी किया जाएगा।
भविष्य की चुनाव प्रणाली होगी अधिक प्रभावी
सम्मेलन में मुख्य रूप से चुनाव अधिकारी, नीति-निर्माता, कानूनी विशेषज्ञ, शोधकर्ता, पत्रकार और सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधि भाग लेंगे। दो दिनों के विचार-विमर्श से प्राप्त निष्कर्ष और सुझाव आने वाले समय में मतदाता सूची प्रबंधन को अधिक आधुनिक, पारदर्शी, समावेशी और सुलभ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
प्रेस वार्ता के दौरान अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुबोध कुमार, राज्य प्रशिक्षण नोडल पदाधिकारी श्री देव दास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी श्री धीरज कुमार ठाकुर सहित CUJ, IIM रांची, NUSRL और सेंट जेवियर्स कॉलेज के वरिष्ठ प्राध्यापक एवं पदाधिकारी उपस्थित थे।













