झारखंड वोटर लिस्ट पुनरीक्षण: मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कसी विधानसभा स्तर के अफसरों की नकेल; बीएलओ के कार्यों के सत्यापन की तय की जवाबदेही
अधिकारियों को सख्त हिदायत— “इन्यूमरेशन फॉर्म भरवाते समय जनता से न मांगें कोई भी दस्तावेज, आयोग के नियमों का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई”
रांची: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) को त्रुटिहीन और पारदर्शी तरीके से धरातल पर उतारने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग पूरी तरह एक्शन मोड में है। जिला स्तर के अधिकारियों को प्रशिक्षित करने के बाद, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) श्री के. रवि कुमार ने शनिवार को राज्य के सभी विधानसभा क्षेत्रों के ईआरओ (ERO) और एईआरओ (AERO) के साथ ऑनलाइन मैराथन बैठक की और उन्हें पीपीटी (PPT) के माध्यम से बिंदुवार प्रशिक्षण दिया।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि इस पूरे महा-अभियान की सफलता विधानसभा स्तर के इन अधिकारियों की मुस्तैदी पर टिकी है। बीएलओ (BLO) ग्राउंड पर जो भी डेटा इकट्ठा करेंगी, उसे क्रॉस-वेरीफाई और फाइनल करने की शत-प्रतिशत जिम्मेदारी ईआरओ और एईआरओ की होगी।
📊 विधानसभा स्तर पुनरीक्षण गाइडलाइंस 2026: मुख्य बिंदु
विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान ईआरओ, एईआरओ और बीएलओ को किन नियमों के तहत काम करना है, उसका पूरा ब्योरा नीचे तालिका में दिया गया है:
अधिकारी / पद |
सौंपे गए मुख्य दायित्व और दिशा-निर्देश (Operational Guidelines) |
|---|---|
ईआरओ एवं एईआरओ(ERO / AERO) |
* बीएलओ और बीएलओ सुपरवाइजर द्वारा एसआईआर (SIR) के तहत किए गए कार्यों को सत्यापित (Verify) करना।* बीएलओ और बीएलओ सुपरवाइजर की ससमय ट्रेनिंग खुद सुनिश्चित करना। |
बीएलओ (BLO) |
* 30 जून से घर-घर जाकर आंशिक रूप से भरे हुए इन्यूमरेशन फॉर्म को भरकर जमा कराना।* फॉर्म भरवाते समय किसी भी प्रकार का दस्तावेज (Documents) नहीं मांगना है। |
तकनीकी निर्देश(Digital Mandate) |
* बीएलओ और बीएलए-2 (BLO & BLA 2) की बैठकें समय पर कराना अनिवार्य।* इन बैठकों की लाइव तस्वीरें ‘बीएलओ ऐप’ (BLO App) पर अपलोड करनी होंगी। |
⚡ “बीएलओ की ट्रेनिंग की जिम्मेदारी केवल ईआरओ और एईआरओ की”
प्रशिक्षण सत्र के दौरान तकनीकी और व्यावहारिक बारीकियों को समझाते हुए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री के. रवि कुमार ने कहा:
“मतदाता सूची के इस विशेष गहन पुनरीक्षण में निचले स्तर पर किसी भी प्रकार का संशय या मानवीय भूल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विधानसभा क्षेत्रों के ईआरओ और एईआरओ यह सुनिश्चित करें कि उनके क्षेत्र के सभी बीएलओ और सुपरवाइजरों की ट्रेनिंग तय समय सीमा के भीतर पूरी हो जाए। यह ट्रेनिंग केवल ईआरओ और एईआरओ द्वारा ही दी जाएगी ताकि नियमों की व्याख्या में कोई विसंगति न रहे। भारत निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुरूप ही हर एक फॉर्म का सत्यापन होना चाहिए।”
📱 बीएलओ ऐप पर रखनी होगी पल-पल की नजर
चुनाव आयोग ने इस बार पुनरीक्षण प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए ‘बीएलओ ऐप’ (BLO App) की मॉनिटरिंग को सख्त कर दिया है। ईआरओ को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में बीएलओ और मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ स्तरीय एजेंटों (BLA 2) की बैठक समय पर बुलाएं। इस बैठक की प्रामाणिकता साबित करने के लिए मौके पर खींची गई तस्वीरों को अनिवार्य रूप से बीएलओ ऐप पर अपलोड करवाना होगा, जिसकी सीधी निगरानी रांची मुख्यालय से की जाएगी।
👥 निर्वाचन सदन की टीम रही मौजूद
ऑनलाइन माध्यम से आयोजित इस राज्य स्तरीय उच्चस्तरीय प्रशिक्षण शिविर के दौरान रांची स्थित निर्वाचन सदन में अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुबोध कुमार, राज्य ट्रेनिंग नोडल पदाधिकारी श्री देवदास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी श्री धीरज कुमार ठाकुर, उप निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजय कुमार और अवर निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुनील कुमार सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इन अधिकारियों ने विधानसभा स्तर के अफसरों द्वारा पूछे गए तकनीकी और ऑन-फील्ड सवालों का त्वरित निवारण किया।



















