Home » CM हेमंत सोरेन की अधिकारियों को सख्त चेतावनी: तय समय-सीमा में पूरी हों योजनाएं
विकास की रफ्तार अब रुकनी नहीं चाहिए”: अधिकारियों को CM हेमंत सोरेन का कड़ा संदेश, तय समय में काम पूरा करने का अल्टीमेटम
नई दिल्ली /रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने राज्य के विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए सभी सरकारी विभागों के पदाधिकारियों और उच्च अधिकारियों को स्पष्ट और कड़ा निर्देश जारी किया है। मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया है कि जनकल्याणकारी योजनाओं और ढांचागत (Infrastructure) विकास की गति में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
🔥 मुख्य आकर्षण (Key Highlights)
📌 जीरो टॉलरेंस: हर योजना को कागजों से हटाकर धरातल पर प्रभावी ढंग से उतारना होगा।
⏱️ समय-सीमा अनिवार्य: सभी अपूर्ण और चालू परियोजनाओं को निर्धारित टाइमलाइन के भीतर पूरा करना अधिकारियों का मुख्य दायित्व है।
🤝 जवाबदेही तय: मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के हक की योजनाओं में देरी होने पर संबंधित विभाग और अधिकारी जवाबदेह होंगे।
💬 मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का आधिकारिक बयान
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया और आधिकारिक बैठक के माध्यम से प्रशासनिक तंत्र को याद दिलाया कि सरकार की प्राथमिकताएं क्या हैं:
“मैं विशेष रूप से अपने विभागों के पदाधिकारियों से कहना चाहता हूँ कि विकास की यह गति अब रुकनी नहीं चाहिए। हम सभी का दायित्व है कि प्रत्येक कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा हो और हर योजना प्रभावी ढंग से धरातल पर उतरे।”
— श्री हेमंत सोरेन, माननीय मुख्यमंत्री, झारखंड
📈 इस निर्देश का क्या होगा असर?
मुख्यमंत्री के इस सख्त रुख के बाद, राज्य के प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। जानकारों का मानना है कि इस कदम से:
लंबित परियोजनाओं में तेजी आएगी: सड़कों, पुलों, और ग्रामीण विकास से जुड़े जो कार्य अटके थे, उन्हें गति मिलेगी।
पारदर्शिता बढ़ेगी: योजनाओं को सीधे “धरातल पर उतारने” के निर्देश से बिचौलियों पर लगाम लगेगी और आम जनता तक सीधा लाभ पहुंचेगा।
सख्त मॉनिटरिंग: मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) अब सीधे तौर पर विभिन्न विभागों की प्रगति रिपोर्ट की नियमित समीक्षा कर सकता है।