Home » खान से ज्ञान की ओर’ (Minds Over Mines): सीएम हेमंत सोरेन ने रखा झारखंड विज़न 2050 का रोडमैप, वैश्विक कंपनियों के साथ सहयोग की शुरुआत
नई दिल्ली/राँची: झारखंड को सिर्फ खनिज संपदा (Mines) के लिए नहीं, बल्कि बौद्धिक क्षमता (Minds) के लिए पहचाना जाए—इसी दूरगामी सोच के साथ मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय ‘नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन’ में ‘झारखंड विज़न 2050’ का खाका देश-दुनिया के सामने रखा।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के इस बड़े नीतिगत बदलाव को रेखांकित करते हुए एक बेहद महत्वपूर्ण संदेश साझा किया:
“एक विचार और एक संकल्प, जो लंबे समय से हमारे विज़न का हिस्सा था। इसे मूर्त रूप देने के लिए हमने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लगातार संवाद और सहयोग का मार्ग अपनाया। आज वह सोच वास्तविकता का रूप लेती हुई दिखाई दे रही है।”
— मुख्यमंत्री, श्री हेमन्त सोरेन
💡 विज़न 2050: मुख्य आकर्षण जिन पर टिकी हैं सबकी नजरें
तकनीक और AI क्रांति: गूगल (Google), माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) और आईबीएम (IBM) जैसी दिग्गज वैश्विक कंपनियों के साथ मिलकर राज्य में सूचना प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इकोसिस्टम को मजबूत किया जा रहा है।
नीतियों का आधुनिकीकरण: झारखंड सरकार इस मंच के माध्यम से अपनी नई AI पॉलिसी, निवेश संवर्धन नीति, टेक्सटाइल और पर्यटन नीतियों को वैश्विक मानकों के अनुरूप अंतिम रूप दे रही है।
समावेशी और सतत विकास: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पारंपरिक ज्ञान (Traditional Knowledge) और आधुनिक तकनीक के संगम से ही राज्य का ऐसा विकास होगा जो समाज के हर वर्ग तक पहुंचेगा।