Home » झारखंड: ‘माइंस’ से ‘माइंड्स’ की ओर बढ़ेगा राज्य, 14 बड़े MoUs पर मुहर
झारखंड को ‘माइंस’ से ‘माइंड्स’ की ओर ले जाना हमारा संकल्प, राज्य में नीति नहीं, संभावनाओं के द्वार खुल रहे हैं: CM हेमंत सोरेन
नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन: डिजिटल गवर्नेंस, AI और तकनीकी नवाचार के लिए गूगल, टाटा और जिंदल समेत वैश्विक संस्थाओं के साथ 14 महत्वपूर्ण समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर।
नई दिल्ली/रांची: झारखंड अब सिर्फ अपनी खनिज संपदा (Mines) के लिए नहीं, बल्कि अपनी बौद्धिक क्षमता और तकनीकी नवाचार (Minds) के लिए जाना जाएगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नई दिल्ली में आयोजित ‘नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन’ (National Stakeholder Consultation) के समापन सत्र को संबोधित करते हुए राज्य के समग्र और दीर्घकालिक विकास का एक नया विजन प्रस्तुत किया।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य में अब सिर्फ नीतियां (Policies) नहीं बन रहीं, बल्कि नई तकनीकी नवाचार के बल पर असीम संभावनाओं (Possibilities) के द्वार खुल रहे हैं।
🚀 गूगल, टाटा और जिंदल समेत दिग्गजों से 14 बड़े समझौते
डिजिटल गवर्नेंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने के लिए झारखंड सरकार ने उद्योग जगत के प्रमुख घरानों और वैश्विक संस्थाओं के साथ कुल 14 महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
गूगल (Google) और टाटा समूह (Tata Group)
जिंदल ग्रुप (Jindal Group) और जिंदल स्टील
वरुण बेवरेजेस (Varun Beverages)
ईज माय ट्रिप (EaseMyTrip)
पावर न्यूक्लियर
“आज विभिन्न संस्थाओं के साथ किए गए एमओयू सिर्फ कागजी समझौते नहीं, बल्कि राज्य के उज्ज्वल भविष्य की उपलब्धियां हैं। (Not just Agreement, but Achievement)”
— हेमंत सोरेन, मुख्यमंत्री
🎯 मुख्यमंत्री के संबोधन की 4 बड़ी बातें
1. शॉर्ट-टर्म नहीं, ‘लॉन्ग-टर्म पार्टनरशिप’ पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विकास के लिए सरकार शॉर्ट-टर्म योजनाओं के बजाय दीर्घकालिक साझेदारी पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि सभी योजनाओं को एक निश्चित समय सीमा (Time Limit) के भीतर धरातल पर उतारा जाए।
2. आदिवासी समाज को 50% तक रियायत देने पर विचार
झारखंड की आत्मा यानी आदिवासी समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सीएम ने एक बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने जियाडा (JIADA) के नियमों में आदिवासी समूह के लिए वर्तमान 25% रियायत के प्रावधान को बढ़ाकर 50% करने पर पुनर्विचार करने का निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिया है।
3. ‘कम्युनिकेशन गैप’ को खत्म करेगी सरकार
मुख्यमंत्री ने ईमानदारी से स्वीकार किया कि अतीत में बेहतर संवाद (Communication) की कमी के कारण झारखंड की क्षमताएं दुनिया के सामने पूरी तरह नहीं आ पाईं। सरकार अब इस गैप को खत्म कर देश-विदेश के निवेशकों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखेगी।
4. रिसर्च और इनोवेशन का हब बनेगा झारखंड
पारंपरिक रूप से खनिज संपदा के लिए मशहूर झारखंड को अब नए आइडियाज और शोध का केंद्र बनाना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए राज्य में नवाचार एवं शोध के वैश्विक संस्थानों का स्वागत किया गया है।
🤝 ‘जोहार’ के साथ साझा विकास का आमंत्रण
भाषण के समापन पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी केंद्रीय मंत्रियों, तकनीकी विशेषज्ञों, टूरिज्म पार्टनर्स और निवेशकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने ‘जोहार’ के साथ सभी को झारखंड के इस नए विकास सफर में सहभागी बनने का खुला आमंत्रण दिया।
