Home » Voter List Revision 2027: चुनाव आयोग ने जारी किया स्पेशल समरी रिवीजन (SSR) का शेड्यूल, जानें जरूरी तारीखें !
वोटर लिस्ट संशोधन 2027: चुनाव आयोग ने घोषित किया स्पेशल समरी रिवीजन का शेड्यूल; 12 नवंबर से शुरू होंगे आवेदन !
नई दिल्ली: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने 01 जनवरी 2027 की अर्हता तिथि (Qualifying Date) को ध्यान में रखते हुए देश के 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फोटो मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (Special Summary Revision – SSR) का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है। आयोग द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य छूटे हुए, नए और युवा मतदाताओं को वोटर लिस्ट में शामिल करना है।
इस पुनरीक्षण अभियान की खास बात यह है कि 1 जनवरी 2027 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवाओं के साथ-साथ वर्ष 2027 की अगली तीन अर्हता तिथियों (1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर 2027) को पात्र होने वाले अग्रिम आवेदन (Advance Applications) भी स्वीकार किए जाएंगे।
SSR 2027 की मुख्य तिथियां (Key Schedule)
आयोग द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार मतदाता सूची पुनरीक्षण का काम निम्नलिखित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाएगा:
पोलिंग स्टेशनों का पुनर्गठन (Rationalization of Polling Stations)
02 नवंबर 2026 तक
चुनाव क्षेत्र में 100% भौतिक सत्यापन के बाद मतदान केंद्रों का पुनर्गठन, री-सीरियलाइजेशन और सेक्शन का निर्माण पूरा किया जाएगा।
एकीकृत ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन (Draft Roll Publication)
12 नवंबर 2026
संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) द्वारा एकीकृत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का प्रकाशन किया जाएगा।
दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अवधि (Claims & Objections)
12 नवंबर 2026 से 11 दिसंबर 2026
नागरिक वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने, संशोधन कराने या हटाने के लिए फॉर्म 6, 6A, 7 और 8 के माध्यम से आवेदन दाखिल कर सकेंगे।
दावों और आपत्तियों का निस्तारण (Disposal of Claims)
28 दिसंबर 2026 तक
प्राप्त सभी दावों और आपत्तियों की सुनवाई और सत्यापन का कार्य ERO द्वारा पूरा किया जाएगा।
अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन (Final Publication of Electoral Rolls)
04 जनवरी 2027
सभी संशोधनों के बाद अंतिम फोटो मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।
किन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू होगा यह शेड्यूल?
यह शेड्यूल उन 17 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) को भेजा गया है, जहाँ आगामी वर्ष की शुरुआत में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं या जहाँ SIR प्रक्रिया लंबित नहीं है:
राज्य/UTs: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, मणिपुर, पुडुचेरी, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल।
नोट: जिन राज्यों/UTs में SIR (Special Intensive Revision) चल रहा है या हाल ही में पूरा हुआ है (जैसे दिल्ली, महाराष्ट्र, झारखंड, कर्नाटक, हरियाणा, ओडिशा आदि), उनके लिए SSR के शेड्यूल की घोषणा बाद में की जाएगी। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए अलग से शेड्यूल जारी होगा।
कौन सा फॉर्म कब और कैसे भरें?
मतदाता सेवा पोर्टल (voters.eci.gov.in) और ECINET ऐप के माध्यम से नागरिक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आधार-आधारित e-Sign के माध्यम से ऑनलाइन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है।
फॉर्मउपयोग (Purpose)महत्वपूर्ण नियम
फॉर्म 6 (Form 6)नए मतदाता के रूप में नाम जोड़ने हेतुपहली बार वोटर बनने वालों और 2027 की अर्हता तिथियों वाले आवेदकों के लिए।
फॉर्म 6A (Form 6A)प्रवासी (Overseas) मतदाताओं के लिएएनआरआई नागरिकों द्वारा वोटर लिस्ट में नाम दर्ज कराने हेतु।
फॉर्म 7 (Form 7)नाम हटाने या आपत्ति दर्ज करने हेतुकेवल उसी विधानसभा के मतदाता ही आपत्ति कर सकते हैं।
फॉर्म 8 (Form 8)पते का बदलाव, विवरण सुधार, EPIC रिप्लेसमेंट व PwD फ्लैगिंगनिवास
आधार नंबर (Aadhaar Voluntary Submission)
फॉर्म 6 और 8 में आधार संख्या देना पूरी तरह स्वैच्छिक है। आधार न देने पर किसी भी नागरिक का आवेदन खारिज नहीं किया जाएगा और न ही वोटर लिस्ट से नाम हटाया जाएगा।
चुनावी अधिकारियों के लिए कड़े दिशा-निर्देश
स्थानांतरण पर रोक (Transfer Bar): ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के प्रकाशन से लेकर अंतिम प्रकाशन तक SSR कार्य से जुड़े अधिकारियों (DEO, ERO, AERO आदि) के तबादले पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
प्रति पोलिंग स्टेशन 1,200 मतदाता: किसी भी पोलिंग स्टेशन पर मतदाताओं की संख्या 1,200 से अधिक नहीं होगी। मतदाताओं को 2 किलोमीटर से अधिक दूरी तय न करनी पड़े, इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा।
हाई-राइज सोसाइटियों व स्लम में मतदान केंद्र: बहुमंजिला सोसाइटियों और झुग्गी बस्तियों (Slum Clusters) में नए पोलिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए विशेष सर्वेक्षण कराया जाएगा।
पारदर्शिता एवं राजनीतिक दलों के साथ बैठक: ERO हर सप्ताह मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ बैठक करेंगे और प्राप्त दावों व आपत्तियों की सूची उन्हें सौंपेंगे।