Home » बिहार में 12 नई टाउनशिप और 6.5 लाख करोड़ का निवेश: CM सम्राट चौधरी
बिहार में ‘सुपर एक्टिव’ मॉडल: 30 दिन में काम न करने वाले अफसर होंगे सीधे सस्पेंड; 12 नई टाउनशिप में आएगा ₹6.5 लाख करोड़ का निवेश — CM सम्राट चौधर
पटना: “अगर बिहार को देश का अग्रणी राज्य बनाना है, तो हम सबको 24 घंटे में से 20 घंटे काम करना होगा। न खायेंगे, न खाने देंगे… न सोयेंगे, न सोने देंगे। जब हम इस संकल्प के साथ आगे बढ़ेंगे, तभी बिहार का अतीत और गौरव वापस लौटेगा।” यह हुंकार बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने पटना के बापू सभागार में आयोजित ‘जी बिजनेस’ (Zee Business) के भव्य कार्यक्रम ‘भरोसे के च्वाइस’ में भरी।
इस हाई-प्रोफाइल इवेंट में मुख्यमंत्री ने राज्य में नौकरशाही (Red Tape) को खत्म करने, रिकॉर्ड निवेश लाने और अपराधियों को नेस्तनाबूद करने के लिए कई ऐतिहासिक नीतिगत फैसलों की घोषणा की।
🛑 फाइल लटकाई तो 31वें दिन ‘स्वतः निलंबन’ (Automatic Suspension)
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (Ease of Doing Business) को बढ़ावा देने और भ्रष्टाचार पर चोट करने के लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सीधे अल्टीमेटम दिया:
30 दिन की डेडलाइन: उद्योग या स्टार्टअप लगाने के लिए आवेदन करने के 30 दिनों के भीतर हर हाल में क्लियरेंस मिलेगा। नगर निगम या फायर डिपार्टमेंट में फाइलें डंप नहीं की जा सकेंगी।
CMO की सीधी नजर: आवेदन मिलने के 10वें दिन पहली नोटिस, 20वें दिन दूसरी और 25वें दिन तीसरी नोटिस सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से लापरवाह अधिकारी को जाएगी।
नो इफ, नो बट: यदि 30 दिनों में आवेदन का निपटारा नहीं हुआ, तो 31वें दिन संबंधित अधिकारी स्वतः (Automatically) निलंबित हो जाएगा। इसके लिए किसी अलग आदेश की जरूरत नहीं होगी।
🏙️ 6.25 लाख एकड़ भूमि पर बनेंगी 12 नई टाउनशिप
बिहार के शहरीकरण और औद्योगिक विस्तार को लेकर मुख्यमंत्री ने कंकड़बाग से भी बड़ा विजन पेश किया:
₹6.5 लाख करोड़ का निवेश: राज्य में 12 नई टाउनशिप विकसित की जा रही हैं, जो 6 लाख 25 हजार एकड़ भूमि पर बनेंगी। इनमें आधुनिक इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और इंडस्ट्रियल पार्क शामिल होंगे।
मुआवजे पर अनोखा नियम: जिनकी जमीन अधिग्रहित होगी, उन्हें उचित मुआवजा मिलेगा। यदि टाउनशिप क्षेत्र के किसी पीड़ित परिवार में बेटी की शादी या कोई विपदा आती है, तो वे सीधे DM को आवेदन देकर तत्काल अपने खाते में मुआवजे की राशि ट्रांसफर करा सकते हैं।
📊 एक नज़र में देखिए बिहार विकास के ‘महा-संकल्प’
विकास का क्षेत्र : लक्ष्य और ऐतिहासिक नीतियां (2026)
इंडस्ट्रियल क्लियरेंस : आवेदन के 30 दिनों के भीतर अनिवार्य मंजूरी (31वें दिन अफसर सस्पेंड)
मेगा टाउनशिप प्रोजेक्ट :12 नई टाउनशिप (6.25 लाख एकड़ भूमि पर, ₹6.5 लाख करोड़ का निवेश)
बिजली सब्सिडी : उपभोक्ताओं को ₹23,000 करोड़ की सब्सिडी (पूरे देश में सबसे ज्यादा)
इंफ्रास्ट्रक्चर (नया हाईवे): गंगा और सोन नदी के ऊपर 126 किमी लंबा नया पथ (PPP मोड पर 3 साल में)
क्राइम पर एक्शन : पुलिस को चुनौती देने वाले अपराधियों को 24 से 48 घंटे में मिलेगा जवाब
🛣️ सड़कों और एक्सप्रेस-वे का महाजाल: PPP मोड पर बनेगा 126 किमी नया पथ
गंगा-सोन रिवर फ्रंट रोड: पटना के लाइफलाइन बन चुके ‘जेडी गंगा पथ’ (21 किमी, लागत ₹6000 करोड़) की तर्ज पर अब सरकार गंगा और सोन नदी के ऊपर 126 किलोमीटर लंबा नया पथ बनाने जा रही है।
3 साल में निर्माण: इसमें मुंगेर से भागलपुर (83 किमी) और दीघा से कोईलवर तक का रास्ता शामिल है। इसे अगले 3 साल में PPP मोड पर बनाया जाएगा, जिसमें बिहार सरकार सिर्फ 40% पैसा खर्च करेगी। इसके अलावा सोनपुर से गोपालगंज के बीच ‘नारायणी पथ’ (एक्सप्रेस-वे) का निर्माण होगा।
बिजली में आत्मनिर्भरता: बिहार सरकार उपभोक्ताओं को ₹23,000 करोड़ की बिजली सब्सिडी दे रही है, जो देश में सर्वाधिक है। अगले 2 वर्षों में बिजली उत्पादन की क्षमता इतनी बढ़ा दी जाएगी कि आगामी 30 वर्षों तक राज्य में बिजली की कोई कमी नहीं होगी।
💼 CA, CS और वित्तीय विशेषज्ञों को मिला ‘विशेष आमंत्रण’
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद 15,000 से अधिक लोगों और वित्तीय विशेषज्ञों को संबोधित करते हुए कहा कि जब भी कोई नया उद्योगपति या युवा स्टार्टअप शुरू करना चाहता है, तो वह सबसे पहले चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) या कंपनी सेक्रेटरी (CS) के पास जाता है। इसलिए बिहार को समृद्ध बनाने के इस अभियान में वित्तीय विशेषज्ञों की भूमिका सबसे बड़ी है।
🐅 पर्यटन को बढ़ावा: सरकारी कर्मियों के लिए बिहार भ्रमण अनिवार्य
बिहार की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को समझने के लिए राज्य सरकार ने अनोखा फैसला लिया है। अब सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए बिहार के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण करना अनिवार्य किया गया है। इसके तहत वाल्मीकि नगर टाइगर रिजर्व, राजगीर, भीम बांध, मुंगेर योग आश्रम, विक्रमशिला, पुनौरा धाम (सितामढ़ी), बोधगया और गयाजी जैसे पवित्र और ऐतिहासिक स्थलों को जोड़ा गया है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि शीतला मंदिर के पीछे ₹200 करोड़ की लागत से बन रहा भगवान महावीर का भव्य मंदिर अगले 6 महीनों में बनकर तैयार हो जाएगा।