Home » बिहार में ₹50 करोड़ से बड़ी सड़क-पुल परियोजनाओं की समीक्षा, लापरवाही पर नपेंगे अफसर
बिहार में मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर कड़ा एक्शन: ₹50 करोड़ से ऊपर की योजनाओं की हाई-लेवल समीक्षा; सचिव पंकज कुमार पाल बोले— ‘लापरवाही बर्दाश्त नहीं’
पीएमआईएस (PMIS) पोर्टल से होगी रियल-टाइम मॉनिटरिंग, मानसून को लेकर पुल-पुलियों की सफाई और कटाव निरोधक सामग्री भंडारण का अल्टीमेटम; ‘सहयोग पोर्टल’ की शिकायतें तुरंत निपटाने के निर्देश
पटना, 15 जून 2026:
बिहार में सड़कों और पुलों के निर्माण की रफ्तार तेज करने तथा काम की गुणवत्ता में जीरो टॉलरेंस की नीति को लागू करने के लिए पथ निर्माण विभाग पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। विभाग के सचिव श्री पंकज कुमार पाल ने आज बिहार राज्य रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BSRDCL), बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड (BRPNNL), राष्ट्रीय उच्चपथ (NH) और पथ निर्माण विभाग के तहत चल रही 50 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली सभी बड़ी परियोजनाओं की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।
माननीय मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशों के आलोक में आयोजित इस बैठक में सचिव ने साफ कर दिया कि बुनियादी ढांचे के विकास में किसी भी स्तर पर ढिलाई या गुणवत्ता से समझौता करने वाले अभियंताओं और अधिकारियों पर गाज गिरनी तय है।
📊 मेगा प्रोजेक्ट्स की समीक्षा और प्रशासनिक कार्ययोजना: एक नजर में
विभाग की इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य फोकस योजनाओं के तीव्र क्रियान्वयन, जवाबदेही और मानसूनी तैयारियों पर रहा, जिसकी रूपरेखा नीचे दी गई है:
कार्यसूची / फोकस बिंदु
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विभाग की नई गाइडलाइन और स्थिति
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समीक्षा का दायरा
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₹50 करोड़ से अधिक की लागत वाली सभी चालू परियोजनाएं
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निगरानी का माध्यम
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PMIS पोर्टल को रोज अपडेट कर होगी रियल-टाइम मॉनिटरिंग
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सहयोग पोर्टल की स्थिति
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वर्तमान में 55 शिकायतें लंबित, जिन्हें तुरंत निष्पादित करने का कड़ा निर्देश
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मानसूनी तैयारी (बाढ़ सुरक्षा)
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संवेदनशील स्थलों की निरंतर मॉनिटरिंग और पुल-पुलियों की अनिवार्य सफाई
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🔍 हर डिवीजन का होगा गहन सर्वे, तय होगी अफसरों की जिम्मेदारी
बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्यभर के क्षेत्रीय अभियंता भी जुड़े। सचिव पंकज कुमार पाल ने निर्देश दिया कि:
ग्राउंड वेरिफिकेशन: हर डिवीजन का सघन सर्वे किया जाए और चल रहे निर्माण कार्यों की भौतिक (Physical) जांच सुनिश्चित की जाए।
समय-सीमा का पालन: राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘प्रगति यात्रा’ से जुड़ी सड़क योजनाओं और अन्य महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स को हर हाल में तय समय-सीमा के भीतर पूरा करना होगा।
सख्त कानूनी और विभागीय कार्रवाई: यदि किसी कार्य में कोताही, वित्तीय अनियमितता या घटिया निर्माण पाया गया, तो विभाग स्वतः संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों की व्यक्तिगत जवाबदेही तय करते हुए उनके विरुद्ध निलंबन सहित कड़ी दंडात्मक कार्रवाई करेगा।
⛈️ मानसून 2026: बाढ़ और सुखाड़ को लेकर विशेष अलर्ट
आगामी मानसून सत्र को देखते हुए सचिव ने बाढ़ और सुखाड़ के प्रभावों से निपटने की तैयारियों की भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी प्रमंडलों को स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के तहत काम करने का निर्देश दिया। राज्य के सभी छोटे-बड़े पुल-पुलियों के नीचे से गाद और कचरे की सफाई (Desilting) तत्काल प्रभाव से करने को कहा गया है, ताकि पानी का बहाव न रुके। साथ ही, संवेदनशील इलाकों में कटाव निरोधक सामग्री (Flood Fighting Materials) का समय पर भंडारण सुनिश्चित करने का आदेश जारी किया गया है।
💬 “आम जनता की शिकायतों का निवारण सर्वोच्च प्राथमिकता” — पंकज कुमार पाल
जन-सुनवाई और जन-शिकायतों पर बल देते हुए सचिव ने कहा कि ‘सहयोग पोर्टल’ पर मिलने वाली आम जनता की शिकायतें सीधे विभाग की साख से जुड़ी हैं। अधिकांश प्रमंडलों के कामकाज पर संतोष जताते हुए उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि जो 55 मामले अभी भी पेंडिंग हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर बिना किसी देरी के तुरंत सुलझाया जाए।