Home » विकसित बिहार 2047: पटना में ‘मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना’ का भव्य ओरिएंटेशन; चयनित 106 फेलोज़ को मिलेगा ₹1.50 लाख तक मानदेय
‘विकसित बिहार 2047’ के सारथी बनेंगे युवा प्रोफेशनल्स: पटना में मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना का शंखनाद; सुशासन और प्रशासनिक सुधार को मिलेगी नई गति
आईआईएम (IIM) बोधगया के सहयोग से तैयार हुआ महत्वाकांक्षी खाका; प्रशासन के विभिन्न स्तरों पर 2 साल के लिए तैनात हुए 106 विषय विशेषज्ञ
पटना: बिहार को साल 2047 तक एक विकसित और आत्मनिर्भर राज्य बनाने की दिशा में नीतीश सरकार ने एक बड़ा और नीतिगत कदम उठाया है। सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) के अंतर्गत बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी (बीपीएसएमएस) द्वारा गुरुवार को पटना के पुराना सचिवालय स्थित अधिवेशन भवन में ‘मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना’ के चयनित फेलोज़ के लिए एक दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में बिहार के विकास आयुक्त श्री मिहिर कुमार सिंह, सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव (ACS) सह बीपीएसएमएस के मिशन निदेशक डॉ. बी. राजेन्दर सहित भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) बोधगया और सरकार के कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारी शामिल हुए। इस दौरान चयनित युवाओं को प्रशासनिक बारीकियों और लोक नीति (Public Policy) के क्रियान्वयन की विस्तृत ट्रेनिंग दी गई।
📊 मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना 2026: तैनाती और मानदेय का पूरा गणित
कठोर चयन प्रक्रिया के बाद चुने गए देश के इन प्रतिभावान अर्ली और मिड-कैरियर प्रोफेशनल्स को दो वर्षों के लिए प्रशासन के अलग-अलग स्तरों पर तैनात किया गया है। पद और मानदेय (Stipend) का पूरा ब्योरा नीचे तालिका में है:
तैनाती का स्तर (Placement Level)
|
फेलोज़ की संख्या
|
प्रति माह मिलने वाला मानदेय (Salary/Stipend)
|
मुख्यमंत्री सचिवालय एवं उपमुख्यमंत्री कार्यालय
|
06 फेलोज़
|
₹1.50 लाख (One Lakh Fifty Thousand)
|
मुख्य सचिव कार्यालय एवं विकास आयुक्त कार्यालय
|
04 फेलोज़
|
₹1.25 लाख (One Lakh Twenty-Five Thousand)
|
विभिन्न सचिवालय विभाग (Secretariat Departments)
|
40 फेलोज़
|
₹1.00 लाख (One Lakh)
|
प्रमंडलीय आयुक्त, डीएम (DM) एवं नगर निगम आयुक्त कार्यालय
|
57 फेलोज़
|
₹80 हजार (Eighty Thousand)
|
कुल स्वीकृत पद बनाम चयन
|
121 पद
|
106 उम्मीदवारों का अंतिम रूप से चयन किया गया है।
|
⚡ “यह साधारण नौकरी नहीं, सुशासन का केंद्रित शिक्षण कार्यक्रम है” – डॉ. बी. राजेन्दर
ओरिएंटेशन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्दर ने फेलोशिप के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा:
“वर्ष 2047 के विकसित बिहार के निर्माण की परिकल्पना को साकार करने में इन युवा मुख्यमंत्री फेलोज़ का योगदान अत्यंत मील का पत्थर साबित होगा। यह योजना बिहार की अन्य पारंपरिक नियुक्ति प्रक्रियाओं से बिल्कुल अलग है। यह एक केंद्रित शिक्षण एवं सहभागिता कार्यक्रम है, जिसके माध्यम से ये युवा प्रतिभाएं जमीनी स्तर पर प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सीखेंगी भी और सुशासन में अपना सीधा तकनीकी योगदान भी देंगी। बिहार इस तरह की फेलोशिप लागू करने वाला देश का अग्रणी राज्य है।”
📈 “डेटा आधारित परिवर्तन और राष्ट्र सेवा को बनाएं लक्ष्य”: विकास आयुक्त
विकास आयुक्त श्री मिहिर कुमार सिंह ने युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि डेटा आधारित परिवर्तन हमेशा जमीनी स्तर पर ही दिखाई देते हैं। उन्होंने कहा कि जिलों में पदस्थापित होने वाले फेलोज़ को लोक नीति क्रियान्वयन को एक महत्वपूर्ण ‘केस स्टडी’ के रूप में देखना चाहिए। उन्होंने सभी फेलोज़ को भारत सरकार और बिहार सरकार के आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey) दस्तावेजों को अनिवार्य रूप से पढ़ने की सलाह दी, ताकि वे राज्य की आर्थिक और सामाजिक संरचना को गहराई से समझ सकें।
🔍 क्या है इस योजना का मुख्य उद्देश्य?
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना को राज्य सरकार के सुशासन कार्यक्रम के अंतर्गत बिहार मंत्रिपरिषद द्वारा 09 सितंबर 2025 को मंजूरी दी गई थी। इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम को देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIM बोधगया के अकादमिक और तकनीकी सहयोग से तैयार किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक सुधार, शासन तंत्र में नवाचार (Innovation), क्षमता निर्माण को बढ़ावा देना और सरकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाना है। दो वर्षों की अवधि के दौरान ये प्रोफेशनल्स सीधे सीनियर आईएएस अधिकारियों और नीति-निर्माताओं के साथ मिलकर काम करेंगे।