Home » बिहार में खुलेगा ‘बिहार टेक’ पोर्टल, 5 साल में उद्योग हब बनेगा राज्य: CM
बिहार में खुलेगा उद्योगों का ‘महाद्वार’: बनेगा ‘बिहार टेक’ पोर्टल; CM सम्राट चौधरी बोले- “5 साल में उद्योग से जाना जाएगा बिहार, जमीन की कोई कमी नहीं”
पटना: बिहार को एक बड़े औद्योगिक और तकनीकी हब के रूप में स्थापित करने के लिए राज्य सरकार ने बड़े एक्शन प्लान का एलान किया है। शुक्रवार, 19 जून 2026 को पटना के राजीव नगर स्थित सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया (STPI) में आयोजित एक हाई-प्रोफाइल ‘आईटी इंडस्ट्री एवं स्टार्टअप संवाद’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने संयुक्त रूप से शिरकत की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बिहार के तकनीकी और औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने के लिए विशेष ‘बिहार टेक’ (Bihar Tech) पोर्टल के निर्माण की घोषणा की। सीएम ने संकल्प दोहराया कि अगले 5 वर्षों के भीतर बिहार की पहचान देश और दुनिया में एक प्रमुख उद्योग राज्य के रूप में स्थापित की जाएगी।
💻 केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव की मौजूदगी में स्टार्टअप्स से सीधा संवाद
STPI ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बिहार के उभरते हुए युवा उद्यमियों और आईटी संगठनों को एक मजबूत मंच देना था:
युवाओं के मिले सुझाव: संवाद के दौरान आईएमजेड कॉरपोरेट के अस्मित सिंह, टाइगर कंपनी के प्रशांत कुमार, NIRO जीआईएफ के अस्मित राज, आईटी एसोसिएशन फेडरेशन के नवीन गुप्ता, हाईप्रोटेक के अभिषेक कुमार सहित कई स्टार्टअप्स ने अपने अनुभव और विज़न साझा किए।
मिलेगा उचित प्लेटफॉर्म: केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सभी उद्यमियों के सुझावों को गौर से सुना और आश्वस्त किया कि इन विचारों को जमीनी स्तर पर उतारने के लिए हर संभव कानूनी और ढांचागत बाधाओं को तुरंत दूर किया जाएगा।
🗺️ “11 नए सैटेलाइट टाउनशिप के लिए 2 लाख एकड़ सरकारी जमीन चिह्नित”
बिहार में उद्योगों के लिए जमीन की किल्लत से जुड़े पुराने नैरेटिव को बदलते हुए मुख्यमंत्री ने बड़े आंकड़े पेश किए:
लैंड बैंक तैयार: राज्य सरकार ने उद्योग और शहरी विस्तार के लिए 2 लाख एकड़ सरकारी जमीन को बाहर निकाला है।
11 सैटेलाइट टाउनशिप: इस चिह्नित जमीन पर राज्य भर में 11 नए सैटेलाइट टाउनशिप बनाए जा रहे हैं। सीएम ने साफ किया कि उद्योगों के लिए जमीन की कोई कमी नहीं है और जिन किसानों से जमीन ली जा रही है, उन्हें उचित मुआवजा दिया जा रहा है।
फास्ट-ट्रैक क्लीयरेंस: राज्य में उद्योग लगाने के द्वार पूरी तरह खोल दिए गए हैं और लालफीताशाही (Red Tapism) को खत्म कर निवेशकों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा रहा है।
⏱️ ‘सहयोग शिविर’ का कड़ा नियम: 30 दिन में काम नहीं तो 31वें दिन अफसर सस्पेंड!
मुख्यमंत्री ने राज्य में सुशासन और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर एक बेहद कड़ा संदेश दिया:
3 लाख से ज्यादा आवेदनों का निपटारा: जनता की समस्याओं के लिए शुरू किए गए ‘सहयोग पोर्टल’ पर अब तक 3,26,000 आवेदन आए हैं, जिनका समाधान किया जा चुका है।
सीएमओ का सीधा एक्शन: इस पोर्टल का नियम बेहद सख्त है— यदि किसी अधिकारी ने आवेदन मिलने के 30 दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं की, तो 31वें दिन मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से उस अधिकारी के निलंबन (Suspension) का आदेश जारी हो जाता है।
अधिकारियों के फैसलों की री-चेकिंग: करीब 7,000 ऐसे मामले आए हैं जहां अधिकारियों के आदेश त्रुटिपूर्ण थे। ऐसे मामलों में उनके वरीय (Senior) अधिकारियों को 30 दिनों के भीतर सही आदेश जारी करने का कड़ा निर्देश दिया गया है।
🌾 पानी और आबादी अब बिहार की ताकत, आत्मनिर्भरता पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी बिहार के लिए पानी (बाढ़) और बड़ी आबादी (Human Resource) को समस्या माना जाता था, लेकिन अब सरकार इन दोनों का सदुपयोग कर रही है। बिहार ज्ञान की भूमि है, और सरकार ऐसी व्यवस्था बना रही है कि यहां के बच्चों को उच्च शिक्षा और रोजगार के लिए पलायन न करना पड़े।
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम को केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव, नगर विकास एवं आवास तथा सूचना प्रावैधिकी मंत्री श्री नीतीश मिश्रा, मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत और STPI के महानिदेशक श्री अरविंद कुमार ने भी संबोधित किया।