Home » NH-139 फोरलेन को मिली हरी झंडी: पटना से हरिहरगंज तक बनेगा शानदार हाईवे, औरंगाबाद शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए उठी फ्लाई ओवर की मांग!
NH-139 फोरलेन का रास्ता साफ: पटना से हरिहरगंज तक डीपीआर को मिली मंजूरी, औरंगाबाद में जाम से मुक्ति के लिए बनेगा ‘फ्लाई ओवर’
औरंगाबाद :बिहार के बुनियादी ढांचे और सड़क कनेक्टिविटी को लेकर एक बहुत बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आ रही है। लंबे समय से प्रतीक्षित NH-139 फोरलेन परियोजना अंततः धरातल पर उतरने की दिशा में आगे बढ़ चुकी है। सरकार ने हरिहरगंज से लेकर पटना तक पूरी तरह से फोरलेन सड़क के निर्माण के लिए कम्पलीट डीपीआर (Detailed Project Report) बनाने की आधिकारिक स्वीकृति दे दी है।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत अंबा, औरंगाबाद, ओबरा, दाउदनगर और अरवल जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नए बाईपास का निर्माण किया जाएगा। विभागीय अधिकारी और इंजीनियर पिछले कई महीनों से इस योजना को अंतिम रूप देने में जुटे हुए थे, जो अब साकार होती दिख रही है।
जनप्रतिनिधियों के साझा प्रयास रंग लाए
इस बड़ी सौगात को जमीन पर उतारने के लिए जिले के वर्तमान और पूर्व जनप्रतिनिधियों ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर लगातार प्रयास किए हैं। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रबुद्ध नागरिकों ने इस साझा प्रयास की सराहना करते हुए सभी का आभार व्यक्त किया है।
बड़ी समस्या: औरंगाबाद शहर को ‘जाम’ से मुक्ति दिलाने की चुनौती
फोरलेन की मंजूरी के बीच एक और सबसे बड़ी व्यावहारिक समस्या औरंगाबाद शहर के सामने खड़ी है।
”बाईपास के दोनों तरफ औरंगाबाद शहर बसा हुआ है। बाईपास से अंबा रोड की तरफ आने-जाने वाले लोगों को रोजाना भारी जाम का सामना करना पड़ता है। इस समस्या के स्थाई समाधान के लिए यहाँ फ्लाई ओवर (Flyover) बनाना बेहद जरूरी है।”
चूंकि यह फ्लाई ओवर तकनीकी रूप से NH-139 फोरलेन के मूल प्रस्ताव से थोड़ा अलग विषय है, इसलिए इस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
अधिकारियों का सुझाव: स्थानीय अनुमोदन से बनेगा काम
विभागीय अधिकारियों के साथ हुई उच्च स्तरीय वार्ता में यह बात निकलकर सामने आई है कि यदि स्थानीय जनप्रतिनिधि इस फ्लाई ओवर के निर्माण के लिए अपना लिखित अनुमोदन (Recommendation) प्रदान करते हैं, तो विभाग त्वरित गति से इसका प्रस्ताव तैयार कर सरकार को मंजूरी के लिए भेज देगा।
विधायक त्रिविक्रम नारायण सिंह ने दिया आश्वासन
इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय माननीय विधायक त्रिविक्रम नारायण सिंह से संपर्क किया गया। उन्होंने इस मांग को बेहद जायज बताते हुए कहा कि:
”मैं स्वयं इस फ्लाई ओवर के लिए पूर्व से ही प्रयत्नशील हूँ। दिए गए सुझाव के अनुसार, जनहित को ध्यान में रखते हुए मैं जल्द ही इस विषय पर विभाग को पत्र लिखकर अपनी अनुशंसा सौंपूंगा।”
”दलगत भावना से ऊपर उठकर हो जनहित का काम”
इस मुहीम को आगे बढ़ाने वाले स्थानीय प्रबुद्ध वर्ग का कहना है कि:
औरंगाबाद के नागरिकों की रोजमर्रा की तकलीफों को दूर करना हमारी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।
राजनीति और दलगत भावनाओं से ऊपर उठकर इस जनहित के मुद्दे पर सभी को एकजुट होने की आवश्यकता है।
सभी जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार नागरिकों को अपनी-अपनी क्षमता के अनुसार इस फ्लाई ओवर के निर्माण के लिए प्रयास करना चाहिए ताकि औरंगाबाद को हमेशा के लिए जाम के झाम से मुक्ति मिल सके।