Home » रांची जगन्नाथपुर रथयात्रा 2026: नेत्रदान के बाद प्रभु के खुले कपाट, आज मौसीबाड़ी के लिए प्रस्थान | Ranchi Jagannath Rath Yatra 2026
नेत्रदान के बाद श्रद्धालुओं को हुए भगवान जगन्नाथ के दर्शन, आज मौसीबाड़ी के लिए निकलेगी भव्य रथयात्रा !
रांची: 15 दिनों के अनवसर (एकांतवास) काल की समाप्ति के बाद मंगलवार को रांची के जगन्नाथपुर मंदिर में एक बार फिर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र एवं बहन देवी सुभद्रा के नेत्रदान संस्कार के उपरांत श्रद्धालुओं को प्रभु के प्रथम दर्शन कराए गए। जैसे ही मंदिर के कपाट खुले, पूरा परिसर “जय जगन्नाथ” के जयघोष से गूंज उठा।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुई नेत्रदान की रस्म
वैदिक मंत्रोच्चार एवं शंखध्वनि के बीच मुख्य पुरोहित की उपस्थिति में नेत्रदान की पावन रस्म पूरी की गई। इसके तुरंत बाद:
108 दीपों से भगवान की भव्य महाआरती की गई।
प्रभु को मालपुआ, इलायची दाना, बादाम और ऋतु फलों का विशेष महाभोग अर्पित किया गया।
बड़ी संख्या में भक्तों ने कतारबद्ध होकर भगवान का आशीर्वाद लिया।
धार्मिक मान्यता: रथयात्रा के दौरान भगवान के रथ की डोरी खींचना और उसका स्पर्श करना अत्यंत पुण्यदायी और मोक्ष प्रदान करने वाला माना जाता है।
आज मौसीबाड़ी के लिए प्रस्थान करेंगे महाप्रभु
बुधवार को विशेष पूजा-अर्चना और अनुष्ठानों के बाद भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा अपने भव्य और सुसज्जित रथों पर सवार होकर मौसीबाड़ी के लिए प्रस्थान करेंगे। इस ऐतिहासिक यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
विशेष आकर्षण: 501 दंपति करेंगे विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ
इस वर्ष रथयात्रा के शुभारंभ को और अधिक अलौकिक बनाने के लिए एक विशेष धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया है। आज शाम 5 बजे 501 दंपति सामूहिक रूप से विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करेंगे। यह भव्य आयोजन समाज में श्रद्धा, शांति और सामाजिक समरसता का संदेश देगा।
मेले जैसा माहौल और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
आकर्षक सजावट: रथयात्रा को लेकर पूरे जगन्नाथपुर मंदिर को रंग-बिरंगी पताकाओं और आधुनिक विद्युत रोशनी से बेहद खूबसूरत ढंग से सजाया गया है।
पारंपरिक मेला: मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र में पूजा सामग्री, बच्चों के खिलौनों तथा पारंपरिक मिठाइयों (खासकर खाजा और मालपुआ) की दुकानें सज चुकी हैं, जहाँ सुबह से ही भारी भीड़ देखी जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था: प्रशासन और मंदिर समिति ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि श्रद्धालुओं को दर्शन और रथ खींचने के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।