Home » झारखंड ऊर्जा विकास निगम में कर्मियों की सुरक्षा भगवान भरोसे, हादसे बढ़े: अजय राय
रांची। झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ के अध्यक्ष अजय राय ने बिजली विभाग (झारखंड ऊर्जा विकास निगम) के विभिन्न सप्लाई एरिया बोर्ड में काम करने वाले कर्मियों की सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सीधे शब्दों में कहा कि विभाग के अंतर्गत कार्यरत मानव दिवस (डेली वेज) और आउटसोर्सिंग कर्मियों की सुरक्षा पूरी तरह से भगवान भरोसे है।
लगातार हो रहे हादसों के बाद भी विभाग और संबंधित एजेंसियां गहरी नींद में सोई हुई हैं, जो कि अत्यंत चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है।
🚨 हाल के दिनों में आधा दर्जन से अधिक हादसे
अजय राय ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में राज्य के अलग-अलग सप्लाई एरिया में आधा दर्जन से अधिक बड़ी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इन हादसों में:
कई बिजली कर्मियों की दर्दनाक मृत्यु हो चुकी है।
कई कर्मी गंभीर रूप से घायल होकर अस्पतालों में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं।
💔 संवेदनहीनता की हद: न मुआवजा मिला, न आर्थिक मदद
संघ के अध्यक्ष ने विभाग और ठेका एजेंसियों के अमानवीय रवैये पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा:
“हद तो तब हो जाती है जब इतने बड़े हादसों के बाद भी पीड़ित परिवारों को समय पर मुआवजा, आर्थिक सहायता या कोई अन्य सहयोग नहीं दिया जाता। यह संवेदनहीन रवैया हमारे गरीब और मेहनतकश श्रमिकों के साथ घोर अन्याय है।”
🛠️ सुरक्षा मानकों की अनदेखी है हादसों की मुख्य वजह
अजय राय ने साफ किया कि अगर विभाग अपनी जिम्मेदारी सही से निभाता, तो इन हादसों को रोका जा सकता था। उन्होंने मुख्य कारणों को रेखांकित किया:
कर्मियों को निर्धारित सुरक्षा उपकरण (सेफ्टी किट) नहीं दिए जा रहे हैं।
कार्यस्थल पर जरूरी सुरक्षा मानकों (Safety Standards) का कड़ाई से पालन नहीं हो रहा है।
श्रमिकों को बिना किसी सुरक्षा प्रशिक्षण (Safety Training) के सीधे जोखिम भरे कामों में झोंक दिया जाता है।
📌 श्रमिक संघ की मुख्य मांगें
झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ ने राज्य सरकार और निगम प्रबंधन के सामने अपनी 4 प्रमुख मांगें रखी हैं:
उच्चस्तरीय जांच: हाल ही में हुए सभी हादसों की हाई-लेवल जांच हो और दोषी अधिकारियों व एजेंसियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
तत्काल मुआवजा: मृतक और घायल कर्मियों के परिवारों को तुरंत उचित मुआवजा और हर संभव आर्थिक सहायता दी जाए।
अनिवार्य सेफ्टी किट: राज्य के सभी सप्लाई एरिया बोर्ड में काम करने वाले हर एक कर्मी को तुरंत फुल सेफ्टी किट उपलब्ध कराई जाए।
सुरक्षा ऑडिट: कार्यस्थलों पर सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
🔥 आंदोलन की चेतावनी
प्रेस विज्ञप्ति के अंत में अजय राय ने दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि विभाग और सरकार ने इन मांगों पर शीघ्र ही कोई प्रभावी और ठोस कदम नहीं उठाया, तो श्रमिक संघ कर्मचारियों के हित और उनके हक के लिए राज्यव्यापी व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होगा।