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जाली दस्तावेज़ मामले में कार्रवाई को राजनीतिक रंग देना बंद करे भाजपा: ऋषीकेश सिंह !
रांची :झारखंड की सियासत में भाजपा युवा मोर्चा (BJYM) के नेता श्रीनिवास कुमार की गिरफ्तारी के बाद आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सचिव सह प्रदेश प्रवक्ता ऋषीकेश सिंह ने इस कार्रवाई को ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ बताए जाने पर भाजपा को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि कानून के तहत हुई निष्पक्ष कार्रवाई को राजनीतिक रंग देकर भाजपा राज्य की जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है।
”क्या बीजेपी न्यायालय में फर्जी दस्तावेज पेश करने और सरकारी अधिकारी के जाली हस्ताक्षर करने जैसे गंभीर अपराधों का भी बचाव कर रही है? भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष को इस पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।”
— ऋषीकेश सिंह, प्रदेश प्रवक्ता, झारखंड कांग्रेस
राजनीतिक विचार नहीं, बल्कि साक्ष्यों के आधार पर हुई गिरफ्तारी
कांग्रेस प्रवक्ता ऋषीकेश सिंह ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी उसके राजनीतिक विचारों या दल के कारण नहीं हुई है। यह पूरी कार्रवाई विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत दर्ज प्राथमिकी (FIR) और पुलिस के पास उपलब्ध ठोस साक्ष्यों के आधार पर की गई है।
क्या है पूरा मामला?
मामले की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए ऋषीकेश सिंह ने कहा:
फर्जी दस्तावेज: न्यायालय (हाईकोर्ट) में जो दस्तावेज प्रस्तुत किए गए थे, उन्हें संबंधित सरकारी विभाग ने जांच में पूरी तरह से फर्जी और जाली पाया है।
सरकारी पद का दुरुपयोग: सरकारी अधिकारी के नकली हस्ताक्षर और सरकारी अभिलेखों के कथित दुरुपयोग के मामले में शिकायत के बाद ही प्राथमिकी दर्ज हुई थी।
कानूनी प्रक्रिया: पुलिस ने कानून के दायरे में रहकर अपनी जांच की और आरोपी को गिरफ्तार किया।
सिंह ने कहा कि इस पूरी कानूनी प्रक्रिया को ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ का नाम देना सीधे तौर पर न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने और दबाव बनाने का एक असफल प्रयास है।
”अगर दस्तावेज सही हैं, तो कोर्ट में सबूत दे भाजपा”
ऋषीकेश सिंह ने भाजपा को खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि पार्टी को लगता है कि उनके नेता द्वारा प्रस्तुत किए गए दस्तावेज़ असली थे, तो वे प्रेस बयानबाजी करने के बजाय उन सबूतों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करें। जनता के बीच भ्रम फैलाना और निष्पक्ष जांच एजेंसियों पर अनुचित दबाव बनाना लोकतांत्रिक व्यवस्था के बिल्कुल विपरीत है।
कानून सबके लिए बराबर: भारतीय न्याय संहिता (BNS)
प्रदेश प्रवक्ता ने याद दिलाया कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत:
जालसाजी करना (Forgery)
फर्जी दस्तावेज तैयार करना और उनका असली के रूप में उपयोग करना
न्यायालय को गुमराह करने का प्रयास करना
ये सभी बेहद गंभीर और दंडनीय अपराध की श्रेणी में आते हैं। कानून की नजर में सब समान हैं और किसी भी राजनीतिक दल के रसूखदार व्यक्ति को देश के कानून से ऊपर नहीं माना जा सकता।
न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करे भाजपा
अंत में, ऋषीकेश सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का हमेशा से यह स्पष्ट मत रहा है कि यदि कोई निर्दोष है, तो उसे हमारी न्यायपालिका से न्याय अवश्य मिलेगा। लेकिन यदि किसी ने जानबूझकर न्यायालय को गुमराह करने के लिए जाली दस्तावेजों का सहारा लिया है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होना कानूनन आवश्यक है। उन्होंने भाजपा से आग्रह किया कि वह तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करना बंद करे और निष्पक्ष न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करें .