Home » 152 पेपर लीक, 7.5 करोड़ छात्रों का भविष्य बर्बाद: प्रदीप यादव का केंद्र सरकार पर तीखा हमला
रांची: झारखंड में कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने देश की वर्तमान परीक्षा प्रणाली और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि आज देश के नौजवानों और छात्र-छात्राओं का गुस्सा सातवें आसमान पर है। इस भ्रष्ट कुव्यवस्था से पीड़ित युवा पूरी तरह से लोकतांत्रिक और अहिंसात्मक तरीके से सड़कों पर उतरकर आंदोलन कर रहे हैं।
रविवार को रांची स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदीप यादव ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया।
🚨 पेपर लीक के चौंकाने वाले आंकड़े: एक नज़र में
प्रदीप यादव ने सरकारी रिकॉर्ड्स का हवाला देते हुए देश में परीक्षा प्रणाली की बदहाली के कुछ बेहद गंभीर आंकड़े सामने रखे:
152 पेपर लीक: वर्ष 2014 से लेकर अब तक देश में विभिन्न महत्वपूर्ण परीक्षाओं के 152 पेपर लीक हो चुके हैं।
7.5 करोड़ छात्र प्रभावित: जम्मू-कश्मीर से लेकर तमिलनाडु तक फैली इस बीमारी से करोड़ों युवाओं का भविष्य दांव पर लगा है।
24 से अधिक खुदकुशी: पेपर लीक और रद्द होने से तंग आकर देश में दो दर्जन से अधिक होनहार छात्र-छात्राओं ने आत्महत्या कर ली है।
“सत्ता के नशे में चूर देश के प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार को न तो इन परिवारों का दर्द महसूस हो रहा है और न ही युवाओं के आक्रोश की गूंज सुनाई दे रही है। प्रधानमंत्री इन गंभीर हालातों से पूरी तरह आंखें मूंदे बैठे हैं।”
– प्रदीप यादव, नेता, कांग्रेस विधायक दल (झारखंड)
‘NTA में अपनी विचारधारा के लोगों को बैठाना ही BJP का लक्ष्य’
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि हर साल करोड़ों छात्र दिन-रात 8 से 10 घंटे कड़ी मेहनत करते हैं, लेकिन यह भ्रष्ट व्यवस्था उनकी पूरी मेहनत पर पानी फेर देती है। दिल्ली में बैठी भाजपा सरकार को छात्रों के भविष्य की तनिक भी चिंता नहीं है। उनकी एकमात्र प्राथमिकता यह है कि कैसे नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) जैसे देश के बड़े शैक्षणिक संस्थानों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और अपनी विचारधारा के लोगों को बिठाया जाए।
राहुल गांधी के आह्वान पर देश का युवा साथ
प्रदीप यादव ने कहा कि देश और विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने छात्रों के इस दर्द को समझा है और उनकी आवाज को बुलंद करने का काम किया है। देहरादून और राजस्थान में सरकार ने उनके कार्यक्रमों को रोकने और स्थान रद्द करने की तमाम कोशिशें कीं, लेकिन युवाओं का राहुल गांधी पर अटूट विश्वास है। राहुल जी ने साफ कर दिया है कि वे राजनीति करने नहीं, बल्कि शिक्षा जगत से भ्रष्टाचार और कुव्यवस्था को खत्म कर छात्रों की इस लड़ाई को धार देने आए हैं।
🏃♂️ क्या है ‘छात्रों की गूंज’ अभियान?
संवाददाता सम्मेलन में मौजूद कार्यक्रम के संयोजक कुमार राजा ने इस राष्ट्रव्यापी अभियान की रूपरेखा साझा की:
यह अभियान देश के 28 शहरों में 40 दिनों तक चलाया जा रहा है।
पहले और दूसरे सप्ताह के कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूरे हो चुके हैं।
इसके तहत छात्रों से संवाद, मैराथन दौड़, सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जा रही हैं।
इसी कड़ी में आज रांची में मशाल जुलूस निकालकर छात्रों का संदेश सरकार तक पहुंचाया जा रहा है।
इस महत्वपूर्ण संवाददाता सम्मेलन में मुख्य रूप से प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष अभिलाष साहू, महासचिव सह मीडिया विभाग के संयोजक लाल किशोर नाथ शाहदेव और कार्यालय प्रभारी राजन वर्मा भी उपस्थित थे।