Home » कोयला चोरी पर CISF का बड़ा एक्शन: 3 हफ्ते में ₹1.08 करोड़ का कोयला जब्त, 84 गाड़ियां पकड़ीं
कोयला माफियाओं पर CISF का वज्रपात: 3 हफ्ते में ₹1.08 करोड़ का अवैध कोयला जब्त, 84 गाड़ियां सीज !
नई दिल्ली / रांची / धनबाद: देश के कोयला संसाधनों की चोरी और अवैध खनन को रोकने के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने एक बड़ा अभियान छेड़ दिया है। गृह मंत्रालय (MHA) के ‘ज़ीरो कोल लीकेज’ (Zero Coal Leakage) विज़न के तहत कार्रवाई करते हुए CISF ने पिछले तीन हफ्तों में देश के विभिन्न कोयला क्षेत्रों से लगभग 1,800 मीट्रिक टन (MT) अवैध कोयला जब्त किया है। जब्त किए गए इस कोयले की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब ₹1.08 करोड़ आंकी गई है।
इस ताबड़तोड़ कार्रवाई में बल ने कोयला तस्करी में इस्तेमाल होने वाले 84 वाहनों को भी सीज किया है और माफियाओं के खिलाफ 21 सीधे आपराधिक मामले दर्ज कराए हैं।
📌 मुख्य हाइलाइट्स (Quick Highlights)
कुल जब्ती: 3 हफ्तों में 1,798.725 मीट्रिक टन (MT) अवैध कोयला बरामद।
बाजार मूल्य: जब्त किए गए कोयले की कुल कीमत लगभग ₹1.08 करोड़।
वाहनों पर एक्शन: भारी-भरकम हाइवा ट्रकों से लेकर मॉडिफाइड मोटरसाइकिलों सहित 84 गाड़ियां जब्त।
कानूनी कार्रवाई: अवैध खनन और स्मगलिंग में शामिल लोगों के खिलाफ 21 सीधी शिकायतें दर्ज।
अधिकारों का इस्तेमाल: MMDR एक्ट, 1957 की धाराओं के तहत CISF ने सीधे कोर्ट में दर्ज की शिकायतें।
🎯 अमित शाह की हाई-लेवल मीटिंग के बाद एक्शन में तेजी
यह सख्त कार्रवाई केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा 5 जुलाई 2026 को ली गई एक हाई-लेवल समीक्षा बैठक के बाद शुरू हुई है। इस बैठक में गृह मंत्रालय ने कोयला क्षेत्रों में “ज़ीरो कोल लीकेज” का लक्ष्य हासिल करने और संगठित चोरी को पूरी तरह खत्म करने के सख्त निर्देश दिए थे।
📍 कहाँ से कितना कोयला हुआ जब्त?
CISF ने अपनी खुफिया जानकारी के आधार पर अलग-अलग कोयला कंपनियों के क्षेत्रों में छापेमारी की:
BCCL, धनबाद: सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 1,063.91 MT कोयला जब्त किया गया।
ECL, शीतलपुर: यहाँ से 450.13 MT अवैध कोयला बरामद हुआ।
CCL, रांची एवं CMP(H): इस क्षेत्र से 284.715 MT कोयला पकड़ा गया।
⚖️ MMDR एक्ट बना CISF का अचूक हथियार
इस अभियान की सफलता के पीछे खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 (MMDR Act) के तहत मिलीं नई कानूनी शक्तियाँ हैं। अधिनियम की धारा 22, 23B और 24 के तहत अब CISF के अधिकृत अधिकारियों को यह पावर मिल गई है कि वे:
संदिग्ध ठिकानों और परिसरों में सीधे प्रवेश कर सर्च ऑपरेशन चला सकते हैं।
अवैध कोयला रखने वालों के खिलाफ सीधे सक्षम अदालतों में लिखित शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
इससे स्थानीय पुलिस प्रक्रिया पर निर्भरता कम हुई है और प्रवर्तन तंत्र (Enforcement Chain) मजबूत हुआ है।
🚲 हाईटेक निगरानी और तस्करी के नए तरीके
कोयला माफिया अब भारी ट्रकों (Hyva) के अलावा मुश्किल रास्तों से कोयला निकालने के लिए ‘मॉडिफाइड मोटरसाइकिलों’ (विशेष रूप से बदली गई बाइक) का इस्तेमाल कर रहे हैं। CISF ने आधुनिक सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन-मानव खुफिया जानकारी और रियल-टाइम कोयला मूवमेंट ट्रैकिंग के जरिए इन नए रूटों को ब्लॉक कर दिया है। जब्त किए गए सभी वाहनों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया है।
💬 महानिदेशक (DG) CISF का बयान
“CISF कोयला कंपनियों, स्थानीय प्रशासन और अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर ‘ज़ीरो कोल लीकेज’ के उद्देश्य को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। आने वाले दिनों में खुफिया जानकारी आधारित ऑपरेशन और तकनीक समर्थित निगरानी को और ज्यादा कड़ा किया जाएगा।”