Home » झारखंड सरकार की बड़ी कार्रवाई: गृह विभाग के दो अधिकारी निलंबित; सुप्रीम कोर्ट को गलत रिपोर्ट भेजने का आरोप
रांची: थानों में CCTV लगाने के मामले में लापरवाही पड़ी भारी, संयुक्त सचिव और अवर सचिव तत्काल प्रभाव से निलंबित।
रांची: झारखंड सरकार ने प्रशासनिक महकमे में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के दो वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया है। निलंबित होने वाले अधिकारियों में संयुक्त सचिव मनीषा जोसेफ तिग्गा और अवर सचिव संजय झा शामिल हैं।
दोनों अधिकारियों पर देश की शीर्ष अदालत, यानी सुप्रीम कोर्ट को गुमराह करने और बिना निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए रिपोर्ट भेजने का बेहद गंभीर आरोप है। सरकार ने निलंबन के साथ ही दोनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी है।
📌 क्यों गिरी निलंबन की गाज? (जानिए पूरा मामला)
यह पूरा मामला राज्य के सभी थानों में CCTV कैमरे लगाने से जुड़ा हुआ है।
सुप्रीम कोर्ट में इस संबंध में एक महत्वपूर्ण सुनवाई चल रही है।
अदालत ने सभी राज्यों को निर्देश दिया था कि वे अपने-अपने थानों में CCTV स्थापना की वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट Amicus Curiae (न्यायालय मित्र) के माध्यम से प्रस्तुत करें।
⚠️ अधिकारियों से कहां हुई चूक?
सरकारी नियमों और निर्देशों के मुताबिक, गृह विभाग को सूचना प्रावैधिकी (IT) विभाग से थानों में CCTV की वास्तविक और तकनीकी रिपोर्ट प्राप्त करनी थी और उसे आगे बढ़ाना था।
गंभीर आरोप: दोनों अधिकारियों ने निर्धारित प्रक्रिया को पूरी तरह दरकिनार कर दिया। उन्होंने IT विभाग से वास्तविक आंकड़े लेने के बजाय, स्वयं ही एक रिपोर्ट तैयार की और उसे सीधे Amicus Curiae को भेज दिया।
⚖️ सरकार का पक्ष: दांव पर लगी राज्य की साख
झारखंड सरकार का मानना है कि अधिकारियों की इस मनमानी और लापरवाही के कारण सुप्रीम कोर्ट के समक्ष राज्य सरकार की स्थिति और छवि प्रभावित हुई है। मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री के निर्देश पर गृह विभाग ने यह कड़ा रुख अपनाया है। निलंबन अवधि के दौरान दोनों अधिकारियों का मुख्यालय तय कर दिया गया है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।