Home » CAG Audit Report: झारखंड परिवहन विभाग में करोड़ों की वित्तीय अनियमितता, बिना टेस्ट और नियमों को ताक पर रखकर जारी हुए लाइसेंस !
CAG Audit Report: झारखंड के परिवहन विभाग में बड़ा खुलासा, बिना कड़े टेस्ट बने लाइसेंस; राज्य को लगा करोड़ों के राजस्व का चूना !
रांची :झारखंड परिवहन विभाग (STA/RTAS/DTOs) के कामकाज और कार्यप्रणाली को लेकर सीएजी (CAG) की वर्ष 2023-24 की अनुपालन ऑडिट रिपोर्ट में कई चौंकाने वाली अनियमितताएं सामने आई हैं। ऑडिट में पाया गया है कि वर्ष 2019-20 से 2023-24 के दौरान नियमों की अनदेखी के चलते राज्य के खजाने को भारी नुकसान पहुंचा है।
🚨 ऑडिट रिपोर्ट की 5 मुख्य बातें:
आवेदकों की जेब पर डाका: वेंडर्स ने बिना कोई अतिरिक्त सुविधा दिए, ₹150 की तय कानूनी फीस के अलावा प्रति लर्नर लाइसेंस (LL) ₹225 की अतिरिक्त फीस वसूली। इसके जरिए 2017-18 से 2023-24 के बीच आवेदकों से गैर-कानूनी तरीके से ₹4.09 करोड़ वसूले गए।
कम उम्र वालों को बांटे गए लाइसेंस: SARATHI पोर्टल में सिस्टम मैपिंग की गड़बड़ी के कारण 5 जांचे गए DTOs में 18 वर्ष से कम उम्र के 305 लोगों को गियर वाली मोटरसाइकिल के लिए ड्राइविंग लाइसेंस जारी कर दिए गए।
बिना मानक के बने ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक: नियमों के तहत ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक बनाने के बजाय अस्थायी और घटिया ट्रैक का इस्तेमाल किया गया, जिससे आवेदकों की योग्यता और सुरक्षा मूल्यांकन पर गंभीर सवाल उठते हैं।
अस्थायी पंजीकरण (TR) में ₹327 करोड़ का झटका:
टाटा मोटर्स ने 6 महीने के बजाय महज 1 महीने की वैधता वाले TR जारी किए, जिससे 2021-24 के दौरान ₹327.35 करोड़ के मोटर वाहन कर की कम वसूली हुई।
TR के बजाय ट्रेड रजिस्ट्रेशन मार्क्स (TRM) का गलत इस्तेमाल कर भेजे गए वाहनों से लाखों रुपये की कर चोरी पाई गई।
बिना फिटनेस (CF) दौड़ रहे वाहन:
4,458 वाहन एक्सपायरी फिटनेस सर्टिफिकेट के साथ सड़कों पर दौड़ते पाए गए, जिससे नवीनीकरण शुल्क और जुर्माने के रूप में ₹7.58 करोड़ की वसूली नहीं हो सकी।
VAHAN पोर्टल में खराबी के चलते ₹60.13 लाख का ग्रीन टैक्स नहीं वसूला जा सका।
वर्ष 2023-24 में जांचे गए 13 DTOs में एक्सपायर CF वाले 6,003 और वाहन मिले, जिनसे ₹7.27 करोड़ की फीस और जुर्माना बाकी था।ऑटोमेटेड टेस्टिंग/स्क्रैपिंग इंफ्रास्ट्रक्चर:सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ज़रूरतों के बावजूद, झारखंड में सिर्फ़ एक ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS) बनाया गया था।ऑटोमेटेड फ़िटनेस मैनेजमेंट सिस्टम के साथ इंटीग्रेशन अधूरा रहा और फ़िटनेस सर्टिफ़िकेट मैन्युअल रूप से जारी किए जाते रहे।रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग फ़ैसिलिटीज़ भी स्थापित नहीं की गई थीं