Home » प्रकृति से खिलवाड़ पड़ा भारी तो मानव जीवन संकट में पड़ेगा: 77वें राज्यव्यापी वन महोत्सव में सीएम हेमंत सोरेन की चेतावनी
जल, जंगल और पहाड़ झारखंड की पहचान: 77वें राज्यव्यापी वन महोत्सव में बोले CM हेमंत सोरेन – “सिर्फ पौधे लगाना नहीं, उन्हें बचाना भी हमारी जिम्मेदारी”
रांची : झारखंड विधानसभा परिसर में मंगलवार (11 अगस्त 2026) को “77 वाँ राज्यव्यापी वन महोत्सव” का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में राज्य के माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन और विधान सभा अध्यक्ष श्री रबींद्र नाथ महतो ने शिरकत की। दोनों दिग्गजों ने परिसर में पौधारोपण कर पूरे राज्य को पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन का संदेश दिया।

इस अवसर पर विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन, राज्य के कई मंत्रीगण, विधायक और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्य बातें (Key Highlights):
🌲 सामूहिक जिम्मेदारी: पर्यावरण का संरक्षण सिर्फ सरकार का काम नहीं, समाज के हर व्यक्ति का कर्तव्य है।
💧 जल संकट की चेतावनी: आने वाले समय में देश-दुनिया को भीषण जल संकट का सामना करना पड़ सकता है, बारिश के पानी का संचयन (Rainwater Harvesting) बेहद जरूरी।
🏡 विधायकों के आवास पर लगेंगे पेड़: सीएम ने निर्देश दिया कि सभी विधायकों के आवासीय परिसर में फलदार पौधे लगाए जाएं।
🌋 वैश्विक घटना का जिक्र: इटली के प्राचीन ज्वालामुखी के सक्रिय होने का हवाला देकर सीएम ने चेताया कि प्रकृति में उथल-पुथल के दुष्परिणाम गंभीर होंगे।
“विकास की अंधी दौड़ में प्रकृति को न पहुँचाएँ नुकसान”
जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि “झारखंड की वास्तविक पहचान यहाँ के जल, जंगल, पहाड़, नदियाँ और समृद्ध प्राकृतिक संसाधन हैं। विकास के नाम पर हम कई बार प्रकृति को भारी नुकसान पहुँचाते हैं, जिससे पर्यावरण में असंतुलन पैदा होता है।”
उन्होंने कहा कि वर्तमान में पर्यावरण पर बड़ी-बड़ी गोष्ठियाँ तो होती हैं, लेकिन नुकसान की भरपाई करना मुश्किल हो जाता है। जनसंख्या बढ़ रही है और यदि प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन (भू-जल निष्कर्षण, नदियों पर बांध और अंधाधुंध खनन) जारी रहा, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन अत्यंत चुनौतीपूर्ण हो जाएगा।
“आज लगाया गया एक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा, जीवन और सुरक्षित भविष्य का उपहार है।”
— हेमंत सोरेन, मुख्यमंत्री, झारखंड

पौधे लगाने के साथ-साथ पोषण और देखभाल का बने अभियान
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि केवल पौधा लगा देना ही काफी नहीं है। वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि:
पौधों को खाद देने, देखभाल करने और पोषण प्रदान करने के लिए तिथियाँ निर्धारित कर विशेष अभियान चलाया जाए।
सभी माननीय विधायकों को फलदार पौधे उपलब्ध कराए जाएं, ताकि उनके आवासीय परिसरों में भी हरियाली लाई जा सके।
विधानसभा अध्यक्ष श्री रबींद्र नाथ महतो ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यव्यापी वन महोत्सव के उद्देश्यों और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने के महत्व पर प्रकाश डाला। इससे पूर्व, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री संजीव कुमार ने स्वागत भाषण दिया।
कार्यक्रम में ये प्रमुख हस्तियां रहीं मौजूद
इस 77वें वन महोत्सव के अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री राधा कृष्ण किशोर, श्री हफीजुल हसन, श्री इरफान अंसारी, श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की, अनेक विधायकगण, वन विभाग के वरीय अधिकारी एवं भारी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
