Home » हिमांशु सिंह हत्याकांड: कांग्रेस नेता लाल किशोर नाथ शाहदेव का भाजपा पर बड़ा हमला, कहा- ‘ओछी राजनीति बंद करे विपक्ष’
रांची: जमशेदपुर के बहुचर्चित हिमांशु सिंह हत्याकांड को लेकर झारखंड की सियासत गरमा गई है। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव सह मीडिया विभाग के संयोजक लाल किशोर नाथ शाहदेव ने इस मामले में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं के रवैये की कड़ी निंदा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस संवेदनशील मामले में कानून पूरी निष्पक्षता से अपना काम कर रहा है और अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
’विपक्ष बंद करे राजनीतिक रोटियां सेकना’
कांग्रेस महासचिव ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि इस दुखद घटना की आड़ में जिस तरह से राजनीतिक रोटियां सेकने और मामले को भटकाने की कोशिश की जा रही है, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
”अब पुलिस के जगह बीजेपी नेताओं को तय कर लेना चाहिए कि किसे गिरफ्तार करना है और किसे छोड़ना है। जांच के शुरुआती दौर में ही किसी को क्लीन चिट देने की पैरवी करना या पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाना यह दर्शाता है कि कुछ लोग अपराधियों और संदिग्धों के ढाल बन रहे हैं।”
— लाल किशोर नाथ शाहदेव, महासचिव, झारखंड कांग्रेस
जांच की दिशा मोड़ने का प्रयास कर रहे कुछ तत्व
शाहदेव ने कहा कि यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और संवेदनशील है। लेकिन विपक्ष और कुछ निहित स्वार्थी तत्व इस पूरे मामले को राजनीतिक रंग देकर मुख्य आरोपियों को बचाने और जांच की दिशा मोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि पुलिस प्रशासन पूरी निष्पक्षता और तत्परता के साथ मामले की तह तक जा रहा है।
कानून के शासन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
सरकार का पक्ष रखते हुए उन्होंने साफ किया कि वर्तमान राज्य सरकार के शासन में कानून सबके लिए बराबर है, चाहे वह कोई कितना भी रसूखदार क्यों न हो।
निष्पक्ष कार्रवाई: अगर किसी की भी संलिप्तता के साक्ष्य मिलते हैं, तो पुलिस नियमानुसार कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है।
दोषी पुलिसकर्मियों पर गाज: जहां तक पुलिसकर्मियों की भूमिका का सवाल है, सरकार किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। जांच में अगर पुलिस की कोताही सामने आती है, तो उन पर भी सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई होगी।
पीड़ित परिवार के साथ पूरी संवेदना
लाल किशोर नाथ शाहदेव ने पीड़ित परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने राज्य की जनता और परिवार को भरोसा दिलाया कि राज्य की कानून व्यवस्था और जांच एजेंसियां पूरी तरह सक्षम हैं। इस मामले में ‘दूध का दूध और पानी का पानी’ राज्य पुलिस की निष्पक्ष जांच से ही सामने आएगा। उन्होंने विपक्ष को नसीहत दी कि इस संवेदनशील मुद्दे पर ओछी राजनीति बंद कर पुलिस प्रशासन को अपना काम करने देना चाहिए।