Home » झारखंड शराब घोटाला: ED के सामने पेश हुए पूर्व वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव, दूसरे समन पर पहुंचे रांची दफ्तर
रांची: झारखंड में हुए बहुचर्चित शराब घोटाला मामले की जांच कर रही प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम के सामने राज्य के पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस विधायक डॉ. रामेश्वर उरांव मंगलवार को पेश हुए.
ED द्वारा जारी किए गए दूसरे समन के बाद पूर्व मंत्री तय समय पर रांची के एयरपोर्ट रोड (हिनू) स्थित ED के जोनल कार्यालय पहुंचे. जरूरी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद अधिकारियों ने उनसे पूछताछ शुरू कर दी है.
🔴 Highlights: मुख्य बिंदु
दूसरा समन: पहले समन (30 जून) पर पेश न होने के बाद ED ने दूसरा समन जारी कर 7 जुलाई को बुलाया था.
बेटे से लंबी पूछताछ: इससे ठीक एक दिन पहले, 6 जुलाई को रामेश्वर उरांव के बेटे रोहित उरांव से ED ने दिनभर पूछताछ की थी.
पत्रकारों से बोले पूर्व मंत्री: “मैं 25 साल पुलिस में रहा हूं. कोई भी गवाह बाहर बयान नहीं देता है, हमें जो भी कहना है, हम अंदर कहेंगे.”
क्यों हो रही है पूछताछ? (मामले की बैकग्राउंड)
यह पूरी जांच शराब कारोबारी योगेंद्र तिवारी और छत्तीसगढ़ सिंडिकेट से जुड़े कथित शराब घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग (ECIR 10/2025) के सिलसिले में चल रही है.
अगस्त 2023 की छापेमारी: ED ने 23 अगस्त 2023 को रामेश्वर उरांव के आवास सहित 34 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की थी, जहां उनके बेटे रोहित उरांव के परिसर से करीब 30 लाख रुपये की नकदी बरामद हुई थी.
ED मुख्य रूप से दो बिंदुओं पर जांच कर रही है:
उत्पाद नीति (Excise Policy) को मंजूरी देने में वित्त विभाग की भूमिका और शुरुआती आपत्तियों के बाद उसे अचानक पास करने की वजह.
शराब के कारोबार में बेनामी निवेश और संदिग्ध बैंक ट्रांजैक्शंस का कनेक्शन.
समय मांगने पर ED ने दिया था सिर्फ 1 हफ्ता
इससे पहले ED ने रोहित उरांव को 29 जून और रामेश्वर उरांव को 30 जून को बुलाया था. दोनों ने दस्तावेज तैयार करने के लिए 3 सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा था. हालांकि, ED ने राहत कम करते हुए सिर्फ 1 हफ्ते का समय दिया और रोहित को 6 जुलाई व रामेश्वर उरांव को 7 जुलाई को पेश होने का कड़ा निर्देश जारी किया था.
फिलहाल, रांची ED दफ्तर में पूर्व वित्त मंत्री से पूछताछ का दौर जारी है और इस मामले में कई अन्य रसूखदार अफसर भी केंद्रीय एजेंसी के रडार पर हैं.