Home » मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिले IFS अधिकारी शाहिद आलम और सुशील प्रसाद, झारखंड में निवेश और वैश्विक साझेदारी पर हुई चर्चा
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिले IFS अधिकारी शाहिद आलम और सुशील प्रसाद, झारखंड में निवेश और वैश्विक साझेदारी पर बनी बात !
रांची : झारखंड मंत्रालय में आज एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन से भारतीय विदेश सेवा (IFS) 2010 बैच के वरिष्ठ अधिकारियों—श्री मोहम्मद शाहिद आलम और श्री सुशील प्रसाद ने शिष्टाचार मुलाकात की। इस उच्च स्तरीय बैठक में राज्य के मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
मुख्य आकर्षण: वर्तमान में श्री मोहम्मद शाहिद आलम लंदन स्थित भारत के उच्चायोग (High Commission of India, London) में कार्यरत हैं, जबकि श्री सुशील प्रसाद नैरोबी (केन्या) स्थित भारतीय उच्चायोग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दोनों अधिकारी इस समय अपने ‘मध्यावधि प्रशिक्षण कार्यक्रम’ (Mid-Career Training Programme) के तहत झारखंड प्रवास पर हैं।
इन प्रमुख विषयों पर केंद्रित रही चर्चा:
मुख्यमंत्री और विदेश सेवा के अधिकारियों के बीच झारखंड की विकास यात्रा, शासन व्यवस्था और वैश्विक मंच पर राज्य की भागीदारी को लेकर सकारात्मक बातचीत हुई। बैठक में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया:
वैश्विक निवेश और आर्थिक विकास: राज्य में विदेशी निवेश को आकर्षित करने और आर्थिक उन्नति की संभावनाओं को तलाशने पर मंथन हुआ।
प्रवासन एवं गतिशीलता (Migration and Mobility) पार्टनरशिप: झारखंड से बाहर जाने वाले और प्रवासी श्रमिकों के हितों तथा उनके कौशल विकास के अवसरों पर चर्चा की गई।
वन्यजीव पर्यटन (Wildlife Tourism): झारखंड की समृद्ध प्राकृतिक संपदा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन हब के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर बल दिया गया।
शिक्षा और कौशल विकास: शिक्षा के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग और युवाओं के लिए वैश्विक स्तर के कौशल विकास कार्यक्रमों को बढ़ावा देना।
प्रवासी भारतीय समुदाय (Diaspora) की सहभागिता: विदेशों में रह रहे भारतीय और विशेषकर झारखंडी समुदाय को राज्य के विकास से जोड़ने की रणनीति पर विचार-विमर्श।
अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों पर मुख्यमंत्री का जोर
मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने राज्य के विकासात्मक लक्ष्यों को तेजी से हासिल करने के लिए अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि झारखंड में वैश्विक निवेश और सहयोग की असीम संभावनाएं हैं, जिन्हें सही दिशा देकर राज्य के युवाओं और आर्थिक तंत्र को मजबूत किया जा सकता है।