Home » झारखंड: BLA अब प्रतिदिन जमा कर सकेंगे अधिकतम 10 फॉर्म, CEO के. रवि कुमार ने दिए निर्देश
झारखंड में BLA के लिए नए निर्देश: अब प्रतिदिन जमा कर सकेंगे अधिकतम 10 आवेदन, 30 से अधिक फॉर्म पर होगा क्रॉस-वेरिफिकेशन !
रांची: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में पारदर्शी प्रक्रिया और मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) श्री के. रवि कुमार ने बुधवार को प्रेस वार्ता के दौरान बूथ लेवल एजेंट (BLA) की भूमिका, फॉर्म जमा करने की सीमा और सत्यापन प्रक्रिया को लेकर विस्तृत जानकारी दी।
प्रारूप प्रकाशन के बाद तय की गई नई सीमा
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार, प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन से पहले एक BLA प्रतिदिन अधिकतम 50 आवेदन जमा कर सकता था। चूंकि राज्य में प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन हो चुका है, इसलिए वर्तमान में अधिकृत BLA प्रतिदिन अधिकतम 10 आवेदन प्रपत्र ही संबंधित बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के पास जमा करा सकते हैं।
व्यक्तिगत सत्यापन और अंडरटेकिंग अनिवार्य
सामूहिक रूप से आवेदन सौंपते समय BLA को एक लिखित घोषणा/अंडरटेकिंग जमा करना अनिवार्य होगा।
सत्यापन: BLA को यह प्रमाणित करना होगा कि उन्होंने आवेदनों में दर्ज जानकारियों का स्वयं व्यक्तिगत रूप से सत्यापन किया है और वे विवरणों की शुद्धता से संतुष्ट हैं।
अनिवार्य विवरण: इस घोषणा पत्र में BLA का पूरा नाम, राजनीतिक दल का नाम, तिथि और पूर्ण हस्ताक्षर होने आवश्यक हैं।
30 से अधिक आवेदनों पर ERO/AERO करेंगे क्रॉस-वेरिफिकेशन
मतदाता सूची की विश्वसनीयता और शुद्धता बनाए रखने के लिए एक विशेष जांच व्यवस्था लागू की गई है:
यदि पुनरीक्षण की पूरी अवधि के दौरान कोई BLA 30 से अधिक आवेदन प्रपत्र जमा करता है, तो संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ERO) या सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (AERO) द्वारा उन आवेदनों का व्यक्तिगत रूप से क्रॉस-वेरिफिकेशन किया जाएगा।
सीईओ की अपील: कोई पात्र छूटे नहीं, अपात्र जुड़े नहीं
श्री के. रवि कुमार ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों और उनके BLA से अपील की कि वे निर्वाचन आयोग के नियमों का पालन करते हुए इस अभियान में समन्वय के साथ सहयोग करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरी प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे और किसी भी अपात्र या विदेशी नागरिक का नाम इसमें शामिल न हो सके।