Home » JPSC/JSSC परीक्षा घोटाला: BJP प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव अविनाश कुमार से मुलाकात की, CBI जांच और FIR रद्द करने की मांग की।
JPSC-JSSC धांधली: बीजेपी प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव को सौंपा मांग पत्र, CBI जांच और छात्रों पर दर्ज FIR रद्द करने की मांग !
रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित विभिन्न परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और धांधली को लेकर राज्य का राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) झारखंड प्रदेश के अध्यक्ष आदित्य साहू और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के संयुक्त नेतृत्व में पार्टी के सांसदों और विधायकों के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार से मुलाकात की।
इस मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सरकार को संबोधित एक विस्तृत मांग पत्र मुख्य सचिव को सौंपा, जिसमें परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच और आंदोलनकारी छात्रों को राहत देने की मांग की गई।
छात्रों पर दर्ज मुकदमों को अविलंब रद्द करने की मांग
मुख्य सचिव को सौंपे गए ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि JPSC और JSSC की परीक्षाओं में हुई बड़े पैमाने पर धांधली के विरोध में राज्य के युवाओं और छात्रों ने लगभग एक महीने तक लोकतांत्रिक व शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन किया था। आरोप लगाया गया है कि आंदोलन के दौरान और उसके बाद छात्रों की आवाज दबाने के उद्देश्य से विभिन्न थानों में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई।
बीजेपी नेताओं ने माननीय सर्वोच्च न्यायालय के उस आदेश का हवाला दिया जिसमें विभिन्न राज्यों में छात्र आंदोलनों के दौरान दर्ज FIR को तत्काल रद्द करने के निर्देश दिए गए हैं। पार्टी ने मांग की है कि झारखंड के थानों में छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी मुकदमों को बिना शर्त तुरंत वापस लिया जाए।
CBI जांच और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई पर अड़ी बीजेपी
प्रतिनिधिमंडल ने सरकार से स्पष्ट मांग की है कि परीक्षाओं में धांधली की बात स्वीकार करते हुए रद्द या स्थगित की गई सभी JPSC/JSSC परीक्षाओं की जांच अविलंब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराने की अनुशंसा केंद्र सरकार को भेजी जाए।
ज्ञापन में यह भी रेखांकित किया गया है कि आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष की गिरफ्तारी के बाद मामले में समान रूप से संलिप्त आयोग के अन्य सदस्यों को भी तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए। साथ ही जिन उच्चाधिकारियों के मातहत काम करने वाले कनिष्ठ कर्मचारियों पर धांधली के आरोप सिद्ध हुए हैं या जिनकी गिरफ्तारी हुई है, उन अधिकारियों को भी जांच के दायरे में लाकर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
मांगें पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी
बीजेपी नेतृत्व ने राज्य सरकार को आगाह किया है कि यदि झारखंड के युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए इन मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो भारतीय जनता पार्टी सड़क से लेकर सदन तक व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। पार्टी ने स्पष्ट किया कि ऐसी स्थिति में होने वाले किसी भी जन-आक्रोश या प्रशासनिक परिस्थिति की संपूर्ण जिम्मेदारी वर्तमान राज्य सरकार की होगी।