Home » झारखंड में डॉक्टरों का आंदोलन स्थगित: 10 सूत्री मांगों पर सरकार से बनी सहमति !
झारखंड के डॉक्टरों के आंदोलन को मिली बड़ी सफलता: CEA में संशोधन और सुरक्षा समेत 10 प्रमुख मांगों पर सरकार की सहमति !
रांची :झारखंड के सरकारी एवं निजी क्षेत्र के चिकित्सकों के संयुक्त आंदोलन को एक बड़ी और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) झारखंड, झारखंड हेल्थ सर्विस एसोसिएशन (JHASA) तथा राज्य के विभिन्न चिकित्सक संगठनों के प्रतिनिधियों और राज्य स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच शुक्रवार को हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में डॉक्टरों की प्रमुख मांगों पर सहमति बन गई है।
अपर मुख्य सचिव (स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग) श्री अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में चिकित्सकों की मांगों के समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए स्पष्ट रूपरेखा और समय-सीमा तय की गई है।
बैठक के 10 मुख्य निर्णय और समझौते
1. क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट एक्ट (CEA) में व्यावहारिक संशोधन
अस्पतालों के पंजीकरण से जुड़े कानूनों में बदलाव की मांग को स्वीकार कर लिया गया है। अगले दो महीनों के भीतर संशोधन प्रस्ताव को राज्य मंत्रिमंडल (Cabinet) की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। नए प्रस्ताव के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में न्यूनतम 30 बेड और शहरी क्षेत्रों में 40 बेड की अनिवार्यता लागू करने पर सहमति बनी है, जिससे छोटे और मध्यम चिकित्सा संस्थानों को बड़ी राहत मिलेगी।
2. DACP के तहत समयबद्ध पदोन्नति
केंद्र सरकार और पड़ोसी राज्य बिहार की तर्ज पर झारखंड में भी डायनेमिक एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (DACP) लागू करने की रूपरेखा तैयार की जाएगी। इसका लाभ सामान्य चिकित्सकों, दंत चिकित्सकों तथा विशेषज्ञ डॉक्टरों को मिलेगा। इस विषय पर जल्द ही वित्त विभाग के साथ संयुक्त बैठक बुलाई जाएगी।
3. डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए DSP स्तर के नोडल अधिकारी
अस्पतालों में डॉक्टरों के खिलाफ होने वाली हिंसा पर रोक लगाने के लिए पुरानी व्यवस्था को पुनर्जीवित किया जाएगा। इसके तहत जिला स्तर पर DSP स्तर के पुलिस अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित किया जाएगा, ताकि सुरक्षा से जुड़ी घटनाओं पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई हो सके।
4. TRP चिकित्सकों की समस्याओं का समाधान
ट्रेनी रिजर्व पोस्ट (TRP) पर गए डॉक्टरों से संबंधित पिछली व्यवस्था को पुनः लागू करने का निर्णय लिया गया है, जिससे उनके करियर और सेवा संबंधी गतिरोध दूर होंगे।
5. महिला डॉक्टरों के मातृत्व अवकाश और सुरक्षा अधिकार
महिला चिकित्सकों के लिए सुरक्षित और सहयोगपूर्ण माहौल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उनके मातृत्व अवकाश (Maternity Leave) और विशेष सुरक्षा अधिकारों से जुड़ी मांगों को पूर्ण रूप से स्वीकार कर लिया गया है।
6. चिकित्सा संस्थानों के लिए ‘सिंगल विंडो सिस्टम’
अस्पतालों और क्लीनिकों के पंजीकरण, एनओसी (NOC), नवीनीकरण और अन्य वैधानिक स्वीकृतियों के लिए एकल खिड़की व्यवस्था (Single Window System) लागू की जाएगी। इससे डॉक्टरों को बार-बार अलग-अलग सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से मुक्ति मिलेगी।
7. इंटर्न और रेजिडेंट डॉक्टरों के स्टाइपेंड का नियमित भुगतान
कनिष्ठ (Junior) व वरिष्ठ (Senior) रेजिडेंट डॉक्टरों तथा इंटर्न्स के प्रोत्साहन राशि एवं स्टाइपेंड भुगतान में हो रही देरी को दूर करते हुए इसे हर महीने नियमित रूप से जारी करने की व्यवस्था लागू की जाएगी।
8. आयुष्मान भारत योजना के मुद्दों पर चर्चा
आयुष्मान भारत (PM-JAY) के तहत लागू टू-टियर (Two-Tier) व्यवस्था से उत्पन्न व्यावहारिक समस्याओं पर विस्तृत चर्चा हुई। इन मुद्दों के पूर्ण समाधान के लिए आने वाले दिनों में आगे की वार्ता जारी रहेगी।
9. संयुक्त समन्वय समिति (Joint Coordination Committee) का गठन
सभी स्वीकृत मांगों के समयबद्ध क्रियान्वयन और प्रगति की निरंतर समीक्षा के लिए स्वास्थ्य विभाग के स्तर पर एक ‘समन्वय समिति’ बनाई जाएगी। IMA ने इस समिति में चिकित्सक संगठनों की सक्रिय भागीदारी पर बल दिया है ताकि हर निर्णय की नियमित मॉनिटरिंग हो सके।
10. आंदोलन की आगे की रणनीति: हड़ताल टली
सकारात्मक वार्ता के बाद चिकित्सक संगठनों ने फिलहाल हड़ताल पर न जाने का निर्णय लिया है। छठ पर्व के बाद स्वास्थ्य विभाग के साथ एक और समीक्षा बैठक होगी, जिसमें शेष बचे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
वार्ता में उपस्थित प्रमुख अधिकारी और प्रतिनिधि
स्वास्थ्य विभाग: अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह, विशेष सचिव डॉ. नेहा अरोड़ा, संयुक्त सचिव श्री ललित मोहन शुक्ला।
चिकित्सक संगठन: डॉ. अजय कुमार सिंह (संरक्षक, IMA), डॉ. प्रदीप कुमार सिंह (सचिव, IMA झारखंड), डॉ. विमलेश कुमार सिंह (अध्यक्ष, JHASA), डॉ. मृत्युंजय सिंह (सचिव, JHASA), डॉ. योगेश गंभीर, डॉ. शंभू प्रसाद सिंह, डॉ. अभिषेक रामाधीन, डॉ. उषा सिंह, डॉ. रंजू सिंह समेत कई वरिष्ठ चिकित्सक।
IMA झारखंड का वक्तव्य:
“चिकित्सकों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा करते हुए राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना ही हमारा मूल उद्देश्य है। सरकार के साथ बनी यह सहमति एक सकारात्मक शुरुआत है, और अब हमारा पूरा ध्यान इसके समयबद्ध क्रियान्वयन पर रहेगा।”