Home » झारखंड में ‘डिस्ट्रिक्ट सैंडबॉक्स’ पहल शुरू, सीएम हेमंत सोरेन बोले— हेल्थ सेक्टर में AI ही भविष्य
झारखंड में स्वास्थ्य क्रांति: सीएम हेमंत सोरेन ने लॉन्च की ‘डिस्ट्रिक्ट सैंडबॉक्स’ पहल; बोले— ‘हेल्थकेयर में AI और नवाचार ही हमारा भविष्य’
रांची में जुटे देश के बड़े इनोवेटर्स, IIT धनबाद के पूर्व छात्रों की बिना फिल्म वाली पोर्टेबल एक्स-रे मशीन देख गदगद हुए सीएम; राज्य में खुलेंगे 745 ‘अबुआ मेडिकल स्टोर’
रांची, 15 जून 2026:
झारखंड के सुदूर ग्रामीण, जनजातीय और वंचित इलाकों तक विश्वस्तरीय और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने के लिए राज्य सरकार ने तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सहारा लेना शुरू कर दिया है। रांची के होटल बी.एन.आर. चाणक्य में भारतीय विकास ट्रस्ट (BVT) और PHIA फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित ‘MED-TECH INNOVATION DAY’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने रिमोट का बटन दबाकर राज्य की महत्वाकांक्षी ‘District Sandbox’ (डिस्ट्रिक्ट सैंडबॉक्स) पहल का भव्य शुभारंभ किया।
इस क्रांतिकारी पहल के जरिए देश और दुनिया के मेडिकल स्टार्टअप्स और शोधकर्ताओं को झारखंड के ग्रामीण इलाकों की वास्तविक परिस्थितियों में अपनी आधुनिक चिकित्सा तकनीकों और उपकरणों का लाइव परीक्षण (Testing) करने का मौका मिलेगा।
📊 झारखंड मेड-टेक विजन 2026: मुख्य बिंदु और योजनाएं
कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विभाग और मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा राज्य के चिकित्सा ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए कई बड़े फैसलों की रूपरेखा साझा की गई:
योजना / पहल का नाम
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मुख्य उद्देश्य और प्रशासनिक लक्ष्य
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डिस्ट्रिक्ट सैंडबॉक्स (District Sandbox)
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वास्तविक सार्वजनिक स्वास्थ्य परिस्थितियों में नई मेडिकल तकनीकों का परीक्षण और प्रभाव का मूल्यांकन।
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अबुआ मेडिकल स्टोर (Abua Medical Store)
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राज्य के विभिन्न हिस्सों में 745 नए मेडिकल स्टोर खोले जाएंगे, जहां किफायती दवाएं मिलेंगी।
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मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार
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राज्य में एमबीबीएस (MBBS) और पीजी (PG) सीटों की बढ़ोतरी के साथ विशेषज्ञ डॉक्टरों की सीधी नियुक्ति।
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आईआईटी धनबाद का नवाचार
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पूर्व छात्रों द्वारा विकसित बिना फिल्म वाली पोर्टेबल डिजिटल एक्स-रे मशीन को धरातल पर उतारने की तैयारी।
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💬 “ग्रामीण और आदिवासी इलाकों के लिए वरदान बनेगी आधुनिक तकनीक” — मुख्यमंत्री
इनोवेटर्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड की भौगोलिक परिस्थितियां अलग हैं, इसलिए यहां तकनीक की भूमिका बहुत बड़ी है। उन्होंने कहा:
“भविष्य की पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था एआई (AI), बायो-इंजीनियरिंग और रियल-टाइम डेटा पर आधारित होने वाली है। झारखंड के युवाओं और इनोवेटर्स में अपार संभावनाएं हैं। हमारी सरकार स्टार्टअप्स और शोधकर्ताओं द्वारा विकसित की गई अत्याधुनिक तकनीकों को प्रयोगशाला से निकालकर सीधे धरातल और अस्पतालों तक पहुंचाने में हर संभव आर्थिक और प्रशासनिक सहयोग देगी।”
मुख्यमंत्री ने इस दौरान कार्यक्रम में प्रदर्शित आईआईटी (IIT) धनबाद के पूर्व छात्रों द्वारा बनाई गई पोर्टेबल डिजिटल एक्स-रे मशीन का बेहद बारीकी से अवलोकन किया और इसके बिना फिल्म वाले फीचर की सराहना की।
🏥 स्वास्थ्य मंत्री का बड़ा एलान: जल्द होगी एआई (AI) कॉन्फ्रेंस
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में स्वास्थ्य और शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए विभाग एक नए मॉडल पर काम कर रहा है। आने वाले दिनों में राज्य में एक बड़ी ‘एआई-आधारित स्वास्थ्य सेवा कॉन्फ्रेंस’ भी आयोजित की जाएगी, ताकि इलाज में रोबोटिक्स और एआई का इस्तेमाल बढ़ाया जा सके।
🤝 सरकार, इनोवेटर्स और समुदायों का महामिलन
पीएचआईए (PHIA) फाउंडेशन के कार्यकारी निदेशक श्री जॉनसन टोपनो ने डिस्ट्रिक्ट सैंडबॉक्स के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पहल सरकार, डॉक्टरों और इनोवेटर्स को एक मंच पर लाती है, जिससे आम जनता के जीवन में सीधा और सकारात्मक बदलाव आएगा।
इस ऐतिहासिक तकनीकी समागम के अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के अलावा अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अभियान निदेशक श्री शशि प्रकाश झा सहित स्वास्थ्य विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी, सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ और विकास क्षेत्र के गणमान्य साझेदार उपस्थित रहे।