Home » मंईयां सम्मान योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा, 4068 महिलाओं से होगी वसूली
मंईयां सम्मान योजना में महा-फर्जीवाड़ा: जमशेदपुर में 6,974 अयोग्य महिलाओं के नाम कटे; 4,068 से होगी पाई-पाई की वसूली, दर्ज होगी FIR
मृतकों और पुरुषों के नाम पर भी उठाई जा रही थी राशि; बिहार की 142 महिलाएं भी रडार पर, प्रशासन ने नॉन-डीबीटी खातों का भुगतान रोका
जमशेदपुर, 15 जून 2026:
झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना’ में सेंधमारी करने वाले जालसाजों पर जमशेदपुर जिला प्रशासन ने सर्जिकल स्ट्राइक शुरू कर दी है। विभागीय जांच और जमीनी स्तर पर किए गए भौतिक सत्यापन (Physical Verification) में भारी गड़बड़ी उजागर हुई है। गलत दस्तावेज और झूठे तथ्य देकर योजना का अवैध लाभ उठाने वाली 4,068 पूरी तरह अयोग्य महिलाओं से अब तक ट्रांसफर की गई पूरी राशि वापस वसूली (Recovery) जाएगी। जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जालसाजी करने वालों के खिलाफ सिर्फ रिकवरी ही नहीं, बल्कि सख्त कानूनी कार्रवाई (FIR) भी की जाएगी।
📊 जमशेदपुर जिले में जांच के मुख्य आंकड़े: एक नजर में
सामाजिक सुरक्षा विभाग की इस ताबड़तोड़ जांच के बाद जिले में खलबली मच गई है। इस कार्रवाई से जुड़े मुख्य आंकड़े और मौजूदा स्थिति नीचे तालिका में दी गई है:
जांच का मुख्य बिंदु
|
प्रशासनिक आंकड़े व स्थिति
|
कुल पंजीकृत लाभुक
|
3,07,071
|
अब तक हुआ भौतिक सत्यापन
|
2,89,019 (लगभग 90% कार्य पूरा)
|
सूची से हटाए गए कुल नाम
|
6,974 लाभुक अयोग्य घोषित
|
जिनसे होगी राशि की वसूली
|
4,068 लाभुक (पूरी राशि रिकवरी का आदेश)
|
जांच के लिए बचे शेष लाभुक
|
11,078 (लगभग 10% सत्यापन बाकी)
|
बाहरी राज्यों की चिन्हित महिलाएं
|
बिहार की रहने वाली 142 महिलाएं अवैध रूप से लाभ लेते पकड़ी गईं
|
🚨 मृतकों और पुरुषों को भी मिल रहा था लाभ!
जांच टीम को फील्ड वेरिफिकेशन के दौरान ऐसे हैरान करने वाले मामले मिले हैं, जहां नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही थीं:
मृतकों के नाम पर उठ रहा था पैसा: कई मामलों में जिन महिलाओं की मृत्यु हो चुकी है, उनके नाम पर भी अवैध रूप से राशि डकार ली गई।
पुरुषों ने भी मारी सेंध: इससे पहले जांच में एक ऐसा पुरुष भी पकड़ा गया था जो चुपके से इस महिला केंद्रित योजना की राशि ले रहा था। प्रशासन ने उससे पूरी राशि वापस सरकारी खजाने में जमा करा ली है।
बिहार की निवासी भी शामिल: बिहार की मूल निवासी 142 महिलाओं को चिन्हित किया गया है, जो नियमों के विरुद्ध पूर्वी सिंहभूम जिले का फर्जी पता देकर लाभ ले रही थीं।
🛑 नॉन-डीबीटी (DBT) खातों पर लगी रोक
सामाजिक सुरक्षा विभाग की प्रभारी सहायक निदेशक रूपा रानी तिर्की ने बताया कि जिन लाभार्थियों के बैंक खातों में आधार लिंक नहीं है या नॉन-डीबीटी (Direct Benefit Transfer) से जुड़ी समस्याएं हैं, उनका भुगतान फिलहाल तुरंत प्रभाव से रोक दिया गया है। पूरी तरह जांच और सुधार होने के बाद ही उनके खातों पर विचार किया जाएगा।
💬 “पात्र महिलाओं का हक नहीं मरने देंगे” — प्रशासन
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि शेष 10 प्रतिशत लाभार्थियों की जांच भी अगले कुछ दिनों में पूरी कर ली जाएगी, जिसके बाद वास्तविक और हकदार लाभार्थियों की एक अंतिम सूची (Final List) तैयार होगी।
प्रशासन ने सख्त लहजे में स्पष्ट कर दिया है कि मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना का लाभ केवल और केवल झारखंड की जरूरतमंद व पात्र महिलाओं तक पारदर्शी रूप से पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए फर्जीवाड़ा करने वालों को जेल भेजा जाएगा, जबकि सही व योग्य महिलाओं को योजना का लाभ बिना किसी रुकावट के निर्बाध रूप से मिलता रहेगा।