राज्यसभा चुनाव के बाद महागठबंधन में ‘दरार’! RJD के आरोपों पर भड़की कांग्रेस; बोली- “अपने घर में लगी आग का ठीकरा हमारे सिर न फोड़ें”
रांची: झारखंड राज्यसभा चुनाव के नतीजों के बाद सत्ताधारी इंडिया (INDIA) गठबंधन के भीतर की रार अब खुलकर सड़कों पर आ गई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेताओं द्वारा कांग्रेस और उसके केंद्रीय नेतृत्व पर लगाए गए आरोपों पर झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने बेहद तल्ख और कड़ा रुख अख्तियार किया है।
शुक्रवार, 19 जून 2026 को झारखंड कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर आरजेडी नेताओं के बयानों को अमर्यादित, आधारहीन और दुर्भावनापूर्ण बताते हुए कहा कि इन हरकतों से महागठबंधन की मर्यादा तार-तार हुई है।
🤫 “खुद के विधायकों पर भरोसा नहीं, तो कांग्रेस पर क्यों निकाल रहे खीझ?”
कांग्रेस मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने आरजेडी नेतृत्व को आईना दिखाते हुए सीधे शब्दों में कहा:
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अधिकार क्षेत्र से बाहर: आरजेडी नेताओं द्वारा कांग्रेस के भीतर गुटबाजी और संगठनात्मक स्थिति पर टिप्पणी करना उनके अधिकार क्षेत्र से बिल्कुल बाहर है। कांग्रेस एक राष्ट्रीय पार्टी है और अपने आंतरिक मामलों को संभालने में पूरी तरह सक्षम है।
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भीतरघात का सच: यदि किसी दल (RJD) को अपने ही विधायकों और नेताओं पर भरोसा नहीं है, तो अपनी राजनीतिक खीझ और असफलता का ठीकरा कांग्रेस पर फोड़ना बिल्कुल गलत और अनुचित है।
🚫 प्रभारी के. राजू पर अमर्यादित टिप्पणी ‘राजनीतिक दिवालियापन’ — कांग्रेस
कांग्रेस ने अपने झारखंड प्रभारी के. राजू के खिलाफ की गई निजी बयानबाजी पर आरजेडी को आड़े हाथों लिया:
”के. राजू जी के संबंध में की गई व्यक्तिगत टिप्पणियां न केवल दुर्भाग्यपूर्ण हैं बल्कि गठबंधन धर्म की भावना के भी खिलाफ हैं। जिन नेताओं ने उन्हें ‘बिकाऊ’ कहने जैसी घटिया भाषा का प्रयोग किया है, उन्हें पहले अपनी राजनीतिक संस्कृति और शब्दों की मर्यादा देखनी चाहिए। बिना किसी प्रमाण के किसी वरिष्ठ राष्ट्रीय नेता की छवि धूमिल करने का यह प्रयास सीधे तौर पर राजनीतिक दिवालियापन का परिचायक है।”
🔍 “सवाल आरजेडी के भीतर उठ रहे हैं, दूसरों के आंगन में धूल न उड़ाएं”
प्रेस विज्ञप्ति के जरिए कांग्रेस ने आरजेडी को अपने अंदर झांकने की सलाह दी है:
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अपनी जवाबदेही से भाग रहा आरजेडी: कांग्रेस का साफ कहना है कि राज्यसभा चुनाव के परिणामों और मतदान के दौरान जो कुछ भी हुआ, उसे लेकर कई गंभीर प्रश्न स्वयं आरजेडी के भीतर उठ रहे हैं। ऐसे में अपनी जवाबदेही से बचने के लिए कांग्रेस को निशाना बनाना सच्चाई को छिपाने का नाकाम प्रयास मात्र है।
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दबाव में नहीं आएगी कांग्रेस: राकेश सिन्हा ने आरजेडी नेताओं पर तंज कसते हुए कहा— “सच्चाई यह है कि जो लोग अपने घर के सवालों का जवाब नहीं दे पा रहे हैं, वे दूसरों के आंगन में धूल उड़ाकर जनता का ध्यान भटकाना चाहते हैं। कांग्रेस न तो किसी के दबाव में आने वाली है और न ही ऐसे झूठे आरोपों से विचलित होगी।”
🤝 आरजेडी आलाकमान से ‘संयम’ और ‘गठबंधन धर्म’ की उम्मीद
झारखंड कांग्रेस ने आरजेडी के शीर्ष नेतृत्व (लालू प्रसाद यादव/तेजस्वी यादव) से अपेक्षा की है कि वे झारखंड में अपने नेताओं को संयमित भाषा का प्रयोग करने की कड़ी हिदायत दें। कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि झूठे आरोप लगाकर कोई भी अपनी राजनीतिक नाकामियों पर पर्दा नहीं डाल सकता।




















