Home » JPSC-JSSC पेपर लीक: युवाओं के आक्रोश में जलकर भस्म होगी सरकार – आदित्य साहू
युवाओं के आक्रोश की आग में भस्म होगी सरकार: आदित्य साहू !
रांची: झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी व पेपर लीक मामले को लेकर अभ्यर्थियों का गुस्सा लगातार उबल रहा है। आंदोलनरत छात्रों के समर्थन में आते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने हेमंत सोरेन सरकार और इंडी (INDI) गठबंधन पर जोरदार हमला बोला है।
साहू ने कहा कि न्याय की मांग कर रहे युवाओं पर हेमंत सरकार की तानाशाही चरम पर पहुंच चुकी है। यह आक्रोश की आग इस सरकार को उखाड़ फेंकने का काम करेगी।
“आप तिरपाल छीन सकते हो, लेकिन युवाओं का जुनून नहीं”
बारिश और भीषण गर्मी में सड़कों पर डटे अभ्यर्थियों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए आदित्य साहू ने कहा:
“झारखंड का युवा बारिश में भीगते हुए अपने हक की लड़ाई लड़ रहा है, लेकिन प्रशासन इतना संवेदनहीन हो गया है कि अभ्यर्थियों को धूप और बारिश से बचने के लिए तिरपाल तक लगाने की अनुमति नहीं दी गई। हेमंत सोरेन जी, आप छात्रों से तिरपाल छीन सकते हैं, लेकिन उनके सीने में जल रही न्याय की मशाल और जुनून को नहीं बुझा सकते।”
राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की ‘खामोशी’ पर सवाल
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस नेतृत्व की दोहरी राजनीति को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि जब मामला दूसरे राज्यों का होता है तो कांग्रेस और इंडी गठबंधन के नेता हंगामा खड़ा करते हैं, लेकिन झारखंड में लाखों युवाओं का भविष्य बर्बाद होने पर राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने खामोशी की चादर ओढ़ रखी है।
“विडंबना देखिए कि जिन नेताओं को अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए थी, वे आज बच्चों के सिर से तिरपाल हटवा रहे हैं। क्या जब सत्ता अपनी हो, तो छात्रों की आवाज़ दबा दी जाती है? देश इस दोहरे चरित्र को देख रहा है।”
सूखा चावल खाकर आंदोलन करने को मजबूर छात्र
साहू ने आंदोलन स्थल की जमीनी हकीकत बयां करते हुए कहा कि राज्य के होनहार छात्र आज सड़कों पर सूखा चावल खाकर रात-दिन डटे हुए हैं। इसके बावजूद सरकार इतनी असंवेदनशील है कि वहां पीने के पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं तक की व्यवस्था नहीं की गई है।
सिस्टम में बैठा ‘सॉल्वर सिंडिकेट’, CBI जांच ही एकमात्र हल
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सीधी जवाबदेही मांगते हुए आदित्य साहू ने कहा:
बार-बार विवाद क्यों? झारखंड में हर भर्ती परीक्षा के बाद पेपर लीक और धांधली के आरोप ही क्यों सामने आते हैं?
मास्टरमाइंड कौन? यह बेहद शर्मनाक है कि सॉल्वर सिंडिकेट का मास्टरमाइंड खुद प्रशासनिक सेवा का अधिकारी बन बैठा है।
सीआईडी (CID) जांच सिर्फ खानापूर्ति: राज्य की जांच एजेंसियां केवल मामले को ठंडे बस्ते में डालने का काम कर रही हैं।
भाजपा ने स्पष्ट किया है कि जब तक पूरे JPSC-JSSC मामले की सीबीआई (CBI) जांच का आदेश नहीं दिया जाता, तब तक पार्टी छात्रों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष जारी रखेगी।