Home » झारखंड मतदाता सूची पुनरीक्षण: मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने दिए विशेष कैंप लगाने के निर्देश, विदेशी नागरिकों द्वारा गलत फॉर्म भरने पर होगी सीधे FIR
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने की समीक्षा बैठक: जिन क्षेत्रों में डिजिटाइजेशन धीमा, वहां कैंप लगाकर कार्य में लाएं तेजी !
रांची: राज्य में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (Special Intensive Revision Program) को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री के. रवि कुमार ने शुक्रवार को ज़ूम मीट के माध्यम से एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारी (DEO), ERO, AERO, उप निर्वाचन पदाधिकारी, कंप्यूटर ऑपरेटर एवं बीएलओ सुपरवाइजर शामिल हुए।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों में डिजिटाइजेशन का काम धीमी गति से चल रहा है, वहां विशेष कैंप लगाकर कार्य में तेजी लाई जाए ताकि इसे तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जा सके।
📌 मुख्य बिंदु और महत्वपूर्ण तिथियां (Highlights)
📆 14 जुलाई को विशेष आयोजन: राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर अनिवार्य रूप से ‘चुनाव पाठशाला’ और बीएलओ (BLO) व बीएलए-2 (BLA-2) की संयुक्त बैठक आयोजित होगी।
📢 पारदर्शिता पर जोर: चुनाव पाठशाला में एएसडीडी (ASDD) सूची को पढ़कर उपस्थित लोगों को सुनाया जाएगा ताकि प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहे।
🎥 AI वीडियो ट्यूटोरियल की मदद: इन्यूमरेशन फॉर्म भरने से संबंधित किसी भी संशय को दूर करने के लिए मतदाता मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय द्वारा जारी एआई वीडियो ट्यूटोरियल की सहायता ले सकते हैं, जो सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है।
⚠️ विदेशी नागरिकों द्वारा गलत फॉर्म भरने पर सीधे होगी FIR
श्री के. रवि कुमार ने कड़े शब्दों में सचेत किया कि इन्यूमरेशन फॉर्म केवल पात्र भारतीय नागरिकों द्वारा ही भरा जाना है।
कानूनी चेतावनी: लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत किसी भी विदेशी नागरिक द्वारा अवैध रूप से फॉर्म भरना, गलत या भ्रामक जानकारी देना, अथवा बिना हस्ताक्षर किए फॉर्म जमा करना एक दंडनीय अपराध है। ऐसा करने वाले विदेशी नागरिकों के खिलाफ संबंधित ERO द्वारा सीधे FIR दर्ज की जाएगी।
📝 इन्यूमरेशन फॉर्म (Enumeration Form) कैसे भरें?
बीएलओ द्वारा मतदाताओं के घर-घर तक दो प्रतियों में इन्यूमरेशन फॉर्म पहुंचाया जा रहा है। फॉर्म के सबसे ऊपरी हिस्से पर संबंधित बीएलओ का नाम और मोबाइल नंबर अंकित है।
फॉर्म के भाग और जरूरी नियम:
भाग 1 (पहले से मुद्रित): इसमें मतदाता का नाम, एपिक नंबर (Voter ID Number), पता, भाग संख्या और विधानसभा क्षेत्र की जानकारी पहले से प्रिंटेड है। यहाँ एक यूनिक क्यूआर कोड भी है। इसके बगल में मतदाता को अपनी नई रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो चिपकानी होगी (या बीएलओ ऐप में अपलोड करानी होगी)।
भाग 3 (सामान्य जानकारी): इसमें जन्म तिथि, आधार नंबर (वैकल्पिक), मोबाइल नंबर और माता-पिता/पति-पत्नी का विवरण भरना है। ध्यान दें: वर्तमान के अन्य दस्तावेजों में यदि कोई त्रुटि है, तो उसे वोटर आईडी में न भरें। वर्तमान की सही जानकारियां ही दर्ज करें।
भाग 4 (घोषणा और हस्ताक्षर): इसमें तीन महत्वपूर्ण कानूनी घोषणाएं हैं (जैसे- अन्य देश की नागरिकता न होना आदि)। यदि परिवार का कोई वयस्क सदस्य किसी अन्य सदस्य की अनुपस्थिति में इसे भर रहा है, तो उसे हस्ताक्षर के साथ मतदाता से अपने संबंध का उल्लेख करना होगा।
🔍 भाग 2: जन्म तिथि के अनुसार विवरण भरने की 3 स्थितियां
विगत एसआईआर (SIR) सूची के अनुसार विवरण दर्ज करने के लिए उम्र के आधार पर तीन अलग-अलग स्थितियां तय की गई हैं:
स्थितिजन्म तिथि की अवधिफॉर्म में क्या भरना है?
पहली स्थिति1 जुलाई 1987 से पहलेप्रपत्र के बाएं हिस्से में हूबहू केवल स्वयं का विवरण (नाम, एपिक नंबर, पिता का नाम आदि) दर्ज करें।
दूसरी स्थिति1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीचफॉर्म के दाएं हिस्से में माता या पिता में से किसी एक का विवरण (नाम, एपिक संख्या आदि) भरना होगा।
तीसरी स्थिति2 दिसंबर 2004 के बाददाएं हिस्से को बीच से विभाजित करके एक तरफ पिता और दूसरी तरफ माता, दोनों का विवरण स्पष्ट रूप से भरना है।
बैठक में उपस्थिति:
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक के दौरान अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुबोध कुमार, अवर निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुनील कुमार सहित राज्य के सभी जिलों के निर्वाचन पदाधिकारी और तकनीकी कर्मी उपस्थित थे।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की अपील: मतदाताओं से आग्रह है कि बीएलओ द्वारा उपलब्ध कराए गए इन्यूमरेशन फॉर्म को यथाशीघ्र, सही-सही भरकर और हस्ताक्षर करके वापस लौटा दें, ताकि एक शुद्ध और पारदर्शी मतदाता सूची तैयार की जा सके।