Home » झारखंड सिनेमा को मिलेगी वैश्विक पहचान: “मीट द मेंटर” में बोले प्रसिद्ध फिल्म एडिटर असीम सिन्हा
झारखंड सिनेमा को वैश्विक पहचान दिलाने की अपार संभावनाएं: ‘मीट द मेंटर’ कार्यक्रम में बोले फिल्म एडिटर असीम सिन्हा !
रांची : झारखंड के स्थानीय सिनेमा में वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाने की पूरी क्षमता है। इसके लिए शहरों से लेकर गांवों तक एक सकारात्मक सिनेमाई माहौल तैयार करने की सख्त जरूरत है। यह बात मशहूर फिल्म एडिटर और 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (नन-फीचर श्रेणी) के जूरी अध्यक्ष असीम सिन्हा ने कही।

असीम सिन्हा रांची स्थित सूचना भवन सभागार में झारखंड फिल्म विकास निगम लिमिटेड (JFDCL) द्वारा आयोजित “मीट द मेंटर” कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
सिनेमा इंफ्रास्ट्रक्चर और सीड फंडिंग पर जोर
कार्यक्रम के दौरान राज्य में फिल्म उद्योग के भविष्य पर चर्चा करते हुए असीम सिन्हा ने प्रमुख बिंदु रखे:
इंफ्रास्ट्रक्चर विकास: झारखंड में केवल वित्तीय सहायता ही नहीं, बल्कि सिनेमा इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रामीण क्षेत्रों में ‘सिनेमा कल्चर’ को बढ़ावा देना बेहद आवश्यक है।
सीड फंडिंग और मेंटरिंग: स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए फिल्मों के लिए सीड फंडिंग की व्यवस्था और मजबूत स्क्रिप्ट मूल्यांकन प्रणाली विकसित होनी चाहिए।
दक्षिण भारतीय सिनेमा की तर्ज पर विकास: सरकारी प्रयासों को गति देकर राज्य के फिल्म उद्योग को दक्षिण भारतीय सिनेमा की तरह समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।
“सीखने की प्रक्रिया कभी समाप्त नहीं होती, मैं आज भी सीख रहा हूँ। स्थानीय भाषा, कला और प्रतिभाओं को प्राथमिकता देकर ही झारखंड की फिल्मों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया जा सकता है।”
— असीम सिन्हा, प्रसिद्ध फिल्म एडिटर
30 वर्षों का अनुभव और 100 से अधिक फिल्में
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के संयुक्त निदेशक श्री आनंद ने असीम सिन्हा के फिल्मी सफर को रेखांकित करते हुए बताया कि:
असीम सिन्हा ने 30 से अधिक वर्षों के करियर में 100 से ज्यादा फिल्मों का संपादन (Editing) किया है।
उन्होंने श्याम बेनेगल, तिगमांशु धूलिया, चंद्रप्रकाश द्विवेदी, केतन मेहता, कुंदन शाह और कल्पना लाजमी जैसे दिग्गजों के साथ काम किया है।
रांची से पढ़ाई पूरी करने के बाद मुंबई का रुख करने वाले असीम सिन्हा ने बताया कि पिछले 40 वर्षों से उनकी इच्छा झारखंड में एक फिल्म इंस्टीट्यूट की स्थापना देखने की थी, जो अब साकार होती दिख रही है।
अतिथियों द्वारा सम्मान
कार्यक्रम की शुरुआत में विभाग के उपनिदेशक सैय्यद राशिद अख्तर ने असीम सिन्हा को शॉल और मोमेंटो भेंटकर सम्मानित किया। इस अवसर पर सहायक निदेशक अभय कुमार, जेब अख्तर, अनुज कुमार, महेश माझी समेत कला और फिल्म जगत की कई गणमान्य हस्तियां उपस्थित थीं।
