Home » रामगढ़ फैक्ट्री हादसा: हेहल में टरबाइन ब्लास्ट से 3 इंजीनियरों की दर्दनाक मौत, 1 गंभीर; प्रबंधन पर उठीं उंगलियां
रामगढ़ (झारखंड): रामगढ़ जिले के पतरातू प्रखंड अंतर्गत बरकाकाना ओपी क्षेत्र के हेहल स्थित मां छिन्नमस्तिका सीमेंट एंड इस्पात प्राइवेट लिमिटेड फैक्ट्री में शुक्रवार देर रात (करीब 11:10 बजे) एक भीषण हादसा हो गया। फैक्ट्री के पावर प्लांट में टरबाइन ब्लास्ट होने से ड्यूटी पर तैनात तीन इंजीनियरों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक अन्य इंजीनियर गंभीर रूप से झुलस गया।
हादसे में हताहत हुए कर्मी
मृतक:
संजीव केसरी (शिफ्ट इंचार्ज, निवासी: हाउसिंग कॉलोनी, धनबाद)
अभिषेक पांडेय (इंजीनियर, निवासी: नगर ऊंटारी, गढ़वा)
विनीत महतो (इंजीनियर, निवासी: जगेश्वर बिहार, बोकारो)
गंभीर रूप से घायल:
तरुण रवानी (इंजीनियर, निवासी: हजारीबाग) – फिलहाल रांची के निजी अस्पताल (द हॉप हॉस्पिटल) में इलाज जारी है।
प्रबंधन की बड़ी लापरवाही बनी हादसे की वजह?
घटना के संबंध में सहकर्मियों और प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि टरबाइन पैनल कंट्रोल रूम का AC (एयर कंडीशनर) कई दिनों से खराब पड़ा था। इस संबंध में प्रबंधन को बार-बार सूचित भी किया गया था ताकि तापमान नियंत्रित रह सके, लेकिन समय रहते कोई ध्यान नहीं दिया गया।
कैसे हुआ हादसा?
शुक्रवार देर रात कंट्रोल रूम में भीषण ओवरहीटिंग (अत्यधिक गर्मी) के कारण पैनल सिस्टम पूरी तरह से फेल हो गया। ड्यूटी पर मौजूद इंजीनियरों की टीम ने तुरंत इमरजेंसी सिस्टम शुरू करने की कोशिश की, लेकिन वह भी काम नहीं कर सका। इसी दौरान एक जोरदार धमाके के साथ टरबाइन ब्लास्ट हो गया।
फैला तेल, भड़की भीषण आग
धमाका इतना तेज था कि टरबाइन के भीतर भरा जलता हुआ तेल पूरे कंट्रोल रूम में फैल गया। पल भर में पूरा कमरा आग की लपटों से घिर गया, जिससे वहां काम कर रहे कर्मियों को संभलने या बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। घटना के बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई। दमकल की गाड़ियों और स्थानीय लोगों की मदद से काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
कर्मियों और ग्रामीणों में आक्रोश
इस दर्दनाक हादसे के बाद से ही फैक्ट्री कर्मचारियों और स्थानीय ग्रामीणों में भारी गुस्सा है। लोग प्रबंधन की लापरवाही के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं और मृतकों के परिजनों के लिए उचित मुआवजे तथा आश्रितों को नौकरी देने की मांग पर अड़े हुए हैं। मौके पर पुलिस बल पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने में जुटी है।