Home » झारखंड: 108 एम्बुलेंस सेवा में करोड़ों का घोटाला! बाबूलाल मरांडी का सरकार पर बड़ा हमला
खराब पड़ी एम्बुलेंस का भी हुआ प्रतिमाह ₹93,000 का भुगतान, कर्मचारियों के वेतन और PF में हेराफेरी का लगा आरोप; एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने की मांग।
रांची: झारखंड में 108 एम्बुलेंस सेवा के संचालन में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता बाबूलाल मरांडी ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखकर इस पूरे ‘लूट तंत्र’ की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषी एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने की मांग की है।
मरांडी ने साक्ष्यों के हवाले से आरोप लगाया है कि राज्य में कई महीनों से कबाड़ बनी पड़ी एम्बुलेंस वाहनों का भी सरकार द्वारा निर्धारित दर पर प्रतिमाह भुगतान किया जा रहा है।
घोटाले और अनियमितताओं के 3 बड़े बिंदु:
1. कबाड़ एम्बुलेंस के नाम पर ₹5.74 करोड़ का भुगतान:
राज्य में कुल 543 एम्बुलेंस में से लगभग 80 एम्बुलेंस विभिन्न जिलों में महीनों से खराब पड़ी हैं। इसके बावजूद संचालक एजेंसी ‘सम्मान फाउंडेशन’ (पटना) को प्रति एम्बुलेंस ₹93,000 प्रतिमाह की दर से कुल ₹5,074,74,000 (5.74 करोड़ रुपये) का अवैध भुगतान कर दिया गया।
2. ₹7.12 करोड़ के PF/ESI राशि का गबन:
एजेंसी द्वारा फरवरी 2025 से अक्टूबर 2025 तक (9 माह) लगभग 2200 चालकों, तकनीशियनों और कॉल सेंटर कर्मचारियों की PF और ESI राशि जमा नहीं की गई है, जो करीब 7.12 करोड़ रुपये बैठती है।
3. कर्मचारियों का 18 महीने का वेतन बकाया:
एम्बुलेंस सेवा में कार्यरत कर्मचारियों का फरवरी 2025 से जुलाई 2026 तक का वेतन और ओवरटाइम का भुगतान लंबित है, जिससे कर्मचारियों के समक्ष आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
बाबूलाल मरांडी की प्रमुख मांगें:
उच्चस्तरीय जांच: एम्बुलेंस सेवा में हुई वित्तीय लूट की निष्पक्ष और त्वरित जांच हो।
राशि की वसूली व ब्लैकलिस्टिंग: संचालन एजेंसी सम्मान फाउंडेशन से अधिक भुगतान की गई राशि वापस ली जाए और इसे तुरंत काली सूची (Blacklist) में डाला जाए।
कड़ी कार्रवाई: इस गड़बड़ी में शामिल विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
कर्मचारियों का बकाया भुगतान: कर्मचारियों के लंबित वेतन और PF/ESI का अविलंब निपटारा हो।